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अजीत पवार मामले के बाद VIP सुरक्षा पर DGCA सख्त, वीवीआईपी उड़ानों के लिए जारी की नई एयर सेफ्टी गाइडलाइन


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oi-Sohit Kumar

DGCA New Guidelines: नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने वीवीआईपी (VVIP) उड़ानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नई और सख्त गाइडलाइन जारी की है। हाल ही में अजीत पवार के विमान मामले के बाद, महानिदेशालय ने राज्यपाल, मुख्यमंत्री और अन्य विशिष्ट व्यक्तियों की हवाई यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की तकनीकी या सुरक्षा चूक को रोकने के लिए यह कदम उठाया है।

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DGCA द्वारा जारी यह आदेश मुख्य रूप से निम्नलिखित श्रेणियों के वीआईपी यात्रियों की सुरक्षा के लिए है:

  • राज्यपाल
  • मुख्यमंत्री
  • राज्य कैबिनेट मंत्री
  • मुख्य सचिव
  • अन्य वरिष्ठ सरकारी अधिकारी

क्या हैं नई सुरक्षा गाइडलाइन?

उड़ान से पहले अनिवार्य जांच
हर वीआईपी उड़ान से पहले विमान की गहन तकनीकी जांच और सुरक्षा मूल्यांकन (Security Assessment) अनिवार्य होगा। किसी भी छोटी तकनीकी कमी की स्थिति में उड़ान की अनुमति नहीं दी जाएगी।

प्रमाणित विमान और अनुभवी क्रू
केवल वही विमान उड़ान भर सकेंगे जिनके पास वैध ‘एयरवर्थिनेस सर्टिफिकेट’ होगा। साथ ही, पायलट और क्रू का अनुभवी और विशेष रूप से प्रशिक्षित होना अनिवार्य है।

मौसम और ऑपरेशन की निगरानी
खराब मौसम या किसी भी जोखिमपूर्ण परिस्थिति में उड़ान भरने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। सुरक्षा मानकों के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

भार और संतुलन
विमान के भार को निर्धारित सीमा के भीतर रखना अनिवार्य होगा, ताकि संतुलन बिगड़ने के कारण कोई दुर्घटना न हो।

आधुनिक संचार प्रणाली
आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए विमान में आधुनिक और पूरी तरह कार्यशील नेविगेशन और संचार सिस्टम होना आवश्यक है।

एयर ऑपरेटरों और पायलटों के लिए शर्तें
DGCA ने सभी एयर ऑपरेटर कंपनियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे अपनी SOP (Standard Operating Procedure) को अपडेट रखें और हर उड़ान के लिए जोखिम मूल्यांकन करें।

पायलटों के लिए विशेष योग्यता
फिक्स्ड विंग एयरक्राफ्ट के लिए पायलट के पास कम से कम 2000 घंटे की कुल उड़ान का अनुभव होना चाहिए। इसके साथ ही, पायलट-इन-कमांड (PIC) के रूप में पर्याप्त अनुभव और पिछले 30 से 90 दिनों के भीतर सक्रिय उड़ान का रिकॉर्ड होना अनिवार्य है।

हाल के वर्षों में वीआईपी उड़ानों में हुई तकनीकी गड़बड़ियों को देखते हुए DGCA का यह कदम बेहद अहम माना जा रहा है। नियमों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों या संबंधित अधिकारियों पर अब कड़ी कार्रवाई की जाएगी।



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