बढ़ती महंगाई के बीच आम आदमी की रसोई और उसके बजट से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है। रेटिंग एजेंसी क्रिसिल इंटेलिजेंस की रोटी राइस रेट नाम की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, मार्च 2026 में घर पर पकाई जाने वाली खाने की थाली की कीमतों में मिला-जुला रुख देखने को मिला है। उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम भारत की कीमतों के आधार पर तैयार की गई इस रिपोर्ट में बताया गया है कि किन चीजों ने आपकी थाली को महंगा किया और किनसे आपको राहत मिली।
आइए आसान सवाल-जवाब के जरिए समझते हैं कि पिछले महीने आम आदमी की थाली का बजट कैसा रहा।
सवाल: मार्च 2026 में शाकाहारी और मांसाहारी थाली की कीमतों में क्या बदलाव आया?
जवाब: रिपोर्ट के मुताबिक, सालाना आधार पर मार्च 2026 में मांसाहारी थाली की कीमत में 1 प्रतिशत की गिरावट आई है। वहीं, शाकाहारी थाली की कीमत पिछले साल के मुकाबले पूरी तरह स्थिर रही है। हालांकि, यदि मासिक आधार पर तुलना करें, तो शाकाहारी थाली 3 प्रतिशत और मांसाहारी थाली 2 प्रतिशत सस्ती हुई है।
सवाल: प्याज और आलू की कीमतों ने आम आदमी को कितनी राहत दी?
जवाब: सब्जियों के मोर्चे पर प्याज और आलू ने आम आदमी को बड़ी राहत दी है। सालाना आधार पर प्याज की कीमतों में 25 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई है। इसका मुख्य कारण रबी और लेट खरीफ फसल की एक साथ बंपर पैदावार, कमजोर निर्यात और ज्यादा सप्लाई है। इसी तरह, होटल और रेस्टोरेंट सेक्टर से मांग कम होने के कारण आलू की कीमतें भी 13 प्रतिशत गिर गई हैं।
सवाल: जब प्याज-आलू सस्ते हुए, तो शाकाहारी थाली की कीमत क्यों नहीं घटी?
जवाब: शाकाहारी थाली का बजट मुख्य रूप से टमाटर ने बिगाड़ दिया है। मार्च 2025 में जो टमाटर 21 रुपये प्रति किलो बिक रहा था, वह मार्च 2026 में 33 प्रतिशत महंगा होकर 28 रुपये प्रति किलो हो गया है। दरअसल, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश जैसे प्रमुख उत्पादक राज्यों में बुवाई में देरी के कारण टमाटर की पैदावार और बाजार में इसकी आवक बुरी तरह प्रभावित हुई है।



