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ईरान-इजरायल में जंग लेकिन भारत टेंशन फ्री, इतने दिनों का स्टॉक है कच्चा तेल, पेट्रोल-डीजल नहीं होगा महंगा


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oi-Pallavi Kumari

Iran War Impact India Petrol Diesel Update: मिडिल ईस्ट में ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच भड़की जंग ने पूरी दुनिया की धड़कनें बढ़ा दी हैं, लेकिन भारत फिलहाल घबराया नहीं है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक देश कच्चे तेल, एलपीजी और एलएनजी के मामले में “आरामदायक स्थिति” में है। भारत के पास 25 दिनों का कच्चे तेल का भंडार मौजूद है, जबकि 25 दिन का तेल और उत्पाद समुद्री रास्ते में ट्रांजिट में है। यानी तत्काल सप्लाई पर कोई बड़ा खतरा नहीं दिख रहा है।

तेल मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने हाल ही में राज्यसभा में बताया था कि भारत का स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व वैश्विक संकट की स्थिति में 74 दिन तक देश की जरूरतें पूरी कर सकता है। उन्होंने साफ कहा था कि भारत सिर्फ भूमिगत कैवर्न में रखे भंडार से ही नहीं, बल्कि रिफाइनरियों में मौजूद स्टॉक को भी जोड़कर अपनी गणना करता है। आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में रणनीतिक भंडार मौजूद हैं और ओडिशा में भी नई सुविधा शुरू करने की तैयारी है।

Iran War Impact India Oil Reserve

इस वजह से तेल की आवाजाही पर हुआ असर

स्थिति तब और गंभीर हो गई जब ईरान ने होरमुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद करने का ऐलान कर दिया। यह वही समुद्री रास्ता है जहां से दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल की आवाजाही होती है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के सलाहकार इब्राहीम जब्बारी ने चेतावनी दी कि इस रास्ते से गुजरने की कोशिश करने वालों को कड़ा जवाब मिलेगा।

सूत्रों के मुताबिक सामान्य दिनों में जहां रोज 100 से ज्यादा जहाज गुजरते थे, वहीं अब हालात ये हैं कि एक दिन में महज एक या दो टैंकर ही निकल पा रहे हैं। करीब 700 से ज्यादा तेल टैंकर दोनों ओर फंसे हुए हैं और कई जहाजों पर हमले की भी खबरें हैं।

भारत क्यों टेंशन फ्री है (India Energy Security)

दुनिया जहां तेल संकट की आशंका से सहमी है, वहीं भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत रखा है। 25 दिन का कच्चा तेल स्टॉक, 25 दिन का ट्रांजिट भंडार और 74 दिन की रणनीतिक क्षमता भारत को फिलहाल राहत दे रही है। विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर हालात और न बिगड़े तो आम लोगों को पेट्रोल-डीजल की कीमतों में तत्काल उछाल नहीं झेलना पड़ेगा। मिडिल ईस्ट की जंग वैश्विक अर्थव्यवस्था को हिला सकती है, लेकिन भारत की तैयारी फिलहाल उसे बड़ी ऊर्जा टेंशन से बचाए हुए है।

खामेनेई की मौत के बाद बढ़ा तनाव (Iran Leadership Crisis)

यह संकट उस एयरस्ट्राइक के बाद गहराया जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई (Ali Khamenei) और शीर्ष सैन्य नेतृत्व की मौत की खबर सामने आई। इसके बाद ईरान ने जलडमरूमध्य बंद करने का फैसला लिया, जिससे वैश्विक बाजारों में ऊर्जा संकट की आशंका तेज हो गई।



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