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‘एक रोटी के बदले जिस्म’, कश्मीरी महिलाओं के साथ ISI आतंकियों की हैवानियत का PAK मुफ्ती का खुलासा, कौन है ये?


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oi-Bhavna Pandey

Kashmir woman physical abuse: पाकिस्तान के एक प्रमुख देवबंदी धर्मगुरु मुफ्ती सईद खान ने कश्मीर में आतंकवादियों द्वारा कश्मीरी महिलाओं के व्यवस्थित यौन शोषण को लेकर एक सनसनीखेज दावा किया है। उन्होंने खुलासा किया कि किस तरह आतंकी, जो स्वयं को धार्मिक योद्धा बताते हैं, वो कमजोर महिला शरणार्थियों को भाेजन के बदले यौन संबंध बनाने के लिए मजबूर करते थे।

पाकिस्‍तान के मुफ्ती ने ‘कश्मीर और हमारा पाखंड’ शीर्षक वाले अपने व्याख्यान के दौरान ये चौंकाने वाले खुलासे किए। खान ने सार्वजनिक तौर पर यह स्वीकार किया कि राज्य-समर्थित आतंकवादियों द्वारा कश्मीर में महिलाओं का बड़े पैमाने पर और व्यवस्थित शोषण किया जा रहा है।

Kashmir woman physical abuse

‘एक रोटी के बदले जिस्म का सौदा’ करते हैं आतंकी’

खान ने अपने खुलासे में बताया कि किस तरह आतंकवादियों – जिन्हें अक्सर धार्मिक योद्धा या ‘मुजाहिदीन’ कहा जाता है – ने विस्थापन शिविरों में रह रहीं कश्मीरी मुस्लिम महिलाओं और लड़कियों को ‘एक रोटी’ के बदले अपनी देह का व्यापार करने के लिए मजबूर किया। उन्होंने इसे विद्रोह की ‘गहरी सच्चाई’ बताया, जो अब तक छुपी हुई थी।

कौन हैं मुफ्ती सईद खान?

मुफ्ती सईद खान पाकिस्‍तान के जाने-माने धार्मिक गुरु हैं और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के एक करीबी सहयोगी भी रहे हैं। मुफ्ती सईद खान खुद एक देवबंदी धर्मगुरु हैं।

क्या है पूरा मामला?

भारत के शीर्ष खुफिया सूत्रों के मुताबिक, मुफ्ती सईद खान का बयान एक बेहद अहम और दुर्लभ अंदरूनी खुलासा माना जा रहा है। कहा जा रहा है कि यह बयान पाकिस्तान के धार्मिक और राजनीतिक हलकों के भीतर से आया है, जो अपने आप में असामान्य है। इससे पाकिस्तान के उस लंबे समय से चल रहे ‘पवित्र जिहाद’ वाले नैरेटिव की विश्वसनीयता पर बड़ा सवाल खड़ा होता है, जिसका इस्तेमाल वह कश्मीर में आतंकवाद को सही ठहराने के लिए करता रहा है।

ISI और आतंकवाद पर बड़ा दावा

न्यूज 18 की रिपोर्ट के अनुसार, ISI द्वारा हथियार और पैसा दिए गए आतंकवादी स्थानीय लोगों पर सुनियोजित तरीके से अत्याचार करते थे। यह बयान भारत के उन पुराने आरोपों को मजबूती देता है, जिनमें कहा जाता रहा है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी छद्म आतंकी समूहों को समर्थन देती है।

भारत के डोजियर से मेल खाता खुलासा

खुफिया सूत्रों ने यह भी बताया कि मुफ्ती सईद खान का यह कबूलनामा उन गोपनीय भारतीय डोजियर से पूरी तरह मेल खाता है, जो पहले ही अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ साझा किए जा चुके हैं। चूंकि यह बात पाकिस्तान के अपने सिस्टम के अंदर से सामने आई है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी अहमियत और भी बढ़ जाती है।

मानवाधिकार उल्लंघन

यह बयान उन अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार रिपोर्टों को भी मजबूती देता है, जिनमें विदेशी फंडिंग वाले आतंकवादियों द्वारा यौन हिंसा और आम लोगों के उत्पीड़न के मामलों का जिक्र किया गया है। इसे संघर्ष की ‘अंधेरी सच्चाई’ के रूप में देखा जा रहा है, जो दशकों से लगे आरोपों की पुष्टि करता है।

खुलासे पाक की खुली पोल

इस खुलासे से पाकिस्तान समर्थित विद्रोही समूहों की साख को बड़ा नुकसान पहुंचा है। यह साफ करता है कि कश्मीर के हक की लड़ाई का दावा करने वाले ये समूह असल में कमजोर और निर्दोष लोगों के शोषण में शामिल थे।



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