India
oi-Bhavna Pandey
Sabarimala Case: चुनावों के मौसम में केरल सरकार का रुख अचानक “नरम” हो गया है। पहले महिला श्रद्धालुओं के प्रवेश पर विरोध कर रही सरकार अब सुप्रीम कोर्ट में लिखित हलफनामे के जरिए यह दावा कर रही है कि सबरीमाला मंदिर की सदियों पुरानी परंपराओं की जांच केवल विशेषज्ञों की राय और धार्मिक विद्वानों की सलाह के बाद होनी चाहिए। चुनाव से पहले महिला वोटरों को खुश करने की यह कोशिश है, जिसमें मीठी-मीठी बातें और संवेदनशील भाषा का भरपूर इस्तेमाल किया गया है।
दरअसल, केरल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से सबरीमाला मंदिर की सदियों पुरानी परंपराओं पर निर्णय लेने से पहले विशेषज्ञ राय लेने का आग्रह किया है। इसमें महिलाओं पर आयु प्रतिबंध भी शामिल है। राज्य, जिसने पहले महिलाओं के प्रवेश पर प्रतिबंध का विरोध किया था, ने अब लिखित हलफनामे में अपना रुख बदल दिया है।

9 न्यायाधीशों की संविधान पीठ 7 अप्रैल, 2026 से इन संवैधानिक मुद्दों पर सुनवाई करेगी, जो 2018 के फैसले से जुड़े हैं, जिसमें सभी उम्र की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश की अनुमति दी गई थी।
केरल का तर्क है कि पुरानी धार्मिक प्रथाओं की न्यायिक जांच सिर्फ अमूर्त कानूनी तर्क या जनमत पर आधारित नहीं होनी चाहिए, बल्कि हिंदू धर्मशास्त्र और समाज सुधार विशेषज्ञों के परामर्श के बाद होनी चाहिए।
सबरीमाला मामला, अनुच्छेद 25 और सुप्रीम कोर्ट की समीक्षा
अपने हलफनामे में, राज्य ने कहा कि अनुच्छेद 25 के तहत अदालत को यह आकलन करना चाहिए कि क्या कोई विश्वास धार्मिक अभ्यास के हिस्से के रूप में ईमानदारी से माना जाता है, न कि उसकी तर्कसंगतता को।
राज्य ने 13 नवंबर, 2007 के एक प्रति-हलफनामे का भी संदर्भ दिया, जिसमें कहा गया था कि वर्षों से चली आ रही धार्मिक प्रथाओं की न्यायिक समीक्षा “व्यापक परामर्श और उस धर्म के प्रख्यात धार्मिक विद्वानों तथा प्रतिष्ठित समाज सुधारकों के विचार आमंत्रित करने के बाद ही” होनी चाहिए। लिखित नोट ने जोर दिया कि अदालत को जटिल अनुष्ठानों का पहला व्याख्याकार नहीं बनना चाहिए, बल्कि विशेषज्ञों की राय का मूल्यांकन करना चाहिए।
यह दस्तावेज़ वरिष्ठ अधिवक्ता जयदीप गुप्ता और अधिवक्ता निश राजन शंकर के माध्यम से दायर किया गया था। इसमें यह भी जोड़ा गया कि श्रद्धालुओं की प्रतिक्रिया को महत्व दिया जाना चाहिए। दस्तावेज़ ने कहा, “सबरीमाला मंदिर के मामले में पिछला अनुभव और महिला श्रद्धालुओं सहित भक्तों की प्रतिक्रिया, उपरोक्त दलील का समर्थन करेगी।”
SC ने 9 न्यायाधीशों की पीठ के लिए सात प्रश्न तय किए हैं?
सुप्रीम कोर्ट ने 9 न्यायाधीशों की पीठ के लिए सात प्रश्न तय किए हैं। ये मुद्दे केवल सबरीमाला तक सीमित नहीं हैं, बल्कि संविधान के भाग III के तहत आस्था, समानता और धार्मिक संप्रदायों के अधिकारों से संबंधित भविष्य के मामलों का मार्गदर्शन करेंगे। सुनवाई 7 अप्रैल, 2026 से शुरू होगी।
प्रश्न क्या हैं?
- अनुच्छेद 25 और 26 में धर्म की स्वतंत्रता अन्य मौलिक अधिकारों से कैसे संबंधित है;
- अनुच्छेद 25(1) के तहत “सार्वजनिक व्यवस्था, नैतिकता और स्वास्थ्य” का दायरा;
- अनुच्छेद 25 और 26 में “नैतिकता” का अर्थ और उसकी सीमा
- क्या इसमें संवैधानिक नैतिकता शामिल है
- आवश्यक धार्मिक प्रथाओं की पहचान में न्यायिक समीक्षा की सीमाएँ क्या हैं?
- इनमें अनुच्छेद 25(2)(b) में “हिंदुओं के वर्गों” वाक्यांश की व्याख्या, क्या आवश्यक धार्मिक प्रथाओं को अनुच्छेद 26 के तहत विशेष संरक्षण मिलता है
- क्या कोई गैर-धार्मिक व्यक्ति जनहित याचिका के जरिए किसी संप्रदाय की प्रथाओं को चुनौती दे सकता है, जैसे मुद्दे हैं।
ये प्रश्न 28 सितंबर, 2018 के सुप्रीम कोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली पुनर्विचार याचिकाओं से सामने आए, जिसने 10 से 50 वर्ष की महिलाओं के मंदिर प्रवेश पर लगे प्रतिबंध को संवैधानिक गारंटी के असंगत मानते हुए हटा दिया था।
मुद्दों की सुनवाई करने वाली यह पीठ केवल सबरीमाला विवाद के तथ्यों को फिर से नहीं खोलेगी। इसके बजाय, यह भविष्य के उन संघर्षों के लिए कानूनी मानदंड निर्धारित करेगी जहाँ धार्मिक स्वायत्तता भारत में गैर-भेदभाव, गरिमा और सार्वजनिक पूजा स्थलों तक पहुँच जैसे अधिकारों से टकराती हुई प्रतीत हो सकती है।
-

ईरान-इजराइल युद्ध के कारण रद्द होगा IPL 2026? जंग के बीच BCCI ने लिया बड़ा फैसला
-

‘वो गुस्से में था और मैंने माफ़ी मांगी, टी20 विश्व कप के बाद सूर्यकुमार यादव का सनसनीखेज खुलासा
-

अगर वो गाना न होता तो हार जाता भारत? T20 World Cup जीत के बाद कप्तान सूर्यकुमार ने किया चौंकाने वाला खुलासा!
-

LPG Price Today: एलपीजी को लेकर 3 दिन में सरकार ने लिए 7 बड़े फैसले, कहां पहुंचा गैस सिलेंडर का दाम?
-

‘PM Modi मेरी बात माने, तुरंत तैयारी शुरू करें नहीं तो…’ राहुल गांधी ने क्यों दी चेतावनी?
-

संजना गणेशन की 1 दिन की कमाई बुमराह के मैच फीस पर भारी? अमाउंट जान उड़ जाएंगे होश
-

Saayoni Ghosh: ‘तू लाख बेवफा है ‘, कौन हैं सयानी घोष जिनकी स्पीच ने इंटरनेट पर काटा गदर?
-

‘मुसलमानों से ज्यादा तो हिंदू मर्द ही’, बॉलीवुड की फेमस मुस्लिम एक्ट्रेस का बड़ा बयान, धर्म पर ये क्या कहा?
-

LPG Shortage: ‘Rush Booking ना करें’, एलपीजी संकट के बीच सरकार का बड़ा बयान, जानें फिर कैसे होगी गैस बुक?
-

जीत के जश्न में हार्दिक पांड्या ने की बड़ी गलती, पुलिस में शिकायत दर्ज, गर्लफ्रेंड के कारण फंसे क्रिकेटर?
-

Silver Rate Today: ईरान जंग के बीच चांदी में बड़ी गिरावट! ₹4000 तक सस्ती, जानिए 100 ग्राम का ताजा भाव
-

DM Shruti Sharma कौन हैं? ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती जैसा IAS बनने का पकड़ा Shikha Gautam का झूठ, यूं खुली पोल



