घर खरीदने वालों के लिए अच्छी खबर है। इस साल भारत में घरों की कीमतें स्थिर रहने की उम्मीद है। 2021 के बाद पहली बार घरेलू आय में बढ़ोतरी की रफ्तार प्रॉपर्टी की कीमतों को पीछे छोड़ देगी। एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 में पहली बार आम लोगों की कमाई अचल संपत्ति की कीमतों से अधिक रहने की उम्मीद है। इससे घर खरीदने की क्षमता बेहतर होगी। यह रिपोर्ट रियल एस्टेट सेक्टर में काम करने वाली संस्था सीबीआरई के अध्ययन पर आधारित है। पिछले तीन वर्षों में ब्याज दरों में तेजी और प्रॉपर्टी की कीमतों में उछाल के कारण आम लोगों पर होम लोन की किस्त का बोझ लगातार बढ़ रहा था, लेकिन अब हालात बदलते दिख रहे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार लोगों की आय के मुकाबले ईएमआई का अनुपात 2028 तक स्थिर रहने की संभावना है। इससे घर खरीदने वालों पर आर्थिक दबाव कम होगा। पिछले 3 साल में ब्याज दर बढ़ने और प्रॉपर्टी महंगी होने से घरों की किस्त का बोझ लगातार बढ़ रहा था। जानकारों का कहना है कि ब्याज दरों में नरमी, प्रॉपर्टी कीमतों की रफ्तार धीमी होना और लोगों की आय और खर्च करने की क्षमता बढ़ने से पूरा परिदृश्य बदल गया है। रिपोर्ट में मुंबई, दिल्ली-एनसीआर, बंगलूरू, हैदराबाद, चेन्नई, पुणे जैसे बड़े शहरों को शामिल किया गया। यह अध्ययन 40 लाख से 1 करोड़ रुपये सालाना आय वाले परिवारों पर आधारित है।



