Last Updated:
दिल्ली पुलिस के ऑपरेशन ‘CyHawk 4.0’ में साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है. इस ऑपरेशन में मशहूर फूड चेन ‘खान चाचा’ के बेटे को भी गिरफ्तार किया गया है. 3.3 करोड़ रुपये के फ्रॉड, म्यूल बैंक अकाउंट और इंटरनेशनल कनेक्शन के खुलासे के साथ पुलिस अब पूरे नेटवर्क की मनी ट्रेल खंगाल रही है.
साइबर फ्रॉड के आरोप में दिल्ली पुलिस ने मशहूर फूड चेन खान चाचा के बेटे को गिरफ्तार किया है.
Crime News: साइबर फ्रॉड से जुड़े नेटवर्क को तोड़ने में दिल्ली पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है. पुलस ने ऑपरेशन ‘CyHawk 4.0’ के तहत एक ऐसे शख्स को गिरफ्तार किया है, जिसके नाम पर भरोसा करना किसी के लिए मुश्किल है. जी हां, साइबर फ्रॉड के मामले में दिल्ली पुलिस की साइबर टीम ने अब मशहूर फूड चेन ‘खान चाचा’ के बेटे को गिरफ्तार किया है.
पुलिस के अनुसार, साइबर फ्रॉड की मनी ट्रेल को ट्रैक करते समय पता चला कि ‘सलीम जावेद रूल द रोड सिंस 1960’ नाम से खुले एक बैंक एकाउंट का इस्तेमाल डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड के लिए हो रहा है. इस एकाउंट के जरिए ठगी के करीब 3.3 करोड़ रुपये इधर से उधर किए गए थे. जांच में यह भी खुलासा हुआ कि कंपनी के डायरेक्टर मोहम्मद सलीम और मोहम्मद जावेद ने कमीशन के लालच में अपने बैंक अकाउंट की डिटेल्स साइबर ठगों को दी थी.
पुलिस की जांच में किन बातों का हुआ खुलासा
- जांच में यह भी पता चला कि इन दोनों ने अपनी बैंक डिटेल्स हरविंदर कोहली, नसीम और संदीप द्विवेदी को दी थी. ये लोग इस पैसे को अलग-अलग खातों में घुमाते थे, ताकि असली सोर्स का पता लगाना मुश्किल हो जाए.
- जांच में यह भी सामने आया कि सिर्फ एक अकाउंट में ही अलग-अलग पीड़ितों से करीब 54 लाख रुपये इकट्ठा किए गए. बाद में, इन रुपयों को अलग-अलग एकाउंट्स में ट्रांसफर कर दिया गया. मोहम्मद सलीम और मोहम्मद जावेद के एकाउंट से कुल 3.3 करोड़ रुपए की ट्रांजेक्शन हुई थी.
- इस खुलासे के बाद पुलिस ने मोहम्मद जावेद को गिरफ्तार कर लिया, जबकि मोहम्मद सलीम को बीएनएसएस के तहत बाउंड डाउन किया गया है. पुलिस ने उनके कब्जे से दो मोबाइल फोन और दो सिम कार्ड भी जब्त किए हैं.
- दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के अनुसार, ‘CyHawk 4.0’ अब तक का सबसे बड़ा साइबर क्राइम ऑपरेशन है. इस ऑपरेशन के तहत अब तक कुल 8371 संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई.
- पूछताछ के बाद इनमें से 1400 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया. इसके अलावा 2203 लोगों को बीएसएसएस की धारा 35 के तहत नोटिस भेजे गए.
ऑपरेशन के दौरान दर्ज किए गए 499 मामले
साउदर्न रेंज के ज्वाइंट सीपी विजय कुमार के अनुसार, इस ऑपरेशन के दौरान 499 नए मामले दर्ज किए गए है. वहीं, पुलिस टीम 324 पुराने मामलों को सुलझाने के करीब है. जांच के दौरान करीब 3564 म्यूल अकाउंट का पता लगाया है. इन अकाउंट्स का इस्तेमाल ठगी की रकम को इधर-उधर करने के लिए किया जाता है. जांच में देशभर से 519 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी का कनेक्शन सामने आया है.
विदेश से जुड़े मिले गिरोह के लिंक
ज्वाइंट सीपी विजय कुमार के अनुसार, आउटर नॉर्थ जिले में 18 बैंक अकाउंट्स के जरिए करीब 2 करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया है. यहां ठगी के पैसे को यूएसडीटी क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर विदेश भेजा जा रहा था. इस मामले में कंबोडिया तक लिंक मिला है और पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. इसके अलावा ‘MESSIT TRADEX’ नाम की कंपनी के जरिए 16.59 करोड़ रुपये के लेन-देन का भी खुलासा हुआ है.
डिजिटल अरेस्ट और हनी ट्रैप के भी मामले आए सामने
ज्वाइंट सीपी विजय कुमार ने बताया कि नॉर्थ-वेस्ट जिले से डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड का ऐसा मामला सामने आया, जिसमें एक बुजुर्ग से 8 लाख रुपये ठग लिए गए. इस मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. शाहदरा इलाके में APK फाइल के जरिए मोबाइल फोन हैक कर 6.65 लाख रुपये की ठगी की गई थी, जिसमें कंबोडिया और थाईलैंड तक कनेक्शन सामने आए हैं. वहीं, प्रीत विहार में विदेशी नागरिकों का एक हनीट्रैप गैंग पकड़ा गया है, जिसने 31.5 लाख रुपये की ठगी की थी.
पाकिस्तान और बांग्लादेश का भी मिला कनेक्शन
वहीं द्वारका में 67 करोड़ रुपये के साइबर फ्रॉड नेटवर्क का भंडाफोड़ किया गया है. इस कार्रवाई में 83 लाख रुपये की रकम फ्रीज कराई गई है. आउटर जिले में एक फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर का पर्दाफाश हुआ है. इस कॉलसेंटर से ठगी का धंधा चल रहा था. इस मामले में 19 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. वहीं, साउथ-वेस्ट दिल्ली में फर्जी लोन ऐप के जरिए लोगों को ब्लैकमेल करने और उनसे पैसे वसूलने का मामला सामने आया है. इस मामले में पाकिस्तान और बांग्लादेश का कनेक्शन सामने आया है.
About the Author

Anoop Kumar Mishra is associated with News18 Digital for the last 6 years and is working on the post of Assistant Editor. He writes on Health, aviation and Defence sector. He also covers development related to …और पढ़ें



