Delhi
pti-Pallavi Kumari
Delhi Malba Portal Launch: दिल्ली में निर्माण और तोड़फोड़ के मलबे को लेकर अक्सर सड़कों और खाली जगहों पर अवैध डंपिंग की शिकायतें आती रही हैं। अब इस समस्या से निपटने के लिए नगर निगम ने एक नया डिजिटल सिस्टम शुरू किया है। सोमवार को दिल्ली के मेयर राजा इकबाल सिंह ने ‘मलबा पोर्टल’ लॉन्च किया, जिसका मकसद निर्माण और ध्वस्तीकरण (C-D) कचरे के संग्रह और निपटान की प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाना है।
नगर निगम के मुताबिक इस पोर्टल के जरिए आम लोग, ठेकेदार, बिल्डर और सरकारी एजेंसियां ऑनलाइन या क्यूआर कोड स्कैन करके मलबा उठाने की रिक्वेस्ट दर्ज करा सकेंगे।

कैसे काम करेगा यह पोर्टल (How Malba Portal Works)
मलबा उठाने के लिए जैसे ही कोई अनुरोध दर्ज होगा, सिस्टम उसे नगर निगम द्वारा पंजीकृत ट्रांसपोर्टर्स से जोड़ देगा। ये ट्रांसपोर्टर मौके पर पहुंचकर मलबा उठाएंगे और उसे अधिकृत कलेक्शन सेंटर या रीसाइक्लिंग प्लांट तक पहुंचाएंगे। नगर निगम का कहना है कि इससे मलबे की आवाजाही पर पूरी निगरानी रखी जा सकेगी और अवैध तरीके से कचरा फेंकने की घटनाओं में कमी आएगी।
1 अप्रैल से लागू होंगे नए नियम (C-D Waste Management Rules 2025)
मेयर राजा इकबाल सिंह ने कहा कि यह पहल सिर्फ एक तकनीकी सुविधा नहीं, बल्कि साफ और हरित दिल्ली की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने बताया कि 1 अप्रैल से लागू होने वाले C-D वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स 2025 को लागू करने की तैयारी के तौर पर यह पोर्टल शुरू किया गया है। उनके मुताबिक डिजिटल सिस्टम से नागरिक भी प्रदूषण नियंत्रण और टिकाऊ विकास में अपनी भागीदारी निभा सकेंगे।
हर दिन बनता है हजारों टन मलबा (Construction Waste in Delhi)
नगर निगम आयुक्त संजीव खिरवार ने बताया कि तेजी से हो रहे शहरी विकास के कारण दिल्ली में रोजाना हजारों टन निर्माण मलबा पैदा होता है। उन्होंने कहा कि नया पोर्टल कचरा संग्रहण प्रक्रिया में जवाबदेही और पारदर्शिता लाएगा। साथ ही सड़कों या खाली जगहों पर मलबा फेंकने से होने वाले धूल प्रदूषण को भी कम करने में मदद मिलेगी। नगर निगम के अनुसार इस सिस्टम से मलबे की ट्रैकिंग आसान होगी और इसे रीसाइक्लिंग के जरिए दोबारा उपयोगी सामग्री में बदला जा सकेगा।



