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नेचर लवर्स के लिए स्वर्ग! तेलंगाना का ये हिडन हिल स्टेशन ऊटी को दे रहा टक्कर


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Hidden Hill Stations Telangana: तेलंगाना में स्थित एक खूबसूरत हिल स्टेशन को ‘तेलंगाना का ऊटी’ कहा जाता है, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. झीलों, हरियाली और पहाड़ों से घिरा यह स्थान पर्यटकों को सुकूनभरा अनुभव देता है. यहां का शांत वातावरण और मनमोहक दृश्य नेचर लवर्स और ट्रैवलर्स को अपनी ओर आकर्षित करते हैं. भीड़-भाड़ से दूर यह जगह ऑफबीट डेस्टिनेशन के रूप में उभर रही है. परिवार और दोस्तों के साथ घूमने के लिए यह एक शानदार विकल्प है, जहां आप प्रकृति के करीब समय बिता सकते हैं.

सूर्यास्त और बैकवाटर का जादुई दृश्य: दिन भर की थकान के बाद चंद्रमपल्ली बांध के बैकवाटर पर सूर्यास्त देखना एक अविस्मरणीय अनुभव होता है. गोल्डन ऑवर के दौरान जब सूरज की रोशनी पानी की सतह पर पड़ती है तो पूरा परिदृश्य तांबे के रंग में नहा जाता है. पानी और पहाड़ियों का यह संगम एक शांत, दर्पण जैसा प्रभाव पैदा करता है, जो फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए सबसे बेहतरीन समय होता है.

यह स्थान केवल एक हिल स्टेशन नहीं बल्कि एक समृद्ध पारिस्थितिक क्षेत्र है। यह प्रसिद्ध चिंचोली वन्यजीव सेनेटरी और चंद्रमपल्ली बांध के बैकवाटर के पास स्थित है। लगभग 3 घंटे की सुखद ड्राइव के बाद आप एक ऐसी दुनिया में पहुँच जाते हैं जहाँ शहरी कंक्रीट के बजाय सागौन के घने जंगल और घुमावदार वन मार्ग आपका स्वागत करते हैं। यहाँ का वातावरण दक्कन के पठार की वास्तविक और बीहड़ सुंदरता को दर्शाता है।

यह स्थान केवल एक हिल स्टेशन नहीं बल्कि एक समृद्ध पारिस्थितिक क्षेत्र है. यह प्रसिद्ध चिंचोली वन्यजीव सेनेटरी और चंद्रमपल्ली बांध के बैकवाटर के पास स्थित है. लगभग 3 घंटे की सुखद ड्राइव के बाद आप एक ऐसी दुनिया में पहुँच जाते हैं, जहाँ शहरी कंक्रीट के बजाय सागौन के घने जंगल और घुमावदार वन मार्ग आपका स्वागत करते हैं. यहाँ का वातावरण दक्कन के पठार की वास्तविक और बीहड़ सुंदरता को दर्शाता है.

दशकों से हैदराबाद के लोग छुट्टियों के लिए भीड़भाड़ वाले रिसॉर्ट्स और मनोरंजन पार्कों तक ही सीमित रहे हैं। लेकिन अब शहर की हलचल से दूर एक नए प्राकृतिक ठिकाने की खोज हो रही है। हैदराबाद से महज 135 किलोमीटर दूर तेलंगाना-कर्नाटक सीमा पर स्थित गोट्टम गुट्टा एक उभरता हुआ पर्यटन स्थल है। इसकी बेमिसाल खूबसूरती के कारण ही इसे स्थानीय स्तर पर तेलंगाना का ऊटी कहा जाने लगा है।

दशकों से हैदराबाद के लोग छुट्टियों के लिए भीड़भाड़ वाले रिसॉर्ट्स और मनोरंजन पार्कों तक ही सीमित रहे हैं, लेकिन अब शहर की हलचल से दूर एक नए प्राकृतिक ठिकाने की खोज हो रही है. हैदराबाद से महज 135 किलोमीटर दूर तेलंगाना-कर्नाटक सीमा पर स्थित गोट्टम गुट्टा एक उभरता हुआ पर्यटन स्थल है. इसकी बेमिसाल खूबसूरती के कारण ही इसे स्थानीय स्तर पर तेलंगाना का ऊटी कहा जाने लगा है.

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आवश्यक दिशा-निर्देश चूंकि गोट्टम गुट्टा एक संरक्षित प्राकृतिक क्षेत्र है इसलिए यहाँ व्यावसायिक विकास कम है। यात्रियों को कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए यहाँ कोई लग्जरी होटल नहीं हैं इसलिए एक दिवसीय  योजना बनाना बेहतर है अपने साथ पर्याप्त भोजन और पानी जरूर ले जाएँ।जंगली रास्तों के लिए मजबूत ट्रेकिंग जूते पहनना अनिवार्य है।

आवश्यक दिशा-निर्देश: चूंकि गोट्टम गुट्टा एक संरक्षित प्राकृतिक क्षेत्र है इसलिए यहां व्यावसायिक विकास कम है. यात्रियों को कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए यहां कोई लग्जरी होटल नहीं हैं इसलिए एक दिवसीय योजना बनाना बेहतर है. अपने साथ पर्याप्त भोजन और पानी जरूर ले जाएं. जंगली रास्तों के लिए मजबूत ट्रेकिंग जूते पहनना अनिवार्य है.

रोमांचक गतिविधियाँ और ट्रेकिंग साहसिक गतिविधियों के शौकीनों के लिए यह जगह स्वर्ग है। यहाँ सागौन के बागानों और शानदार चट्टानी इलाकों से होकर गुजरने वाले कई रास्ते हैं। पर्यटक यहाँ अपनी क्षमता के अनुसार आसान रास्तों या चुनौतीपूर्ण वन ट्रेकिंग का चुनाव कर सकते हैं। इसके अलावा यहाँ जंगलों में छिपे छोटे-छोटे प्राचीन मंदिर भी मिलते हैं जो इस प्राकृतिक यात्रा में एक सांस्कृतिक और आध्यात्मिक शांति का पुट जोड़ देते हैं।

रोमांचक गतिविधियाँ और ट्रेकिंग: साहसिक गतिविधियों के शौकीनों के लिए यह जगह स्वर्ग है. यहां सागौन के बागानों और शानदार चट्टानी इलाकों से होकर गुजरने वाले कई रास्ते हैं. पर्यटक यहाँ अपनी क्षमता के अनुसार आसान रास्तों या चुनौतीपूर्ण वन ट्रेकिंग का चुनाव कर सकते हैं. इसके अलावा यहाँ जंगलों में छिपे छोटे-छोटे प्राचीन मंदिर भी मिलते हैं, जो इस प्राकृतिक यात्रा में एक सांस्कृतिक और आध्यात्मिक शांति का पुट जोड़ देते हैं.

गोट्टम गुट्टा का सबसे बड़ा मुकुट रत्न यहाँ का एथिपोटाला झरना है। यह झरना घाटी में चट्टानी सीढ़ियों से नीचे गिरता है जो देखने में अत्यंत मनोरम लगता है। झरने की खास बात यह है कि यहाँ तक पहुँचने का रास्ता भी रोमांच से भरा है पर्यटकों को घने जंगल के बीच से होकर ट्रेकिंग करनी पड़ती है जो प्रकृति प्रेमियों के लिए किसी उपहार से कम नहीं है।

गोट्टम गुट्टा का सबसे बड़ा मुकुट रत्न यहाँ का एथिपोटाला झरना है. यह झरना घाटी में चट्टानी सीढ़ियों से नीचे गिरता है जो देखने में अत्यंत मनोरम लगता है. झरने की खास बात यह है कि यहाँ तक पहुँचने का रास्ता भी रोमांच से भरा है. पर्यटकों को घने जंगल के बीच से होकर ट्रेकिंग करनी पड़ती है, जो प्रकृति प्रेमियों के लिए किसी उपहार से कम नहीं है.



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