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पश्चिम एशिया संकट का असर: क्रूड की कीमतें लगातार तीसरे सत्र बढ़ीं, 19 माह के उच्च स्तर पर पहुंचा ब्रेंट क्रूड


पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण आपूर्ति संकट की आशंका से कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में बढ़ोतरी दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय कच्चा तेल मानक ब्रेंट क्रूड मंगलवार को 6.05 डॉलर या 7.8 फीसदी बढ़कर 84 डॉलर के करीब 83.79 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया। एक समय यह 19 महीने के उच्च स्तर 85.12 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था। यह ब्रेंट का जुलाई, 2024 के बाद का उच्चतम स्तर है।

अमेरिकी मानक यूएस वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड की कीमतें 5.31 डॉलर या 7.5 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 76.54 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई।

कारोबार के दौरान एक समय डब्ल्यूटीआई क्रूड 77.53 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया था, जो जून, 2025 के बाद इसका उच्च स्तर है। आईएनजी के विश्लेषक ने एक नोट में कहा, होर्मुज जलडमरूमध्य मार्ग से कच्चे तेल की आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। बाजार के लिए एक बड़ा जोखिम यह होगा कि ईरान इस इलाके में और ऊर्जा बुनियादी ढांचों को निशाना बना रहा है। इससे कच्चे तेल की आपूर्ति लंबे समय तक प्रभावित हो सकती है।

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बर्नस्टीन की रिपोर्ट

उधर, बर्नस्टीन ने एक रिपोर्ट में कहा, मौजूदा संघर्ष लंबे समय पर जारी रहा तो 2026 में ब्रेंट क्रूड की कीमतें बढ़कर 120-150 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच सकती हैं। डाटा विश्लेषक कंपनी केप्लर का कहना है कि उपग्रह नेविगेशन प्रणालियों में व्यवधान के कारण टैंकर की आवाजाही में भारी कमी आई है।

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अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 4 फीसदी से अधिक फिसला

डॉलर की मांग में अचानक उछाल से अंतरराष्ट्रीय बाजार में मंगलवार को सोने की कीमतों में चार फीसदी से अधिक की गिरावट देखी गई। हालांकि, बाद में 3.3 फीसदी टूटकर 5,150.89 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर आ गया।  स्वतंत्र विश्लेषक रॉस नॉर्मन ने कहा, ईरान पर अमेरिका एवं इस्राइल के हमले के असर से बचने के लिए कुछ निवेशकों ने सुरक्षित निवेश के लिए सोने के बजाय डॉलर का रुख किया। इसके अलावा, महंगाई की चिंताओं को देखते हुए सराफा कारोबारियों ने ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद छोड़ दी, जिससे सोने की कीमतों में गिरावट देखी गई। 



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