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पाक-अफगान तनाव के बीच सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट, आतंकी घुसपैठ की चेतावनी के बाद इन शहरों में बढ़ाई गई चौकसी


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oi-Bhavna Pandey

Pakistan-Afghanistan conflict: खुफिया इनपुट के बाद भारत की सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय (एमएचए) ने पश्चिमी सीमाओं पर सुरक्षा ग्रिड मजबूत करने और मुंबई, दिल्ली व जम्मू-कश्मीर सहित बड़े शहरों में चौकसी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। खुफिया एजेंसियों को आशंका है कि पाकिस्तान की सैन्य प्रतिष्ठान और आईएसआई अपनी आंतरिक चुनौतियों से ध्यान भटकाने के लिए भारत में सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देने की कोशिश कर सकती हैं।

पश्चिमी सीमा और बड़े शहरों में अलर्ट

केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश के बाद सुरक्षा बलों को भारत की पश्चिमी सीमाओं पर निगरानी और कड़ी करने के लिए कहा गया है। मुंबई, दिल्ली और जम्मू-कश्मीर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा एजेंसियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने और खुफिया जानकारी जुटाने के प्रयास तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया गया है ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके।

Pakistan-Afghanistan conflict

पाकिस्तान की आंतरिक अस्थिरता पर नजर

अधिकारियों के मुताबिक खुफिया एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि पाकिस्तान की सैन्य व्यवस्था और इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) भारत की ओर आतंकवादियों को धकेलने की कोशिश कर सकती है। पाकिस्तान इस समय अपनी पश्चिमी सीमा और दक्षिणी क्षेत्रों में गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है, जिनमें अफगानिस्तान के साथ तनाव और बलूचिस्तान में बढ़ता उग्रवाद शामिल है।

एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, पाकिस्तान में जब भी घरेलू अस्थिरता बढ़ती है, तब अक्सर भारत के खिलाफ सीमा पार आतंकवादी गतिविधियों को तेज करने की कोशिशें देखी गई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसा कदम घरेलू राजनीतिक और सुरक्षा दबावों से ध्यान हटाने के लिए उठाया जाता है।

मुंबई में एटीएस की कार्रवाई

महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधी दस्ता (एटीएस) ने मुंबई में पहले ही सक्रियता बढ़ा दी है। टीमों ने कुर्ला और गोवंडी इलाके में तीन स्थानों पर एक साथ छापे मारे। इन स्थानों पर एक प्रतिबंधित संगठन की ओर कट्टरपंथी होने के संदेह में कुछ व्यक्तियों के घरों की तलाशी ली गई। अधिकारियों के मुताबिक इस मामले में कई संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है और जांच जारी है।

loc पर घुसपैठ की कोशिश नाकाम

नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर सुरक्षा बलों ने 4 मार्च की सुबह एक घुसपैठ के प्रयास को विफल कर दिया। भीमबर गली सेक्टर में सेना के जवानों ने संदिग्ध गतिविधि देखी और तुरंत कार्रवाई करते हुए घुसपैठियों को रोक दिया। इस कार्रवाई के बाद सीमा का कोई उल्लंघन नहीं हुआ।

क्षेत्रीय घटनाओं से बढ़ी चिंता

सुरक्षा एजेंसियों का यह भी आकलन है कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद भड़के विरोध प्रदर्शनों जैसी अंतरराष्ट्रीय घटनाओं का इस्तेमाल कुछ कट्टरपंथी तत्व अशांति फैलाने या लामबंदी के बहाने के रूप में कर सकते हैं। इससे क्षेत्रीय अस्थिरता बढ़ने का खतरा भी जताया जा रहा है।

जम्मू-कश्मीर में उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा

बढ़ते सुरक्षा परिदृश्य को देखते हुए जम्मू-कश्मीर में कई समीक्षा बैठकें आयोजित की जा रही हैं। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने श्रीनगर में वरिष्ठ पुलिस और नागरिक प्रशासन अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।

इसके अलावा उत्तरी कमान के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा ने भी श्रीनगर में फॉर्मेशन कमांडरों और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की और परिचालन तैयारियों का आकलन किया।

पाकिस्तान पर ‘दो मोर्चे’ का दबाव

विश्लेषकों के अनुसार पाकिस्तान इस समय ‘दो मोर्चे’ की चुनौती का सामना कर रहा है। एक ओर अफगानिस्तान के साथ उसकी सीमा पर तनाव बढ़ा हुआ है, वहीं दूसरी ओर बलूचिस्तान में उग्रवादी गतिविधियां तेज हो गई हैं। यह दोहरा दबाव देश की सुरक्षा और स्थिरता के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।

अफगानिस्तान में हवाई हमले और बलूचिस्तान में हमले

रिपोर्टों के अनुसार 21 फरवरी को पाकिस्तान वायु सेना ने अफगानिस्तान के नंगरहार, पकतिका और खोस्त प्रांतों में कथित आतंकी शिविरों पर हवाई हमले किए थे। पाकिस्तान का दावा है कि इन शिविरों का इस्तेमाल तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) और इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रांत (आईएसआईएस-के) द्वारा किया जा रहा था।

दूसरी ओर बलूचिस्तान में भी हिंसा में तेज बढ़ोतरी देखी गई है। बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) से जुड़े आतंकियों ने 30 जनवरी से फरवरी की शुरुआत के बीच क्वेटा, ग्वादर, मस्तंग, नुशकी, पसनी और खरन सहित कई जिलों में समन्वित हमले किए। इन हमलों में बैंक, स्कूल, बाजार, सुरक्षा प्रतिष्ठान, पुलिस स्टेशन और एक उच्च सुरक्षा जेल को निशाना बनाया गया। हमलावरों ने गोलीबारी, विस्फोटक और आत्मघाती हमलों का इस्तेमाल किया।



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