Homeटेक्नोलॉजीबांग्लादेशी नेता हादी हत्याकांड के 2 आरोपी बंगाल में गिरफ्तार: मेघालय...

बांग्लादेशी नेता हादी हत्याकांड के 2 आरोपी बंगाल में गिरफ्तार: मेघालय बॉर्डर से भारत में हुए दाखिल, वापस बांग्लादेश भागने की फिराक में थे


कोलकाता45 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

उस्मान हादी को ढाका में 12 दिसंबर को गोली मारी गई थी। 18 दिसंबर को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

पश्चिम बंगाल पुलिस की एसटीएफ ने भारत और शेख हसीना विरोधी बांग्लादेशी नेता उस्मान हादी की हत्या के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान राहुल उर्फ फैसल करीम मसूद (37) और आलमगीर हुसैन (34) के रूप में हुई है।

दोनों मेघालय सीमा से अवैध रूप से भारत में घुस आए थे और पश्चिम बंगाल के बोंगांव में छिपे थे। आरोपी सही मौके का इंतजार कर रहे थे, ताकि दोबारा बांग्लादेश लौट सकें। लेकिन इससे पहले ही एसटीएफ ने 7 और 8 मार्च की दरमियानी रात को छापेमारी कर दोनों को पकड़ लिया।

राहुल उर्फ फैसल करीम मसूद बांग्लादेश के पटुआखाली का निवासी है, जबकि आलमगीर हुसैन ढाका का रहने वाला है। पुलिस ने मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों को रविवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।

अधिकारियों ने बताया कि पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आरोपियों के भारत में दाखिल होने में किसी स्थानीय नेटवर्क की भूमिका तो नहीं थी।

शरीफ उस्मान हादी राजनीतिक कार्यकर्ता, लेखक और नेता थे।

शरीफ उस्मान हादी राजनीतिक कार्यकर्ता, लेखक और नेता थे।

हादी को ढाका में गोली मारी गई थी उस्मान हादी को राजधानी ढाका में 12 दिसंबर को गोली मारी गई थी, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। वह रिक्शे पर जा रहे थे तभी बाइक सवार हमलावर ने उन्हें गोली मारी थी।

हादी को तुरंत ढाका मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, बाद में इलाज के लिए उन्हें सिंगापुर रेफर किया गया था। जहां 18 दिसंबर को उनकी मौत हो गई थी।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक हमले से कुछ घंटे पहले उस्मान हादी ने ग्रेटर बांग्लादेश का एक मैप शेयर किया था, इसमें भारतीय इलाके (7 सिस्टर्स) शामिल थे।

हादी को इलाज के लिए उन्हें सिंगापुर रेफर किया गया था, जहां उनकी मौत हो गई थी।

हादी को इलाज के लिए उन्हें सिंगापुर रेफर किया गया था, जहां उनकी मौत हो गई थी।

हादी ढाका से निर्दलीय चुनाव लड़ने वाले थे हादी इस्लामी संगठन ‘इंकलाब मंच’ के प्रवक्ता थे और चुनाव में ढाका से निर्दलीय उम्मीदवार थे। इंकलाब मंच अगस्त 2024 के छात्र आंदोलन के बाद उभरा। इसने तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना की अवामी लीग की सरकार को गिरा दिया था।

यह संगठन अवामी लीग को आतंकवादी करार देते हुए पूरी तरह खत्म करने और नौजवानों की सुरक्षा की मांग को लेकर सक्रिय रहा।

यह संगठन राष्ट्रीय स्वतंत्रता और संप्रभुता की रक्षा पर जोर देता है। मई 2025 में अवामी लीग को भंग करने और चुनावों में अयोग्य ठहराने में इस संगठन की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

तस्वीर हादी के अंतिम संस्कार की है। इसमें हजारों लोग जुटे थे।

तस्वीर हादी के अंतिम संस्कार की है। इसमें हजारों लोग जुटे थे।

ढाका में हादी की हत्या के विरोध में हुए थे हिंसक प्रदर्शन हादी की हत्या के विरोध में बांग्लादेश में 18 दिसंबर से कई दिनों तक हिंसक प्रदर्शन हुए थे। उस्मान हादी के समर्थकों और छात्र संगठनों के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने ढाका और आसपास के कई जिलों में प्रदर्शन किया था।

प्रदर्शनकारियों ने देश के सबसे बड़े अखबार डेली स्टार और प्रोथोम आलो के कार्यालय में तोड़फोड़ कर उन्हें आग के हवाले कर दिया था।

इसके अलावा, शेख हसीना की अवामी लीग सरकार के पूर्व शिक्षा मंत्री मोहिबुल हसन चौधरी के घर में तोड़फोड़ की गई और उसे आग लगा दी गई थी।

——————

उस्मान हादी के मर्डर से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें…

भाई का आरोप- हादी की हत्या यूनुस सरकार ने करवाई:ऐसा चुनाव रोकने के लिए किया

19 1773005928

भारत और शेख हसीना विरोधी बांग्लादेशी नेता उस्मान हादी की हत्या के मामले में उनके भाई शरीफ उमर हादी ने यूनुस सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उमर हादी ने कहा कि सरकार के अंदर कुछ ताकतें ही उस्मान हादी की हत्या के पीछे है। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…



Source link

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img

Most Popular

Recent Comments