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बैन होगी काव्या मारन की सनराइजर्स लीड्स? टीम में PAK खिलाड़ी अबरार अहमद की एंट्री पर BCCI का आ गया जवाब


Cricket

oi-Sohit Kumar

लंदन में होने वाली ‘द हंड्रेड’ लीग (The Hundred League ) के लिए सनराइजर्स लीड्स (Sunrisers Leeds) द्वारा पाकिस्तान के मिस्ट्री स्पिनर अबरार अहमद (Abrar Ahmed) को खरीदे जाने पर भारत में घमासान मच गया है। सोशल मीडिया पर सन टीवी के मालिकाना हक वाली इस फ्रेंचाइजी और काव्या मारन को कड़ी आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है।

इस पूरे विवाद पर अब भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) का रुख भी सामने आ गया है। आइए जानतें हैं बीसीसीआई का इस पर क्या स्टैंड है…

Abrar Ahmed right

BCCI के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला (Rajeev Shukla) ने साफ कर दिया है कि बोर्ड इस मामले में दखल नहीं दे सकता क्योंकि विदेशी लीग उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आतीं। शुक्रवार दोपहर समाचार एजेंसी ANI से बात करते हुए शुक्ला ने कहा:

‘इसका आईपीएल से कोई लेना-देना नहीं है। यह एक विदेशी लीग है। यह हमारे दायरे में नहीं है। हम कुछ नहीं कर सकते। उन्हें (फ्रेंचाइजी को) ही फैसला लेना होगा।’

ऑक्शन में अबरार पर दांव और बढ़ता विरोध

गुरुवार को ऑक्शन में सनराइजर्स लीड्स ने दुनिया के नंबर 3 टी20 गेंदबाज अबरार अहमद को 190,000 पाउंड (लगभग 2.15 करोड़ रुपये) में अपनी टीम में शामिल किया। ऑक्शन के दौरान हेड कोच डैनियल विटोरी और मालकिन काव्या मारन ने ट्रेंट रॉकेट्स को पछाड़ते हुए यह बड़ी बोली लगाई।

अबरार को चुनने के पीछे की रणनीति
अबरार को चुनने के पीछे की रणनीति स्पष्ट करते हुए विटोरी ने बताया कि आदिल राशिद के दूसरी टीम में जाने के बाद उन्हें एक मिस्ट्री स्पिनर की तलाश थी। हालांकि, भारत में राष्ट्रीय भावनाओं और मौजूदा माहौल के चलते इस फैसले का पुरजोर विरोध हो रहा है। आलम यह है कि ‘सनराइजर्स लीड्स’ का आधिकारिक एक्स (ट्विटर) हैंडल तक सस्पेंड हो गया है।

क्या ‘शैडो बैन’ की खबरें महज अफवाह थीं?
अक्टूबर 2025 में जब से भारतीय मालिकों ने ‘द हंड्रेड’ की चार टीमों में निवेश किया है, तब से यह चर्चा थी कि पाकिस्तानी खिलाड़ियों पर एक अघोषित प्रतिबंध (Shadow Ban) रहेगा। लेकिन सनराइजर्स ने अबरार को खरीदकर इन कयासों को विराम दे दिया। अबरार के अलावा उस्मान तारिक ही एकमात्र अन्य पाकिस्तानी खिलाड़ी रहे जिन्हें इस ऑक्शन में खरीदार मिला।

पुरानी घटनाओं ने बढ़ाई टेंशन
यह पहली बार नहीं है जब किसी भारतीय मालिकाना हक वाली टीम को विदेशी खिलाड़ी की वजह से विरोध झेलना पड़ा हो। इससे पहले कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) को बांग्लादेशी पेसर मुस्तफिजुर रहमान को चुनने पर भारी विरोध का सामना करना पड़ा था। उस वक्त मामला इतना बढ़ गया था कि BCCI के दखल के बाद KKR को मुस्तफिजुर को रिलीज करना पड़ा था। अब देखना यह है कि क्या सनराइजर्स मैनेजमेंट जनभावनाओं के आगे झुकते हुए अबरार को रिलीज करता है या अपने फैसले पर अडिग रहता है।



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