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‘भगवान राम को नमन करना और भारत मां का वंदन एक समान’, श्रीराम यंत्र स्थापना के अवसर बोलीं राष्‍ट्रपति मुर्मू


Uttar Pradesh

oi-Bhavna Pandey

Droupadi Murmu Inaugurates Shri Ram Yantra: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार को अयोध्या पहुंचकर राम मंदिर परिसर में श्री राम यंत्र की विधि-विधान से स्थापना की। इस अवसर पर उन्होंने राम मंदिर निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले चुनिंदा शिल्पियों, जिन्हें “कर्मयोगी” कहा गया, को सम्मानित किया।

श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के विशेष निमंत्रण पर राष्ट्रपति मुर्मू डेढ़ साल के अंतराल के बाद दूसरी बार रामनगरी पहुंची थीं। इस अवसर पर कार्यक्रम में उपस्थित रामभक्तों को राष्‍ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संबोधित किया।

President Droupadi Murmu Inaugurates Shri Ram Yantra

“श्रीराम को नमन करना और भारत मां का वंदन एक समान”

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पवित्र श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के कई महत्वपूर्ण आयोजनों को भारत के इतिहास और संस्कृति की “स्वर्णिम तिथियां” बताया। इनमें मंदिर का भूमिपूजन, रामलला के दिव्य विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा, राम दरबार का भक्तों के लिए खोला जाना और शिखर पर धर्म-ध्वजारोहण जैसे क्षण शामिल हैं। उन्होंने जोर देकर कहा, “श्रीराम को नमन करना और भारत मां का वंदन हमारे लिए एक जैसा ही है।”

राष्‍ट्रपति बोलीं- पवित्र धूलि का स्‍पर्श करना, मेरा परम सौभाग्‍य

राष्ट्रपति ने अयोध्या नगरी को प्रभु श्रीराम की जन्मभूमि बताते हुए, उसकी पवित्र धूलि का स्पर्श प्राप्त करने को अपना “परम सौभाग्य” माना। उन्होंने स्मरण किया कि स्वयं प्रभु श्रीराम ने इस पावन जन्मभूमि को स्वर्ग से भी श्रेष्ठ बताया था। मुर्मू ने आगे कहा कि भारत का पुनर्जागरण आर्थिक, सामाजिक, राजनैतिक और सांस्कृतिक, इन सभी आयामों पर स्पष्ट रूप से परिलक्षित हो रहा है।

प्रभु श्रीराम ने जिस अयोध्या नगरी में जन्म लिया उसकी पवित्र धूलि का स्पर्श प्राप्त करना ही मैं अपना परम सौभाग्य मानती हूं। स्वयं प्रभु श्रीराम ने अपनी इस जन्मभूमि को स्वर्ग से भी श्रेष्ठ बताया था। pic.twitter.com/3Q7btw9CYW

— President of India (@rashtrapatibhvn) March 19, 2026 “>

राष्‍ट्रपति ने भगवान राम के बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया

राष्ट्रपति ने सभी देशवासियों को चैत्र नवरात्र की शुभकामनाएं भी दीं। श्रीराम यंत्र की स्थापना को अपने लिए “प्रभु श्रीराम की कृपा का प्रतीक” बताया। राष्‍ट्रपति ने देव-भक्ति और देश-भक्ति, दोनों का मार्ग एक ही है। राष्ट्रपति ने सभी देशवासियों से ‘घट-घट व्यापी राम’ के पवित्र भक्ति-भाव के साथ एकात्म होकर आगे बढ़ने का सशक्त आह्वान किया।

उनका मानना था कि राम-राज्य के आदर्शों पर चलते हुए ही हम नैतिकता और धर्माचरण पर आधारित एक सुदृढ़ राष्ट्र का निर्माण कर पाने में सक्षम होंगे। राष्ट्रपति ने विश्वास जताया कि प्रभु श्रीराम के आशीर्वाद से भारत वर्ष 2047 तक, या शायद उससे भी पहले, उन सभी राष्ट्रीय लक्ष्यों को सफलतापूर्वक प्राप्त कर लेगा।

राज्यपाल आनंदी बेन बोलीं- अत्यंत गौरव का पल

राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने चैत्र नवरात्र की शुभकामनाएं देते हुए इसे “अत्यंत गौरव का पल” बताया। उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम का भव्य मंदिर अब “एक राष्ट्र मंदिर” के रूप में स्थापित हो चुका है। पटेल ने स्पष्ट किया कि यह सौभाग्य करोड़ों रामभक्तों के संघर्ष और बलिदान का परिणाम है और आज अयोध्या “वैश्विक चेतना का केंद्र” बन गई है।

सीएम योगी बोले- रामराज्य की सच्ची अनुभूति

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर में श्रीराम यंत्र की स्थापना को “रामराज्य की सच्ची अनुभूति” बताया और कहा कि भारत “साधु-संतों की भूमि” है। उन्होंने कहा कि मंदिर युवाओं को हमारी गौरवशाली संस्कृति से जोड़ रहा है और नए वर्ष का शुभारंभ दर्शन के माध्यम से किया जाता है।





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