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‘भोजुपरी को सिर्फ बदनाम किया जाता है’, क्यों भड़के ‘निरहुआ’? नोरा फतेही के गाने ने खड़ा किया नया विवाद


Entertainment

oi-Purnima Acharya

Dinesh Lal Yadav Nirahua: फिल्म ‘केडी:द डेविल’ का नया गाना ‘सरके सरके चुनर तेरी’ रिलीज होते ही विवादों में घिर गया है। इस गाने में बॉलीवुड की फेमस डांसिंग क्वीन नोरा फतेही (Nora Fatehi) और एक्टर संजय दत्त (Sanjay Dutt) की जोड़ी नजर आ रही है लेकिन गाने के लिरिक्स ने सोशल मीडिया पर तीखी बहस छेड़ दी है।

अश्लील लिरिक्स पर मचा हंगामा
‘सरके सरके चुनर तेरी’ गाने के रिलीज के बाद से ही इसके लिरिक्स को लेकर लोगों ने कड़ी आपत्ति जताई है। कई यूजर्स का कहना है कि गाने के शब्द बेहद आपत्तिजनक और अश्लील हैं, जो सुनने और देखने दोनों में असहज महसूस कराते हैं।

Nirahua

गाने का हिंदी वर्जन हटाया गया

विवाद इतना बढ़ गया है कि मेकर्स को गाने का हिंदी वर्जन हटाने तक का फैसला लेना पड़ा है। इसके बावजूद सोशल मीडिया पर आलोचनाओं का सिलसिला जारी है।

भोजपुरी इंडस्ट्री से तुलना ने बढ़ाई बहस

इस विवाद के बीच नोरा फतेही के गाने की तुलना भोजपुरी इंडस्ट्री के सॉन्ग्स से की जाने लगी है। कई लोग यह कहते नजर आए कि भोजपुरी गानों में भी इसी तरह की अश्लीलता देखने को मिलती है। इसी बीच इस गर्म मुद्दे पर भोजपुरी सुपरस्टार दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।

‘भोजपुरी को बदनाम किया जा रहा है’

-दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ ने एक इंटरव्यू में साफ कहा है कि भोजपुरी इंडस्ट्री को बेवजह निशाना बनाया जाता है। उन्होंने कहा- भोजपुरी ने अश्लीलता हिंदी फिल्मों से सीखी है। जब चोली के पीछे क्या है या सरकाई लो खटिया जैसे गानों पर सवाल नहीं उठते, तो सिर्फ भोजपुरी को ही क्यों घेरा जाता है?

-दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ ने ये भी कहा कि भारत की हर भाषा के म्यूजिक इंडस्ट्री में ऐसे गाने मिल जाएंगे लेकिन आलोचना सिर्फ भोजपुरी गानों की ही होती है।

‘भोजपुरी इंडस्ट्री ने अच्छी फिल्में भी दी हैं’

निरहुआ ने ये भी याद दिलाया कि भोजपुरी सिनेमा ने कई साफ-सुथरी और हिट फिल्में भी दी हैं जैसे निरहुआ हिंदुस्तानी, राजा बाबू और मैं मायके चली जाऊंगी। उनके अनुसार पूरी इंडस्ट्री को एक ही नजर से देखना गलत है।

सॉन्ग के लिरिसिस्ट रकीब आलम ने दी ऐसी सफाई

वहीं नोरा फतेही के गाने को लेकर विवाद बढ़ने के बाद सॉन्ग के लिरिसिस्ट रकीब आलम (Raqueeb Alam)ने भी अपनी सफाई दी है। उन्होंने बताया है कि ये गाना मूल रूप से कन्नड़ भाषा में है और उन्होंने सिर्फ उसका हिंदी में अनुवाद किया है। उनका कहना है कि गाने के मूल बोल डायरेक्टर की सोच के अनुसार लिखे गए थे और उनका इसमें सीमित योगदान रहा।

क्या है गाने को लेकर पूरा विवाद?

-सरके सरके चुनर तेरी गाने के लिरिक्स पर अश्लीलता के आरोप लगे हैं। इस गाने को लेकर फिलहाल सोशल मीडिया पर जबरदस्त आलोचना हो रही है। ऐसे में गाने का हिंदी वर्जन सोशल मीडिया से हटा दिया गया है। वहीं भोजपुरी इंडस्ट्री को लेकर नई बहस भी छिड़ गई है।

-ये मामला सिर्फ एक गाने तक सीमित नहीं रहा है बल्कि अब ये इंडस्ट्री बनाम इंडस्ट्री की बहस में बदल चुका है। आने वाले दिनों में ये देखना दिलचस्प होगा कि मेकर्स और कलाकार इस विवाद पर आगे क्या रुख अपनाते हैं।



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