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‘महिलाओं को 2,000 और किसानों को 15,000 रुपये’, पश्चिम बंगाल चुनाव के लिए कांग्रेस ने जारी किया घोषणा पत्र


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oi-Bhavna Pandey

West Bengal Election 2026 Congress Manifesto: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 23 और 29 अप्रैल 2026 को दो चरणों में होंगे। इस बार के चुनाव में जहां भाजपा ममता बजर्नी से सत्‍ता हथियाने के लिए पुरजाेर कोशिश कर रही है, वहीं कांग्रेस पार्टी ने ऐतिहासिक कदम उठाते हुए लगभग दो दशकों में पहली बार सभी 294 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान किया है।

कांग्रेस पार्टी ने 7 अप्रैल (मंगलवार) को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के लिए घोषणापत्र जारी कर दिया है। इस दौरान पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे समेत कई वरिष्ठ नेता मंच पर मौजूद रहे। मल्लिकार्जुन खड़गे ने बताया कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र को राज्य की अर्थव्यवस्था को दोबारा मजबूत करने और बेरोजगारी दूर करने पर केंद्रित है।

West Bengal Election 2026

महिलाओं को हर महीने 2,000, किसानों को सलाना 15000 रुपये

कांग्रेस ने महिलाओं को हर महीने 2,000 रुपये और किसानों को सालाना 15,000 रुपये की आर्थिक सहायता देने का वादा किया है। इसके साथ ही मुफ्त बिजली और कृषि उत्पादों के लिए बेहतर खरीद व्यवस्था सुनिश्चित करने का भी आश्वासन दिया गया है।

युवाओं और रोजगार के अवसर

पार्टी ने युवाओं के लिए रोजगार सृजन का वादा किया है और सभी सरकारी रिक्त पदों को भरने की योजना घोषित की है।

West Bengal Election 2026

AI और स्टार्ट-अप्स का विकास

पार्टी ने हर जिले में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सेक्टर को विकसित करने और स्थानीय स्टार्ट-अप्स को बढ़ावा देने की योजना बनाई है। कानून-व्यवस्था सुधार के तहत कांग्रेस ने राज्य में ‘कानून का राज’ कायम करने का संकल्प लिया है, जिसमें किसी भी दोषी को पार्टी या पद के बावजूद बख्शा नहीं जाएगा।

कानून-व्यवस्था और सुरक्षा

कानून-व्यवस्था सुधार के तहत पार्टी ने राज्य में ‘कानून का राज’ स्थापित करने का संकल्प लिया है, जिसमें किसी भी दोषी को पार्टी या पद के बावजूद बख्शा नहीं जाएगा। महिलाओं की सुरक्षा के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट, मुफ्त शिक्षा और 10 लाख रुपये तक का सरकारी स्वास्थ्य बीमा देने का भी वादा किया गया है।

भ्रष्टाचार पर कार्रवाई

कांग्रेस ने भ्रष्टाचार को गंभीर मुद्दा बताया। पार्टी ने कहा कि एक मंत्री के पास से 50 लाख रुपये से अधिक की बरामदगी चिंता का विषय है और इसे रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।

कांग्रेस ने जारी की स्टार प्रचारकों की लिस्‍ट

कांग्रेस ने बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए 40 स्टार प्रचारकों की सूची जारी की है। इस सूची में मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ-साथ सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा जैसे प्रमुख नेता शामिल हैं। पार्टी ने कहा कि वरिष्ठ नेता स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ते हुए व्यापक प्रचार करेंगे।

क्‍यों अकेले दम पर चुनाव लड़ रही कांग्रेस?

कांग्रेस के अकेले चुनाव लड़ने के पीछे एक अहम कारण पिछले चुनावों में पार्टी का घटता जनाधार है। साल 2016 में कांग्रेस ने 44 सीटें जीती थीं, जबकि 2021 में यह शून्य पर सिमट गई। कभी ममता बनर्जी की सरकार की मुख्य प्रतिद्वंद्वी रही यह पार्टी अब अपनी स्थिति भाजपा के हाथों गंवा चुकी है।

गठबंधन का विफल अनुभव

2016 और 2021 में वाम दलों के साथ गठबंधन भी कोई खास नतीजा नहीं दे सका। इसका एक कारण वाम दलों की बढ़ती अलोकप्रियता थी। कांग्रेस ने मालदा और मुर्शिदाबाद जिलों पर भी अपनी पकड़ खो दी, जो पारंपरिक रूप से पार्टी का गढ़ माने जाते थे।

भाजपा की मजबूत स्थिति

इसी बीच, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पिछले चुनावों में लगातार अपनी स्थिति मजबूत की है। 2016 में केवल 3 सीटें जीतने वाली भाजपा ने 2021 में 77 सीटें हासिल कीं और तब से वह राज्य में मुख्य विपक्षी दल बनकर उभरी है।

कांग्रेस ने बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए 40 स्टार प्रचारकों की सूची भी जारी की है। इस सूची में मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ-साथ सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा जैसे प्रमुख नेता शामिल हैं। पार्टी ने कहा कि स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ते हुए वरिष्ठ नेता व्यापक प्रचार करेंगे।

कांग्रेस के अकेले चुनाव लड़ने के पीछे एक अहम कारण पिछले चुनावों में पार्टी का घटता जनाधार रहा है। साल 2016 में जहां कांग्रेस ने 44 सीटें जीती थीं, वहीं 2021 में वह शून्य पर सिमट गई थी। एक समय ममता सरकार की मुख्य प्रतिद्वंद्वी रही यह पार्टी अब उस जगह को भाजपा के हाथों गंवा चुकी है।

2016 और 2021 में वाम दलों के साथ गठबंधन भी कोई खास नतीजा नहीं दे सका, जिसका एक कारण वाम दलों की बढ़ती अलोकप्रियता थी। कांग्रेस ने मालदा और मुर्शिदाबाद जिलों पर भी अपनी पकड़ खो दी, जो पारंपरिक रूप से पार्टी का गढ़ माने जाते थे।

इसी बीच, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पिछले चुनावों में लगातार अपनी स्थिति मजबूत की है। 2016 में केवल 3 सीटें जीतने वाली भाजपा ने 2021 में 77 सीटें हासिल कर लीं और तभी से वह राज्य में मुख्य विपक्षी दल बनकर उभरी है।

फरवरी में ही, कांग्रेस द्वारा आधिकारिक तौर पर अकेले चुनाव लड़ने की घोषणा से पहले, पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (WBPCC) के अध्यक्ष सुभंकर सरकार ने आगामी चुनावों में पार्टी को अकेले उतरने की इच्छा व्यक्त की थी। पार्टी के अधिकांश नेताओं ने भी इस विचार का समर्थन किया।

पश्चिम बंगाल के लिए पार्टी प्रभारी गुलाम अहमद मीर ने कहा, “पश्चिम बंगाल में गठबंधन या सीट-बंटवारे की व्यवस्थाओं के हमारे पिछले अनुभवों ने राज्य में जमीनी स्तर के पार्टी कार्यकर्ताओं को काफी हद तक कमजोर कर दिया था। राज्य कांग्रेस नेताओं सहित सभी के साथ चर्चा के बाद, यह निर्णय लिया गया है कि कांग्रेस पश्चिम बंगाल की सभी 294 विधानसभा सीटों पर स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ेगी। इसी बात को ध्यान में रखते हुए चुनावी तैयारियां शुरू की जाएंगी।”



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