International
oi-Bhavna Pandey
ईरान-इजराइल के बीच जारी युद्ध अब खतरनाक और भयावह रूप लेता जा रहा है। मिसाइल हमले अब सैन्य ठिकानों से आगे बढ़कर रिहायशी इलाकों तक पहुंच रहे हैं। सऊदी अरब के अल-खर्ज प्रांत में रविवार को एक रेजिडेन्सियल एरिया पर हुए मिसाइल हमले में एक भारतीय नागरिक सहित दो व्यक्तियों की मौत हो गई और 12 अन्य घायल हो गए।
रियाद के साउथ में स्थित इस इलाके में हुए हमले की सूचना किंगडम के नागरिक रक्षा मंत्रालय ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को दी। मंत्रालय ने अपने जारी बयान में पुष्टि की, “इस हमले के परिणामस्वरूप भारतीय और बांग्लादेशी मूल के दो व्यक्तियों की मृत्यु हुई, जबकि 12 बांग्लादेशी निवासियों को चोटें आईं और सामग्री क्षति भी हुई।”

इससे पहले रविवार को, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने खुलासा किया था कि उसने अल-खर्ज सहित कुछ ठिकानों पर रडार प्रणालियों को निशाना बनाया था।
यह हमला मध्य पूर्व में बढ़ती शत्रुता के बीच हुआ है, जो 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हवाई हमलों से शुरू हुई। इन हमलों में सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई व कई वरिष्ठ अधिकारी मारे गए, जिसके बाद ईरानी सेना ने जवाबी मिसाइल और ड्रोन हमले किए।
तब से, ईरान ने पूरे क्षेत्र में विभिन्न ठिकानों पर हमले किए हैं। इनमें खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य अड्डे, सऊदी अरब में रडार और सैन्य प्रणालियाँ, ईंधन और तेल डिपो, बहरीन में अलवणीकरण संयंत्र, और अन्य नागरिक व रणनीतिक बुनियादी ढाँचे शामिल हैं।
इस संघर्ष में पूरे क्षेत्र में मिसाइल और ड्रोन हमले देखे गए हैं, जिनमें अमेरिकी अड्डे, लेबनानी शहर और ईरानी सुविधाएं निशाना बनी हैं। क्षेत्रीय तनाव ने बेरूत से ईरानी राजनयिकों की निकासी, लेबनान में नागरिक हताहतों की संख्या में वृद्धि और तेहरान के तेल भंडारण स्थलों व लेबनानी ठिकानों पर इजरायली हवाई हमलों को जन्म दिया है।



