पिछले हफ्ते छुट्टियों की वजह कम दिनों का कारोबार रहा। इस दौरान देश की शीर्ष 10 कंपनियों में से छह के बाजार मूल्य में गिरावट दर्ज की गई। इन कंपनियों को कुल करीब 64,734 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। सबसे ज्यादा नुकसान भारती एयरटेल को हुआ। इसका मतलब है कि शेयर बाजार में कुल मिलाकर कमजोरी रही। पिछले हफ्ते बीएसई सूकांक (सेंसेक्स) 263.67 अंक (यानी 0.35 फीसदी) गिरा। जबकि, एनएसई निफ्टी में 106.5 अंक (यानी 0.46 फीसदी) की कमी दर्ज की गई।
रेलिगेयर ब्रूकिंग लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (शोध) अजित मिश्रा ने कहा, बाजार लगातार छठे हफ्ते गिरावट के साथ बंद हुआ। यह लगभग आधा फीसदी नीचे रहा। यह गिरावट वैश्विक व घरेलू अनिश्चितताओं के कारण बढ़ी अस्थिरता को दिखाती है। उन्होंने बताया कि छुट्टियों वाले इस छोटे हफ्ते की शुरुआत कमजोर रही। इसका कारण अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव व कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी रहा। इससे निवेशकों का भरोसा प्रभावित हुआ और बाजार में बड़े पैमाने पर बिकवाली देखी गई।
हालांकि, सप्ताह के बीच में बाजार में कुछ सुधार भी देखने को मिला। भू-राजनीतिक तनाव में कमी और तेल की कीमतों में नरमी के कारण बाजार संभला। इसके बावजूद बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहा। इसकी वजह वैश्विक संकेतों में बदलाव, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली, रुपये की कमजोर और महंगाई को लेकर चिंता रही।
भारती एयरटेल को सबसे अधिक नुकसान
भारती एयरटेल का बाजार मूल्य 29,993.07 करोड़ रुपये से घटकर 10,20,420.26 करोड़ रुपये रह गया। आईसीआईसीआई बैंक का मूल्य 12,845.81 करोड़ रुपये घटकर 8,70,705 करोड़ रुपये हो गया।
बजाज फाइनेंस और एचडीएफसी का भी बाजार मूल्य घटा
इसी तरह, बजाज फाइनेंस के बाजार मूल्य में 11,169.36 करोड़ रुपये की कमी आई और यह 5,14,226.12 करोड़ रुपये पर आ गया। एचडीएफसी का बाजार मूल्य 7,822.79 करोड़ रुपये से घटकर 11,56,195.90 करोड़ रुपये रह गया।
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हिंदुस्तान यूनिलीवर का बाजार मूल्य 2,349 .59 करोड़ रुपये कम होकर 4,85,190.60 करोड़ रुपये रह गया। जबकि भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) का बाजार पूंजीकरण 553.84 करोड़ रुपये घटकर 9,41,015.31 करोड़ रुपये हो गया।
किन कंपनियों के बाजार मूल्य में हुई वृद्धि?
इसके विपरीत, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज का बाजार मूल्य 22,359 करोड़ रुपये बढ़कर 8,87,028.43 करोड़ रुपये हो गया। इंफोसिस का बाजार मूल्य 12,374.76 करोड़ रुपये बढ़कर 5,27,409.43 करोड़ रुपये पहुंच गया।
लार्सन एंड टुब्रो के बाजार मूल्य में 6,575.43 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई और यह 4,97,111.62 करोड़ रुपये हो गया। वहीं, रिलायंस इंडस्ट्रीज का बाजार मूल्य 3,518.45 करोड़ रुपये बढ़कर 18,28,034.07 करोड़ रुपये हो गया। रिलायंस इंडस्ट्रीज देश की सबसे मूल्यवान कंपनी बनी रही। इसके बाद क्रमशः एचडीएफसी बैंक, भारती एयरटेल, भारतीय स्टेट बैंक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, आईसीआईसीआई बैंक, इंफोसिस, बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो और हिंदुस्तान यूनिलीवर का स्थान रहा।



