चलन से वापस लिए गए दो हजार रुपये के कुल नोटों में से 98.45 फीसदी नोट बैंकिंग प्रणाली में वापस आ चुके हैं। केंद्रीय बैंक ने 19 मई 2023 को दो हजार रुपये के नोटों को चलन से वापस लेने की घोषणा की थी। उस समय इन नोटों का कुल मूल्य 3.56 लाख करोड़ रुपये था, जो 31 मार्च, 2026 को कारोबार बंद होने तक घटकर 5,501 करोड़ रुपये रह गया है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बुधवार को यह जानकारी दी।
अभी चलन में 2000 रुपये के कितने नोट?
आरबीआई ने बताया कि 19 मई 2023 तक चलन में रहे दो हजार रुपये के नोटों का 98.45 फीसदी हिस्सा अब तक वापस आ चुका है। यह आंकड़ा नोट वापसी अभियान की सफलता को दर्शाता है। केंद्रीय बैंक ने यह भी साफ किया है कि दो हजार रुपये के नोट वैध मुद्रा बने रहेंगे। नोटों की वापसी की घोषणा के बाद से, आरबीआई ने विभिन्न माध्यमों से जनता को नोट बदलने और जमा करने की सुविधा प्रदान की है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य अर्थव्यवस्था में उच्च मूल्यवर्ग के नोटों के प्रचलन को कम करना है। 19 मई 2023 को कारोबार बंद होने पर चलन में दो हजार रुपये के नोटों का कुल मूल्य 3.56 लाख करोड़ रुपये था। यह मूल्य 31 मार्च, 2026 को कारोबार बंद होने तक काफी कम होकर केवल 5,501 करोड़ रुपये रह गया है। इस भारी गिरावट से पता चलता है कि अधिकांश नोट सफलतापूर्वक वापस ले लिए गए हैं।
कब हुआ था 2000 रुपये के नोटों को वापस लेने का एलान?
दो हजार रुपये के नोटों को चलन से वापस लेने का निर्णय 19 मई, 2023 को लिया गया था। यह कदम भारतीय अर्थव्यवस्था में नोटों के प्रवाह को विनियमित करने के उद्देश्य से उठाया गया था। आरबीआई ने इस प्रक्रिया को सुचारु और व्यवस्थित बनाने के लिए एक विस्तृत योजना तैयार की थी। इस घोषणा के बाद, जनता को अपने पास मौजूद इन नोटों को बैंकों में जमा करने या बदलने का पर्याप्त अवसर दिया गया। यह प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से लागू की गई ताकि आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
नोटों को बदलने या जमा करने की क्या है प्रक्रिया?
आरबीआई ने नोटों के विनिमय और जमा के लिए कई सुविधाजनक तरीके प्रदान किए हैं। 19 मई, 2023 से ही आरबीआई के 19 निर्गम कार्यालयों में दो हजार रुपये के नोटों को बदलने की सुविधा उपलब्ध है। नौ अक्टूबर, 2023 से इन कार्यालयों में व्यक्तियों और संस्थाओं द्वारा अपने बैंक खातों में दो हजार रुपये के नोट सीधे जमा करने की सुविधा भी शुरू की गई। इसके अतिरिक्त, आम जनता देश के किसी भी डाकघर से इंडिया पोस्ट के माध्यम से दो हजार रुपये के नोट आरबीआई के किसी भी निर्गम कार्यालय में अपने बैंक खातों में जमा करने के लिए भेज सकती है। इन विभिन्न सुविधाओं का उद्देश्य नोट वापसी प्रक्रिया को सभी के लिए सुलभ और आसान बनाना है।
क्या 2000 रुपय के नोट अब भी वैध मुद्रा हैं?
आरबीआई ने बार-बार यह दोहराया है कि दो हजार रुपये के नोट वैध मुद्रा बने रहेंगे। इसका अर्थ है कि इन नोटों को किसी भी लेनदेन के लिए स्वीकार किया जाना चाहिए। हालांकि, केंद्रीय बैंक ने लोगों से इन नोटों को जल्द से जल्द बदलने या अपने बैंक खातों में जमा करने का आग्रह किया है। यह कदम नोट वापसी प्रक्रिया को पूरा करने और अर्थव्यवस्था में उच्च मूल्यवर्ग के नोटों के प्रचलन को कम करने में मदद करेगा। आरबीआई इस प्रक्रिया की लगातार निगरानी कर रहा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी नोटों की वापसी सुचारु रूप से हो।



