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7 लाख का कर्ज, टूटी शादी और ‘खराब नीयत’… प्रॉपर्टी डीलर के कत्ल की इनसाइड स्टोरी


Sonbhadra Crime News: उत्तर प्रदेश के सोनभद्र से एक ऐसी वारदात सामने आई है जिसने रिश्तों की पवित्रता और आपसी विश्वास पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. यहां एक प्रॉपर्टी डीलर की न केवल बेरहमी से हत्या की गई, बल्कि उसके शव को ठिकाने लगाने के लिए उसकी अपनी ही कार का इस्तेमाल किया गया. यह कहानी है धोखे, लाखों के लेनदेन, टूटी हुई शादियों और उस खौफनाक साजिश की, जिसका अंत मिर्जापुर के सिरसी डैम की गहरी खाई में हुआ. घोरावल पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्याकांड की गुत्थी सुलझाते हुए एक महिला, उसके पति और भांजे को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस की जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं हैं.

नींद में मौत का तांडव: क्या है पूरा मामला?
घटना घोरावल कोतवाली क्षेत्र के पेढ़ (नौगढ़वा) गांव की है. चंदौली जनपद के धानापुर निवासी 50 वर्षीय कुंवर मौर्य पेशे से प्रॉपर्टी डीलर थे. उनका पेढ़ गांव की रहने वाली लीलावती के घर अक्सर आना-जाना था. 22 मार्च की शाम, लीलावती ने कुंवर मौर्य को फोन कर अपने घर बुलाया. कुंवर अपने ड्राइवर रोहित के साथ वहां पहुंचे, बड़े चाव से खाना खाया और निश्चिंत होकर सोने चले गए. उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि यह उनकी आखिरी रात होने वाली है. देर रात जब कुंवर मौर्य गहरी नींद में थे, तब लीलावती ने अपने भांजे चंद्रशेखर उर्फ मखंचू और पति साहब लाल के साथ मिलकर कमरे में प्रवेश किया. तीनों ने मिलकर कुंवर का गला घोंट दिया. चंद मिनटों में एक हंसता-खेलता इंसान लाश में तब्दील हो गया.

7 लाख का कर्ज और टूटी हुई शादी: हत्या की असली वजह
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने हत्या के पीछे की जो वजह बताई, वह चौंकाने वाली है. आरोपी मखंचू के मुताबिक, उसने कुंवर मौर्य को 7 लाख रुपये उधार दिए थे, जिसे वह लौटाने में आनाकानी कर रहा था. विवाद सिर्फ पैसों तक सीमित नहीं था. आरोपियों ने यह भी आरोप लगाया कि कुंवर मौर्य की नीयत ठीक नहीं थी. उसने लीलावती की बेटी की शादी में दखल देकर रिश्ता तुड़वा दिया था और जमीन बेचने से मिले करीब 15 लाख रुपये खुद हड़प लिए थे. परिवार के भीतर कुंवर के आचरण को लेकर भारी आक्रोश था, जो आखिरकार इस हत्याकांड की वजह बना.

ड्राइवर को बनाया मोहरा, डिक्की में लाश और सिरसी डैम का सफर
हत्या के बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने के लिए एक शातिर योजना बनाई. उन्होंने कुंवर के ड्राइवर रोहित को जान से मारने की धमकी देकर जगाया. खौफजदा ड्राइवर के सामने ही शव को साड़ी में लपेटा गया और कुंवर की ही कार की डिक्की में डाल दिया गया. आरोपी कार को मिर्जापुर के सिरसी डैम ले गए. वहां लाश को भारी पत्थरों से बांधा गया ताकि वह पानी के ऊपर न आ सके और फिर उसे पुलिया के पास गहरी खाई में फेंक दिया गया. वारदात को अंजाम देने के बाद ड्राइवर को चंदौली ले जाकर छोड़ दिया गया और जुबान खोलने पर अंजाम भुगतने की धमकी दी गई.

डर पर भारी पड़ी हिम्मत: कैसे खुला राज?
आरोपियों को लगा था कि ड्राइवर डर के मारे चुप रहेगा, लेकिन यहीं उनसे चूक हो गई. डरे-सहमे ड्राइवर रोहित ने हिम्मत जुटाई और मृतक के परिजनों को पूरी बात बता दी. जैसे ही पुलिस को सूचना मिली, महकमे में हड़कंप मच गया. पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर टीमें गठित की गईं. तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों की मदद से पुलिस ने कड़ियां जोड़नी शुरू कीं.

पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी
1 अप्रैल को पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी. खुटहा बाईपास तिराहे से पुलिस ने घेराबंदी कर तीनों मुख्य आरोपियों लीलावती, साहब लाल और चंद्रशेखर मौर्य को धर दबोचा. पुलिस ने उनकी निशानदेही पर घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए और वह मोबाइल फोन व नगदी भी बरामद की, जिसे छिपाने की कोशिश की गई थी. पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने जुर्म कबूल कर लिया है. सबूत मिटाने के लिए सिम कार्ड और फोन नष्ट किए गए थे. शव को बरामद कर लिया गया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है.



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