Homeटेक्नोलॉजीसरकार ने 2.38 लाख करोड़ के रक्षा प्रस्ताव मंजूर किए: एयरफोर्स...

सरकार ने 2.38 लाख करोड़ के रक्षा प्रस्ताव मंजूर किए: एयरफोर्स को S-400 मिसाइल डिफेंस और आर्मी को धनुष गन सिस्टम मिलेंगे


  • Hindi News
  • National
  • Defence Council Approves ₹2.38 Lakh Crore For S 400, Dhanush; Air Force Army

नई दिल्ली8 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) की बैठक में करीब 2.38 लाख करोड़ रुपए के रक्षा खरीद प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इस प्रस्ताव में आर्मी, एयरफोर्स और कोस्ट गार्ड के लिए कई अहम सिस्टम और प्लेटफॉर्म शामिल हैं।

सेना के लिए एयर डिफेंस ट्रैक्ड सिस्टम, आर्मर पियर्सिंग टैंक गोला-बारूद, हाई कैपेसिटी रेडियो रिले, धनुष गन सिस्टम और रनवे इंडिपेंडेंट एरियल सर्विलांस सिस्टम को मंजूरी मिली।

वित्त वर्ष 2025-26 में DAC अब तक 55 प्रस्ताव मंजूर कर चुका है, जिनकी कुल लागत 6.73 लाख करोड़ रुपए है। इसी दौरान 503 डिफेंस डील साइन हुईं, जिनकी कीमत 2.28 लाख करोड़ रुपए है।

सरकार के मुताबिक यह किसी एक वित्त वर्ष में अब तक का सबसे बड़ा रक्षा खरीद और मंजूरी का आंकड़ा है।

ql9boi 1774617321

एयरफोर्स को ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट मिलेंगे

भारतीय वायुसेना के लिए मीडियम ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट, S-400 मिसाइल सिस्टम, रिमोटली पायलटेड स्ट्राइक एयरक्राफ्ट और Su-30 इंजन ओवरहाल को मंजूरी मिली।

  • नए ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट AN-32 और IL-76 की जगह लेंगे।
  • S-400 सिस्टम लंबी दूरी के हवाई खतरों से सुरक्षा देगा।
  • ड्रोन स्ट्राइक एयरक्राफ्ट से ऑपरेशनल और सर्विलांस क्षमता बढ़ेगी।
  • Su-30 इंजन अपग्रेड से विमानों की लाइफ बढ़ेगी।

इंडियन कोस्ट गार्ड के लिए होवरक्राफ्ट की मंजूरी

इंडियन कोस्ट गार्ड के लिए हेवी ड्यूटी एयर कुशन व्हीकल्स (होवरक्राफ्ट) को मंजूरी मिली। इनका उपयोग तटीय गश्त, सर्च एंड रेस्क्यू और लॉजिस्टिक्स सपोर्ट में होगा।

होवरक्राफ्ट ऐसा वाहन है जो जमीन, पानी, कीचड़ और बर्फ हर सतह पर चल सकता है। यह नीचे हवा का दबाव (एयर कुशन) बनाकर सतह से थोड़ा ऊपर उठता है, इसलिए घर्षण कम होता है।

इसमें लगे शक्तिशाली फैन नीचे हवा भरकर कुशन बनाते हैं, जिससे वाहन सतह से ऊपर उठता है। इसके बाद प्रोपेलर या इंजन इसे आगे बढ़ाते हैं।

2 1774617331

S-400 ने ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तानी मिसाइलों को खत्म किया

S-400 वही डिफेंस सिस्टम है, जिसने ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान की ओर से किए गए ड्रोन और मिसाइल हमलों को हवा में ही मारकर नाकाम किया था। S-400 ट्रायम्फ रूस का सबसे एडवांस्ड मिसाइल सिस्टम है, जिसे 2007 में लॉन्च किया गया था।

ये सिस्टम फाइटर जेट, बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइल, ड्रोन और स्टेल्थ विमानों तक को मार गिरा सकता है। ये हवा में कई तरह के खतरों से बचाव के लिए एक मजबूत ढाल की तरह काम करता है। दुनिया के बेहद आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम में इसकी गिनती होती है।

2163724133617466981961756874287 1774615177

S-400 सिस्टम की खासियत…

  • S-400 की सबसे बड़ी खासियत इसका मोबाइल होना है। यानी रोड के जरिए इसे कहीं भी लाया ले जाया जा सकता है।
  • इसमें 92N6E इलेक्ट्रॉनिकली स्टीयर्ड फेज्ड ऐरो रडार लगा हुआ है जो करीब 600 किलोमीटर की दूरी से ही मल्टीपल टारगेट्स को डिटेक्ट कर सकता है।
  • ऑर्डर मिलने के 5 से 10 मिनट में ही ये ऑपरेशन के लिए रेडी हो जाता है।
  • S-400 की एक यूनिट से एक साथ 160 ऑब्जेक्ट्स को ट्रैक किया जा सकता है। एक टारगेट के लिए 2 मिसाइल लॉन्च की जा सकती हैं।
  • S-400 में 400 इस सिस्टम की रेंज को दर्शाता है। भारत को जो सिस्टम मिल रहा है, उसकी रेंज 400 किलोमीटर है। यानी ये 400 किलोमीटर दूर से ही अपने टारगेट को डिटेक्ट कर काउंटर अटैक कर सकता है। साथ ही यह 30 किलोमीटर की ऊंचाई पर भी अपने टारगेट पर अटैक कर सकता है।

कहां तैनात हैं एस-400?

एस-400 की एक स्क्वाड्रन में 256 मिसाइल होती हैं। भारत के पास इस वक्त 3 स्क्वाड्रन हैं, जिन्हें अलग-अलग तरफ की सीमाओं पर तैनात किया गया है।

पहली स्क्वाड्रन – पंजाब में तैनात की गई है। भारत को पहली 2021 में रूस ने पहली स्क्वाड्रन सौंपी थी। यह पाकिस्तान और चीन दोनों की ओर से आने वाले खतरों को रोकने के लिए है।

दूसरी स्क्वाड्रन – सिक्किम (चीन सीमा) में तैनात है। भारत को यह खेप जुलाई 2022 में मिली थी। यहां से चिकन नेक पर भी निगरानी रखी जाती है।

तीसरी स्क्वाड्रन- राजस्थान-गुजरात या पंजाब/राजस्थान सीमा पर तैनात है। भारत को यह खेप फरवरी 2023 में मिली। इस स्क्वाड्रन से पश्चिमी सीमा की सुरक्षा मजबूत होती है।

रूस 2026 तक बाकी 2 S-400की डिलीवरी कर सकता है। यूक्रेन जंग की वजह से इसकी डिलीवरी में देरी हुई है। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत को S-400 एयर डिफेंस सिस्टम की चौथी खेप साल 2025 के अंत तक मिल सकती है।

3163724135217466982291759515772 1774616497

—————————————

ये खबर भी पढ़ें…

सेना 800km रेंज वाली ब्रह्मोस क्रूज-मिसाइल खरीदेगी, अभी 450km रेंज की मिसाइल मौजूद

brahmos ezgifcom webp to jpg converter1774550698 1774618633

भारतीय सेना 800 किमी से ज्यादा रेंज वाली ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल खरीदने की तैयारी में है। फिलहाल सेना के पास 450 किमी तक मारक क्षमता वाली ब्रह्मोस मिसाइल मौजूद है। न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, रक्षा अधिकारियों ने बताया कि सेना इस नए वर्जन का बड़ा ऑर्डर देने की योजना बना रही है। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…



Source link

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img

Most Popular

Recent Comments