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Nepal: गिरफ्तारी के बाद बिगड़ी KP शर्मा ओली की तबीयत, अस्पताल में भर्ती, जेल का डर या स्वास्थ्य गड़बड़?- Video


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oi-Siddharth Purohit

Nepal के पूर्व प्रधानमंत्री K. P. Sharma Oli को शनिवार की सुबह गिरफ्तार कर लिया गया था। उन पर Gen Z प्रदर्शन के दौरान कई लोगों की हत्या के आरोप लगाए गए हैं। लेकिन जैसे ही उनकी गिरफ्तारी हुई, उसके कुछ ही देर बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई और उन्हें राजधानी Kathmandu स्थित Tribhuvan University Teaching Hospital में भर्ती कराया गया है। उन्हें अस्पताल के एनेक्स वन बिल्डिंग में बेड नंबर 501 पर रखा गया है।

हेल्थ चेकअप के बाद डॉक्टरों ने किया एडमिट

शनिवार सुबह ओली को स्वास्थ्य जांच के लिए अस्पताल लाया गया था, लेकिन डॉक्टरों की सलाह के बाद उन्हें भर्ती कर लिया गया। जिला पुलिस रेंज काठमांडू के एसपी Pawan Bhattarai ने इसकी पुष्टि की। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, जरूरी ब्लड टेस्ट, वीडियो एक्स-रे और अन्य जांचों के बाद ही यह फैसला लिया गया। बता दें कि ओली पहले किडनी ट्रांसप्लांट करा चुके हैं।

Nepal KP Sharma Oli

सुबह-सुबह घर से गिरफ्तार किए थे गए ओली

इससे पहले शनिवार सुबह ही K. P. Sharma Oli को उनके काठमांडू स्थित घर से गिरफ्तार कर लिया गया था। उन पर आरोप है कि पिछले साल Gen Z विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई दर्जनों मौतों में उनकी भूमिका थी। पुलिस ने उनके साथ पूर्व गृह मंत्री Ramesh Lekhak को भी हिरासत में लिया।

नई सरकार बनते ही बड़ा एक्शन

यह गिरफ्तारी नेपाल के नए प्रधानमंत्री Balendra Shah (बालेन) के शपथ लेने के 24 घंटे के अंदर हुई। बालेन, जो पहले रैपर थे, ने हाल ही में भारी बहुमत से चुनाव जीता था। उन्होंने वादा किया था कि Gen Z आंदोलन के दौरान हुई मौतों के लिए न्याय दिलाया जाएगा और भ्रष्टाचार पर सख्ती की जाएगी।

#WATCH | Kathmandu, Nepal: Former Nepal Prime Minister KP Sharma Oli being brought out of District Police Range, Kathmandu, to be taken to the hospital for a medical checkup. He was brought here after being taken into custody from his residence in Gundu, Bhaktapur, by Nepal… pic.twitter.com/3R22t3esp7

— ANI (@ANI) March 28, 2026 “>

कैसे भड़का था Gen Z आंदोलन

पिछले साल सितंबर में ये विरोध प्रदर्शन शुरू हुए थे। इसकी वजह सोशल मीडिया बैन, बढ़ता भ्रष्टाचार और राजनीति में भाई-भतीजावाद से लोगों की नाराजगी थी। हालात तब बिगड़े जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर गोली चला दी, जिसमें 19 लोगों की मौत हो गई।

देशभर में फैली हिंसा और सरकार गिर गई

गोलीबारी के अगले ही दिन ये विरोध पूरे देश में फैल गया। सैकड़ों सरकारी दफ्तरों और संसद में आगजनी हुई। इस हिंसा में कई और लोगों की जान गई और आखिरकार सरकार गिर गई। इसके बाद से ही ओली और उनके गृह मंत्री पर कार्रवाई का दबाव बढ़ गया था।

कानून से ऊपर कोई नहीं- नए गृहमंत्री

नए गृहमंत्री Sudan Gurung ने सोशल मीडिया पर इन गिरफ्तारियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा, “कोई भी कानून से ऊपर नहीं है। यह बदला नहीं, बल्कि न्याय की शुरुआत है।” भारी पुलिस बल और दंगा-रोधी गियर के साथ गिरफ्तारी की गई और दोनों नेताओं को काठमांडू जिला पुलिस कार्यालय ले जाया गया।

लीक रिपोर्ट के बाद हुई कार्रवाई

ओली की गिरफ्तारी एक सरकारी जांच रिपोर्ट लीक होने के बाद हुई। इस रिपोर्ट में कहा गया था कि ओली, रमेश लेखक और उस समय के पुलिस प्रमुख को 10 साल की जेल होनी चाहिए। इन पर आरोप है कि उन्होंने हिंसा के दौरान अपनी जिम्मेदारी सही से नहीं निभाई।

रिपोर्ट में क्या खुलासा हुआ?

रिपोर्ट में यह साबित नहीं हुआ कि गोली चलाने का सीधा आदेश दिया गया था, लेकिन यह जरूर कहा गया कि फायरिंग रोकने या कंट्रोल करने की कोई कोशिश नहीं की गई। इस लापरवाही के कारण नाबालिगों सहित कई लोगों की जान चली गई। पुलिस प्रवक्ता Om Adhikari ने भी पुष्टि की कि गिरफ्तारियां इसी रिपोर्ट के आधार पर हुई हैं।

बालेन की जीत को माना जा रहा बदलाव

प्रधानमंत्री Balendra Shah की जीत को Gen Z आंदोलन की बड़ी सफलता माना जा रहा है। उन्होंने पुराने और अनुभवी नेताओं को हराकर सत्ता हासिल की। इसे भ्रष्ट और पुराने सिस्टम के खिलाफ जनता के गुस्से के रूप में देखा जा रहा है।

इस खबर पर आपकी क्या राय है, हमें कमेंट में बताएं।





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