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India Oil Production: भारत की वो जगह जहां पर हैं तेल का अथाह भंडार, हर दिन निकलता है हजारों लीटर Oil


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oi-Bhavna Pandey

India Oil Production: इजराइल और अमेरिका का ईरान के साथ चल रहे युद्ध के बीच भारत में ऊर्जा संसाधनों का संकट गहराने लगा है। भारत में लगातार पेट्राेल और डीजल की कीमतों में बढ़ोत्‍तरी हो रही है। इसकी खास वजह ये है कि भारत की 90 फीसदी तेल की जरूरत आयात पर निर्भर है। हालांकि भारत में भी कच्‍चे तेल का उत्‍पादन हो रहा है।

आपको जानकर हैरानी होगी भारत में एक ऐसी जगह हैं जहां तेल के कुएं ही कुएं हैं, जहां से हर दिन हजारों लीटर कच्‍चा तेल टैंकरों में भरकर सप्‍लाई होता है। आइए जानते हैं भारत के राज्‍य राज्‍य में तेल का सबसे बड़ा भंडार है, कहां पर है तेल के सबसे अधिकी कुएं?

India Oil Production

भारत में कहां पर है तेल का भंडार?

भारत में तटवर्ती (ऑनशोर) में कच्चे तेल उत्पादन में राजस्थान टॉप पर है। बाड़मेर में सबसे ज्यादा जमीन से कच्चा तेल निकाला जा रहा है। बाड़मेर बेसिन देश का सबसे बड़ा ऑनशोर उत्पादक है। हाालांकि समुद्री क्षेत्रों को शामिल करने पर मुंबई हाई (महाराष्ट्र तट के पास) भारत का सबसे बड़ा उत्पादक है, फिर भी राज्य स्तर पर राजस्थान अग्रणी बना हुआ है।

बाड़मेर-सांचोर में हैं तेल के कुएं ही कुएं

बता दें राजस्थान का कुल बेसिन क्षेत्र 1,26,000 स्क्वायर किलोमीटर है, जिसमें बाड़मेर-सांचोर का 11,000 और बीकानेर-नागौर का 70,000 स्क्वायर किलोमीटर है। सबसे ज़्यादा तेल उत्पादन बाड़मेर से होता है। रिपोर्टों के अनुसार, यहाँ करीब 300 कुओं की ड्रिलिंग हुई है, हालांकि इसकी अधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

हर दिन निकलता है हजारों लीटर Oil

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार राजस्थान में चार तेल व गैस बेसिन हैं। बाड़मेर-सांचोर बेसिन से सर्वाधिक कच्चा तेल निकलता है, जहां हर दिन हजारों बैरल उत्पादन होता है। बाड़मेर-सांचोर बेसिन में भारत में कुल कच्चे तेल उत्पादन में करीब 25 प्रतिशत योगदान देता है। 2009 में उत्पादन शुरू होने के बाद से, इसने राजस्थान सरकार को पर्याप्त राजस्व दिया है। इसमें मंगला, भाग्यम और ऐश्वर्या जैसे बड़े तेल क्षेत्र शामिल हैं; उत्पादन बढ़ाने के लिए नई तकनीकों का इस्तेमाल हो रहा है।

चार वर्षों में आई गिरावट

बाड़मेर-सांचौर बेसिन में पिछले चार वर्षों से कच्चे तेल के उत्पादन में लगातार गिरावट आ रही है। पहले यह रोजाना 80 हजार से 1 लाख बैरल था। पेट्रोलियम एवं खनन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस कमी के बावजूद राज्य सरकार ने आश्वस्त किया है कि प्रदेश में पेट्रोल और डीजल आपूर्ति बाधित नहीं होगी।

  • पेट्रोलियम एवं खनन विभाग के अनुसार 2020-21 में कच्चे तेल का उत्पादन 53.07 लाख टन रहा।
  • यह उत्पादन 2019-20 के 54.34 लाख टन से कम रहा।
  • 2018-19 में उत्पादन 55.48 लाख टन दर्ज किया गया था।
  • 2017-18 में कच्चे तेल का उत्पादन 56.88 लाख टन रहा, जो अब तक का सबसे उच्च स्तर था।
  • 2017-18 के बाद से उत्पादन में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है।



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