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राघव चड्‌ढा AAP को बोले- खामोश कराया, हारा नहीं हूं: मैं सैलाब बनकर आऊंगा; कल राज्यसभा में उपनेता पद से हटाया था – Chandigarh News




आम आदमी पार्टी के राज्यसभा में उपनेता पद से हटाए जाने के बाद सांसद राघव चड्‌ढा ने पहली प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसका एक वीडियो जारी किया है। इसमें उन्होंने लिखा है मेरा आम आदमी के लिए मैसेज है कि खामोश करवाया गया हूं, हारा नहीं हूं। आम आदमी को ये मेरा संदेश है। राघव चड्‌ढा ने कहा– मुझे जब-जब पार्लियामेंट में बोलने का मौका मिलता है, मैं जनता के मुद्दे उठाता हूं। शायद ऐसे टॉपिक्स उठाता हूं, जिसे आम तौर पर संसद में नहीं उठाया जाता। लेकिन क्या जनता के मुद्दे उठाना, पब्लिक इश्यूज पर बात करना कोई अपराध है। क्या मैंने कोई गुनाह कर दिया। क्या मैंने कुछ गलत किया। ये सवाल आज मैं इसलिए पूछ रहा हूं क्योंकि आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सेक्रेटेरिएट को ये कहा है, राघव चड्‌ढा के बोलने पर रोक लगा दी जाए। जी हां, आम आदमी पार्टी ने पार्लियामेंट को ये सूचित किया है कि राघव चड्‌ढा को बोलने का मौका न दिया जाए। अब भला कोई मेरे बोलने पर रोक क्यों लगाना चाहेगा। मैं तो जब बात करता हूं, देश के आम आदमी की बात करता हूं। गौरतलब है कि आम आदमी पार्टी (AAP) ने गुरुवार को सांसद राघव चड्ढा को राज्यसभा के उपनेता पद से हटा दिया था। राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल को उनकी जगह दे दी। पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखकर जानकारी दी थी। लेटर में कहा कि सदन में पार्टी की तरफ से बोलने का समय न दिया जाए। राघव 2022 से पंजाब से राज्यसभा सांसद हैं। उनका कार्यकाल 2028 तक है। पार्टी ने इस फैसले की वजह नहीं बताई है। हालांकि, उन्होंने लंबे समय से पार्टी से दूरी बना ली थी और AAP को लेकर कोई बयान नहीं दे रहे हैं। राघव ने वीडियो जारी कर ये बातें कहीं… क्या पब्लिक इश्यूज पर बात करना कोई अपराध: राघव चड्‌ढा ने 2.18 मिनट का वीडियो X पर पोस्ट किया। जिसमें वह पार्लियामेंट परिसर में खड़े होकर बोल रहे हैं। इसमें राघव चड्‌ढा ने कहा– मुझे जब–जब पार्लियामेंट में बोलने का मौका मिलता है, मैं जनता के मुद्दे उठाता हूं। शायद ऐसे टॉपिक्स उठाता हूं, जिसे आम तौर पर संसद में नहीं उठाया जाता। लेकिन क्या जनता के मुद्दे उठाना, पब्लिक इश्यूज पर बात करना कोई अपराध है। क्या मैंने कोई गुनाह कर दिया। क्या मैंने कुछ गलत किया। पार्टी ने कहा- बोलने का मौका न दिया जाए: राघव ने कहा कि ये सवाल आज मैं इसलिए पूछ रहा हूं क्योंकि आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सेक्रेटेरिएट को ये कहा है, राघव चड्‌ढा के बोलने पर रोक लगा दी जाए। जी हां, आम आदमी पार्टी ने पार्लियामेंट को ये सूचित किया है कि राघव चड्‌ढा को बोलने का मौका न दिया जाए। देश के आम आदमी की बात करता हूं: राघव ने कहा कि अब भला कोई मेरे बोलने पर रोक क्यों लगाना चाहेगा। मैं तो जब बात करता हूं, देश के आम आदमी की बात करता हूं। एयरपोर्ट पर मिल रहे महंगे खाने की बात करता हूं। जोमेटो-ब्लिंकिट के डिलीवरी राइडर्स की प्रॉब्लम की बात रखी। खाने में मिलावट का मुद्दा उठाया। टोल प्लाजा लूट से लेकर बैंक चार्जेस लूट की बात की। यहां तक कि मिडिल क्लास पर टैक्स के बोझ से लेकर कॉन्टेंट क्रिएटर्स पर स्ट्राइक क्यों की जाती है। टेलीकॉम कंपनियां कैसे 12 महीने में 13 महीने का हमसे रिचार्ज करवाती हैं। डेटा रोलओवर नहीं देती हैं। रिचार्ज खत्म होने के बाद इनकमिंग रोक देती हैं। यह तमाम इश्यूज मैने सदन में उठाए। ये मुद्दे उठाने के बाद देश के आम आदमी का तो फायदा हुआ, इससे आम आदमी पार्टी का क्या नुकसान हुआ। भला कोई मुझे बोलने से क्यों रोकना चाहेगा। कोई मेरी आवाज को क्यों बंद करना चाहेगा। आम लोग मुझे अनलिमिटेड प्यार देते हैं: राघव ने कहा- खैर, आम लोग मुझे अनलिमिटेड प्यार देते हैं। मैं जब-जब आपके मुद्दे उठाता हूं। आप मुझे सपोर्ट कर शाबाशी देते हैं। मेरा हौसला बढ़ाते हैं। मैं आपको कहना चाहता हूं कि ऐसे ही मेरा हाथ और साथ थामे रखिएगा। मैं आपसे हूं और आपके लिए हूं। मुझे खामोश कर दिया: राघव ने कहा कि जिन लोगों ने आज पार्लियामेंट में मेरे बोलने का अधिकार मुझसे छीन लिया, मुझे खामोश कर दिया। मैं उन्हें भी कुछ कहना चाहता हूं। मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझ लेना। मैं वो दरिया हूं, जो वक्त आने पर सैलाब बनता है। संसद के पिछले दो सत्रों में राघव ने आम लोगों से जुड़े मुद्दे उठाए शीतकालीन सत्र 2025 गिग वर्कर्स का मुद्दा: ब्लिंकिट, जोमैटो और स्विगी जैसे डिलीवरी पार्टनर्स के कम वेतन, 10-मिनट डिलीवरी मॉडल और सामाजिक सुरक्षा की कमी। डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स: कॉपीराइट एक्ट 1957 में संशोधन की मांग की, ताकि शिक्षकों और इन्फ्लुएंसर्स को एल्गोरिदम और गलत ‘टेकडाउन’ से बचाया जा सके। स्वास्थ्य क्षेत्र: ‘एक देश, एक स्वास्थ्य उपचार’ (One Nation, One Health Treatment) की वकालत की और सरकारी अस्पतालों की बदहाली पर चिंता जताई। बजट सत्र 2026 खाद्य मिलावट: राज्यसभा में यूरिया और अन्य मिलावटों का मुद्दा उठाया। एयरपोर्ट पर सस्ता खाना: यात्रियों को सस्ता खाना मिले, इसके लिए सभी 150+ एयरपोर्ट्स के डिपार्चर एरिया में किफायती कैफे की मांग की। 28-दिन का रीचार्ज: मोबाइल रीचार्ज 28 दिन के बजाय पूरे कैलेंडर महीने (30 ये 31) का हो, बचा हुआ डेटा अगले महीने जुड़ जाए। बैंक पेनल्टी: मिनिमम बैलेंस न रखने पर लगने वाले जुर्माने को पूरी तरह खत्म करने का प्रस्ताव दिया। संयुक्त इनकम टैक्स फाइलिंग: विवाहित जोड़ों के लिए एक साथ इनकम टैक्स फाइलिंग का विकल्प दिया जाए। पितृत्व अवकाशः भारत में पितृत्व अवकाश (paternity leave) को एक कानूनी अधिकार बनाया जाना चाहिए। खबर को हम लगातार अपडेट कर रहे हैं…



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