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क्यों जाना विदेश? भारत में ही मिलगा स्कॉटलैंड वाला मजा, हनीमून के लिए है बेस्ट डिस्टिनेशन


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गर्मी का मौसम शुरू होते ही लोग ठंडी और सुकून भरी जगहों की तलाश में निकल पड़ते हैं. भारत में ऐसी कई शानदार डेस्टिनेशन हैं, जहां आप गर्मियों में घूमकर अपनी छुट्टियों को यादगार बना सकते हैं. इन्हीं में से एक बेहद खूबसूरत जगह है Meghalaya, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता और ठंडे मौसम के लिए जानी जाती है. यहां देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं.

अगर आप इस बार गर्मियों में कहीं घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो मेघालय आपके लिए बेहतरीन विकल्प हो सकता है. यहां कई ऐसी जगहें हैं, जहां का नजारा आपको मंत्रमुग्ध कर देगा.
मेघालय की राजधानी Shillong एक शानदार हिल स्टेशन है. यहां की हरियाली और झरने देवदार के पेड़ पर्यटकों को खूब आकर्षित करते हैं. शांत और ठंडा माहौल इसे गर्मियों के लिए परफेक्ट बनाता है.

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मेघालय का चेरापूंजी (Cherrapunji) भी काफी मशहूर पर्यटन स्थल है. यह जगह दुनिया में सबसे ज्यादा बारिश होने वाले क्षेत्रों में गिनी जाती है. यहां की साफ हवा, हरियाली और झरने हर किसी को अपनी ओर खींच लेते हैं. यह जगह खास तौर पर उन लोगों के लिए है, जो प्रकृति के बीच सुकून के पल बिताना चाहते हैं. यहां की हरियाली और शांत वातावरण पर्यटकों को बार-बार आने के लिए मजबूर कर देता है.

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मेघालय में स्थित एलिफेंट फॉल्स अपनी प्राकृतिक सुंदरता के कारण पर्यटकों के बीच खासा लोकप्रिय है. यह झरना पूर्वी खासी हिल्स जिले में स्थित है और शिलांग शहर से करीब 12 किलोमीटर की दूरी पर है. तीन स्तरों में गिरने वाला यह खूबसूरत जलप्रपात देखने में बेहद आकर्षक लगता है. खास बात यह है कि इस फॉल्स का नाम पहले यहां मौजूद हाथी के आकार की एक चट्टान के कारण पड़ा था, जो वर्ष 1897 के भूकंप में नष्ट हो गई थी. आज भी यह स्थल अपनी हरियाली और मनमोहक दृश्य के लिए जाना जाता है, जहां बड़ी संख्या में पर्यटक प्रकृति का आनंद लेने पहुंचते हैं

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भारत-बांग्लादेश सीमा पर स्थित छोटा सा सीमावर्ती कस्बा डाउकी अपनी अनोखी प्राकृतिक खूबसूरती को लेकर पर्यटकों के बीच आकर्षण बना रहता है. यहां बहने वाली उमंगोट नदी अपनी क्रिस्टल क्लियर पानी के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है. उमंगोट नदी का पानी इतना साफ है कि इसमें चलने वाली नावें हवा में तैरती हुई नजर आती हैं, जो पर्यटकों को हैरान कर देता है. यही वजह है कि यहां देश-विदेश से बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं.

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मेघालय का सेवन सिस्टर्स वॉटरफॉल अपनी शानदार प्राकृतिक खूबसूरती के लिए पर्यटकों के बीच खास आकर्षण बना हुआ है. इसे Nohsngithiang Falls के नाम से भी जाना जाता है और यह देश के सबसे ऊंचे झरनों में गिना जाता है. करीब 315 मीटर की ऊंचाई से गिरने वाला यह झरना सात अलग-अलग धाराओं में नीचे आता है, जो इसे बेहद खास बनाता है. खासकर मानसून के मौसम में यह झरना अपने पूरे उफान पर होता है और चूना पत्थर की चट्टानों से गिरता हुआ मनमोहक दृश्य पेश करता है.

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मेघालय के Cherrapunji (सोहरा) के पास स्थित नोंगरियात गांव में बना उमशियांग डबल डेकर लिविंग रूट ब्रिज अपनी अनोखी बनावट और इतिहास के कारण आकर्षण का केन्द्र है. यह पुल प्राकृतिक और मानव-निर्मित इंजीनियरिंग का शानदार उदाहरण माना जाता है. करीब 250 साल से भी ज्यादा पुराना यह ब्रिज रबर के पेड़ों की जड़ों को जोड़कर तैयार किया गया है, जो इसे पूरी तरह प्राकृतिक बनाता है. इसकी मजबूती और बनावट लोगों को हैरान कर देती है. इस अद्भुत पुल तक पहुंचने के लिए करीब 3,000 से 7,000 सीढ़ियां उतरनी पड़ती हैं, जिसमें लगभग 1.5 से 2 घंटे का ट्रेक लगता है. हालांकि यह सफर थोड़ा कठिन होता है, लेकिन रास्ते में मिलने वाले खूबसूरत नजारे इसे यादगार बना देते हैं.

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मेघालय के पूर्वी खासी हिल्स जिले में स्थित मावलिननॉन्ग गांव अपनी साफ-सफाई और सुंदरता के लिए देश-दुनिया में मशहूर है. इसे साल 2003 में ‘डिस्कवर इंडिया’ मैगजीन ने ‘एशिया का सबसे स्वच्छ गांव’ घोषित किया था. इस गांव की खासियत यह है कि यहां स्वच्छता सिर्फ नियम नहीं, बल्कि लोगों की परंपरा और जीवनशैली का हिस्सा है. गांव के हर घर के सामने बांस से बने डस्टबिन और रंग-बिरंगे फूल इसकी खूबसूरती को और बढ़ाते हैं. मावलिननॉन्ग में रहने वाले लोग मिलकर सफाई का खास ध्यान रखते हैं, यही वजह है कि यह गांव आज भी स्वच्छता की मिसाल बना हुआ है.

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मेघालय के लिविंग रूट ब्रिज अपनी अनोखी बनावट और प्राकृतिक इंजीनियरिंग के लिए दुनियाभर में मशहूर हैं. मेघालय का सिंगल लिविंग रूट ब्रिज मावलिननॉन्ग के पास हैं. ये पुल फिकस इलास्टिका यानी रबर के पेड़ों की जड़ों से बना है. खास बात यह है कि इन्हें स्थानीय खासी जनजाति ने पारंपरिक तकनीक से विकसित किया है, जो टिकाऊ इंजीनियरिंग का बेहतरीन उदाहरण माना जाता है. सदियों पुराने ये लिविंग रूट ब्रिज 100 साल से भी अधिक समय तक टिके रह सकते हैं. यहां की खूबसूरती ऐसी है कि आपको यहां से वापस आने का मन नहीं करेगा.



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