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Video: कौन-सा व्रत दिलाएगा मनचाहा फल? प्रेमानंद महाराज ने बताया कैसे पूरी होगी हर ‘मनोकामना’


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oi-Sohit Kumar

Premanand Maharaj Tips Best Vrat for All Desire: वृंदावन के चर्चित संत प्रेमानंद महाराज हर दिन ‘एकांतिक वार्तालाप’ के जरिए देश-दुनिया से आने वाले भक्तों की शंकाओं को दूर करते हैं। उनकी बातों में ऐसी सादगी और गहराई होती है कि मीलों दूर बैठा व्यक्ति भी उनके शब्दों से तुरंत जुड़ाव महसूस करने लगता है। लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी से लेकर भक्ति और आध्यात्म की हर छोटी-बड़ी मुश्किल का समाधान महाराज जी के पास बड़ी आसानी से मिल जाता है।

भक्त अक्सर अपनी परेशानियों और साधना से जुड़े सवाल लेकर उनके पास आते रहते हैं। इसी बीच हाल ही में हुए एक एकांतिक वार्तालाप में एक श्रद्धालु ने अपनी हर मनोकामना पूरी करने वाला ‘व्रत’ जानना चाहा। इस पर महाराज जी ने जो जवाब दिया, वह हर उस व्यक्ति के लिए उपयोगी साबित हो सकता है जो अपनी इच्छाओं की पूर्ति के लिए व्रत-उपवास करता है।

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प्रश्न: ऐसा कौन सा व्रत रखा जाए कि सारी मनोकामनाएं पूरी हो जाएं?

इस सवाल के जवाब में प्रेमानंद महाराज ने कहा कि, ‘राधा राधा राधा राधा नाम जप करो, नाम जप करने से सब कामनाएं पूर्ण हो जाएंगी। समस्त कामनाओं को पूर्ण करने के लिए अमूक व्रत है भगवान का नाम। जो नाम आपको प्रिय लगे राम कृष्ण हरी शिव राधा दुर्गा जो नाम आपको प्रिय लगे खूब डटकर के नाम जप करो सभी कामनाएं पूर्ण हो जाएंगी। जो कामनाएं तुम्हें बाधा देने वाली हैं वो नष्ट हो जाएंगी, और जो कामनाएं तुम्हारा मंगल करने वाली वो पूर्ण हो जाएंगी।’

उन्होंने कहा कि, ‘नाम जप से बढ़कर की कुछ नहीं है, मेरे समझ में कोई और ऐसा व्रत नहीं है। नाम जप के नाम के बराबर कोई व्रत यज्ञ तपस्या इत्यादि कोई नहीं, नाम नाम है वो अपने आप में गरज रहा है, नाम में बिल्कुल चित लगाकर जो चाहो प्राप्त कर लो। नाम चकाचक धन है, जितना नाम रूपी धन एकत्रित कर लो, लोक परलोक में जो चाहो खरीद लो, जो चाहो वह प्राप्त कर लो।’

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प्रेमानंद महाराज ने बताया कि, ‘मेरी समझ में तो नाम जप आया है, पूरे जीवन में नाम जप आया है और भी साधन हैं जैसे कि भई चंद्रायण व्रत रहो, कृष्ण व्रत रहो, तुलसीवन व्रत रहो, कई व्रतों का वर्णन आया है लेकिन हमारी समझ में आया है कि नाम जपने का व्रत ले लें कि मैं कभी प्रभु का नाम नहीं भूलूंगी, बस आप जीत जाओगे। नाम जप करने से तो भगवान को आधीन किया जा सकता है तो और कौन सी बात रह गई। मेरा कहना तो ये है कि सबसे बड़ा व्रत है निरंतर राधा राधा राधा राधा नाम जपना अपने गुरु का नाम जपना अपने प्रभु का नाम जपना यही सबसे बड़ा व्रत है।’





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