International
oi-Ankur Sharma
Iran US Talk Fail: अमेरिका ईरान के बीच इस्लामाबाद में चला 21 घंटे का मंथन किसी काम नहीं आया क्योंकि शांति वार्ता के फेल हो गई है अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के बयान ने एक बार लोगों को चिंता में डाल दिया है तो वहीं विशेषज्ञों का कहना है कि इस वार्ता के फेल होने से अमेरिका को ईरान से ज्यादा नुकसान है। इस युद्ध के चलते घरेलू राजनीतिक विरोध झेल रहे ट्रंप के लिए ये चुनौतीपूर्ण हो सकता है। गौरतलब है कि Hormuz strait और परमाणु कार्यक्रम को लेकर वार्ता फेल हो गई है।
एक्सपर्ट का कहना है कि ‘अमेरिका स्टक हो गया है क्योंकि पीस डील यानी कि शांति समझौते की असलूी जरूरत उसे है। इस बारे में विस्तार से बात करते हुए विदेश नीति पर नजर रखने वाले माइकल कुगेलमैन ने ट्वीट किया है कि ‘अमेरिका, अपने घरेलू राजनीतिक कारणों से, एक ऐसा समझौता चाहता है जिससे उसे युद्ध से बाहर निकलने का रास्ता मिल सके।’

‘इतने वरिष्ठ समूह का इतनी दूर पाकिस्तान तक आना, अमेरिका की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। वैंस की टिप्पणियों के बावजूद, यह मामला शायद अभी खत्म नहीं हुआ है। आगे और बातचीत हो सकती है-लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि वे पाकिस्तान में होंगी या कहीं और।’
शांति समझौता टूटने से Donald Trump पर दबाव ज्यादा
हालांकि कुगेलमैन ने इस्लामाबाद डायलॉग को एक असफलता के बजाय एक ठहराव बताया है। स्थिति पूरी तरह एकतरफा नहीं है,लेकिन मौजूदा हालात में शांति समझौता टूटने से Donald Trump पर दबाव ज्यादा बढ़ता दिख रहा है, इस वार्ता के फेल होने पर 4 मुख्य बिंदु प्रमुख हैं, जो कि अमेरिका पर दवाब बना रहे हैं।
- कूटनीतिक दबाव: शांति समझौता नहीं हो पाने से अमेरिका की वैश्विक छवि पर असर पड़ता है। Donald Trump ने खुद को एक मजबूत डीलमेकर के रूप में पेश किया था लेकिन इस विफलता से उनकी रणनीति पर सवाल उठ रहे हैं।
- मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ेगा: Iran के साथ तनाव बढ़ने का मतलब है कि खाड़ी क्षेत्र में अस्थिरता जारी रहेगी। इससे तेल सप्लाई प्रभावित होंगे जिसका असर पूरे विश्व पर होगा जो कि अमेरिका के लिए नई चुनौती है।
- घरेलू राजनीति में नुकसान: अमेरिका में विपक्ष इस मुद्दे को लेकर Donald Trump को घेर सकता है। अगर हालात बिगड़ते हैं, तो यह उनके नेतृत्व और विदेश नीति पर सीधा असर डाल सकता है।
- ईरान के पास विकल्प खुले: Iran पर भी आर्थिक और कूटनीतिक दबाव बना रहेगा लेकिन वह चीन-रूस जैसे देशों के साथ संबंध मजबूत कर सकता है। यानी अमेरिका के मुकाबले उसके पास कुछ वैकल्पिक रास्ते मौजूद हैं।
Iran US War: ‘अमेरिका हर वक्त दवाब बनाने की कोशिश करता है’
इस मसले पर इस्फ़हान यूनिवर्सिटी के असिस्टेंट प्रोफ़ेसर मोहसिन फ़ारखानी ने कहा कि ‘अमेरिका जिस देश के साथ बातचीत करता है उसके साथ सद्भावना की भावना से पेश नहीं आता क्योंकि अमेरिकी नज़रिए से, बातचीत में शामिल होने का मतलब कमज़ोर स्थिति में होना है, वो वार्ता में दवाब बनाने की कोशिश करता है।’
‘ट्रंप की आक्रामकता के कारण फेल हुई शांति वार्ता’
मोहसिन फ़ारखानी ने कहा कि ‘ पिछले 40 दिनों के युद्ध के दौरान अमेरिका को इस क्षेत्र में ऐसा नुकसान हुआ है जिसकी भरपाई करना मुश्किल है इसलिए अमेरिका को जनमत को फिर से अपने पक्ष में करने के लिए कुछ समय चाहिए था क्योंकि अमेरिका ने भी कुछ ‘रेड लाइन्स’ तय करने की मांग की थी, जो ट्रंप आक्रामकता के ज़रिए, या अपने असफल अभियानों की झूठी कहानियों के ज़रिए भी हासिल नहीं कर पाए थे। इसके अलावा, अमेरिका नेतन्याहू को रोक नहीं सका और न ही रोकेगा इसलिए नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रीय हितों पर अपनी मर्ज़ी थोप दी है। इस बात की पूरी संभावना है कि हम जल्द ही फिर से युद्ध की स्थिति में पहुंच जाएँगे। यही वजह है कि ये बातचीत सफल नहीं हो पाई।’
The US, for domestic political reasons, wants a deal that enables it to exit the war. That such a senior group flew all the way to Pak shows the US commitment. Despite Vance’s comments, this likely isn’t over. More talks could come-but unclear if they’ll be in Pak or elsewhere.
— Michael Kugelman (@MichaelKugelman) April 12, 2026 “>
#WATCH | Isfahan, Iran: On US-Iran No agreement peace talks, Assistant Professor at Isfahan University, Mohsen Farkhani says, “… The United States dont approach a country it negotiates with in a spirit of goodwill because, in the American view, entering negotiations means… pic.twitter.com/ZenU3r9bVn
— ANI (@ANI) April 12, 2026 “>
-

US-Iran: अमेरिका-ईरान में फिर से ठनी! फर्जी में ‘कॉलर’ ऊंचा कर रहा पाकिस्तान! क्या है Thank you वाली नौटंकी?
-

US-Iran Talks: अमेरिका-ईरान में क्यों नहीं बनी बात? होर्मुज से न्यूक्लियर तक, इन 5 वजहों ने रोकी शांति की राह
-

US Iran War Talks: आगबबूला हुआ ईरान, बोला- ‘अमेरिका धोखेबाज, देशहित के लिए हम हर साधन का करेंगे इस्तेमाल’
-

US Iran: होर्मुज में पहुंचे अमेरिका के मिसाइल डिस्ट्रॉयर! ईरान ने दी आखिरी चेतावनी, क्या फिर से भड़केगी जंग?
-

JD Vance PC Highlights: ‘बुरी खबर हम किसी नतीजे पर नहीं पहुंचे’, 21 घंटे की महावार्ता के बाद बोले जेडी वेंस
-

Munir Dress Diplomacy: ईरान से वर्दी, तो अमेरिका से सूट में क्यों मिले मुनीर? क्या है बार-बार ड्रेस बदलने की व
-

Hormuz Mine Clearance: LPG-तेल की किल्लत होगी खत्म! होर्मुज में बारूद हटाने उतरी अमेरिकी सेना, ईरान हैरान
-

Hormuz Crisis: सीजफायर के बावजूद नहीं खुला होर्मुज! ईरान भूल गया अपनी बिछाई Sea-Mines! गलती या साजिश?
-

Iran Frozen Funds: शांति वार्ता पर लगा ग्रहण! ईरानी पैसों पर से अमेरिका नहीं हटाएगा प्रतिबंध
-

Explained: JD Vance की अग्नि परीक्षा क्यों है इस्लामाबाद पीस टॉक? अमेरिका का क्या-क्या लगा दांव पर?
-

Iran War Impact: ‘आपकी जॉब खा जाएगा ये युद्ध, 2008 की मंदी जैसा हो सकता है हाल’, एक्सपर्ट ने चेताया
-

Mojtaba Khamenei ने होर्मुज को लेकर तैयार किया नया प्लान, अब Trump को लगेगा तगड़ा झटका! समझें कैसे?
-

Iran Vs America War: ‘ट्रंप से तंग आ चुका हूं!’ ब्रिटिश पीएम कीर स्टार्मर ने अचानक क्यों खोया आपा?
-

US Iran peace talks: ‘शर्त मानो या अंजाम भुगतो’, शांति वार्ता से पहले ही ईरान को अमेरिका ने दी धमकी
-

Madman Theory: क्या है Trump की मैडमेन थ्योरी? जिससे दुनिया को डराने की कर रहे कोशिश, किस-किस नेता ने अपनाई?



