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oi-Sumit Jha
Iran Vs America: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ परमाणु विवाद बढ़ते देख हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की नौसैनिक नाकेबंदी (Blockade) का आदेश दे दिया है। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि ईरान को कभी भी परमाणु हथियार नहीं बनाने दिया जाएगा।
बातचीत विफल होने के बाद, अमेरिका ने अब सैन्य ताकत का रास्ता चुना है। ट्रंप का कहना है कि यह कदम ईरान की “ब्लैकमेलिंग” को रोकने के लिए जरूरी है। इस फैसले से खाड़ी क्षेत्र में युद्ध का खतरा बढ़ गया है और दुनिया भर में तेल की सप्लाई रुकने की आशंका पैदा हो गई है।

Strait of Hormuz naval blockade: नाकेबंदी और सैन्य चेतावनी
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर ऐलान किया कि अमेरिकी नेवी अब हॉर्मुज से गुजरने वाले हर जहाज को रोकेगी। उन्होंने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ईरान ने अमेरिकी सेना या किसी शांतिपूर्ण जहाज पर हमला किया, तो उसे “नर्क का रास्ता” दिखा दिया जाएगा। अमेरिकी सेना को ‘लॉक्ड एंड लोडेड’ यानी हमले के लिए पूरी तरह तैयार रहने को कहा गया है। इसके अलावा, समुद्र में बिछाई गई बारूदी सुरंगों को हटाने का काम भी अमेरिकी नेवी जल्द शुरू करेगी।
US Navy Hormuz mission: जहाजों पर सख्ती और टैक्स का मुद्दा
ट्रंप ने उन जहाजों को भी निशाने पर लिया है जो ईरान को रास्ता पार करने का ‘टोल’ या टैक्स देते हैं। उन्होंने नेवी को आदेश दिया है कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा में ऐसे किसी भी जहाज को पकड़ लिया जाए जिसने ईरान को पैसा दिया है। ट्रंप का मानना है कि ईरान इन पैसों का इस्तेमाल अपनी गलत गतिविधियों के लिए कर रहा है। अब हॉर्मुज से गुजरने वाले किसी भी जहाज को अमेरिका की अनुमति के बिना सुरक्षा की गारंटी नहीं मिलेगी।
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तेल के रास्ते पर मंडराता संकट
हॉर्मुज दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्ता है जहां से पूरी दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल मंगवाता है। ट्रंप ने आरोप लगाया कि ईरान ने इस रास्ते को खुला रखने का वादा तोड़ा है। उन्होंने कहा कि ईरान की बारूदी सुरंगों के डर से कोई भी जहाज मालिक वहां से गुजरने का जोखिम नहीं लेना चाहता। इस नाकेबंदी से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं और ग्लोबल शिपिंग में बड़ी रुकावट आने की पूरी संभावना है।
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पाकिस्तान में हुई बातचीत रही नाकाम
इस बड़े फैसले से पहले पाकिस्तान के इस्लामाबाद में करीब 20 घंटे तक लंबी बातचीत चली थी। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और जनरल आसिम मुनीर ने इस बातचीत में मध्यस्थता की। ट्रंप को इस मीटिंग की जानकारी जेडी वेंस और जारेड कुशनर ने दी। हालांकि, इतनी लंबी चर्चा के बाद भी ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर झुकने को तैयार नहीं हुआ। इसी अड़ियल रुख की वजह से ट्रंप ने अब सैन्य कार्रवाई और नाकेबंदी का रास्ता अपनाया है।
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