India
oi-Pallavi Kumari
M. Hazeena Syed (Tamil Nadu Politics) तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 की दहलीज पर खड़ा है, लेकिन कांग्रेस के भीतर मची रार ने पार्टी की चुनावी संभावनाओं पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। तमिलनाडु महिला कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष एम. हजीना सैयद (M. Hazeena Syed) और कांग्रेस की महिला राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा के बीच छिड़ी जुबानी जंग अब मानहानि के मुकदमों और ‘जान से मारने की धमकी’ तक पहुंच गई है।
लेकिन गौर करने वाली बात यह है कि हजीना सैयद अचानक मुस्लिम महिलाओं की सुरक्षा की बात क्यों कर रही हैं और बीजेपी की तारीफों के पुल क्यों बांध रही हैं? आइए, इस हाई-प्रोफाइल विवाद के सियासी मायने समझने की कोशिश करते हैं।

अलका लांबा बनाम हजीना सैयद: ‘योद्धा’ और ‘साजिश’ की जंग (Alka Lamba vs Hazeena Syed)
विवाद की शुरुआत तब हुई जब हजीना सैयद को ‘पार्टी विरोधी गतिविधियों’ के आरोप में पद से हटा दिया गया। पार्टी ने उन्हें तमिलनाडु इसके जवाब में हजीना ने बम फोड़ते हुए कहा कि वह पहले ही 10 अप्रैल को इस्तीफा दे चुकी थीं। उन्होंने अलका लांबा को आड़े हाथों लेते हुए पूछा- “अलका लांबा कौन होती हैं मुझे हटाने वाली? जब वह आम आदमी पार्टी में मजे ले रही थीं, तब मैं कांग्रेस की सिपाही बनकर जमीन पर लड़ रही थी।”
हजीना का गुस्सा सिर्फ पद तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने अलका लांबा पर गंभीर निजी हमले किए और उन्हें केसी वेणुगोपाल का नाम लेकर घेरा। हजीना ने आरोप लगाया कि महिला कांग्रेस के फंड का इस्तेमाल निजी विलासिता के लिए किया जा रहा है और उन्होंने इसके खिलाफ FIR दर्ज कराने की चेतावनी भी दी है।
अलका लंबा की भाषा देखिए, मैं कांग्रेस पार्टी की नेता थी और अलका को लगता है कि कांग्रेस पार्टी केसी वेणुगोपाल की प्रॉपर्टी है। वो बोलती है उसने बनाया मुझे प्रेसिडेंट 🙄
अलका लंबा शायद भूल गई हैं कि मैंने कांग्रेस पार्टी के लिए कितना काम किया है। मैं सिर्फ एक सिपाही नहीं, एक… https://t.co/E6zDqKx6vZ
— M. Hazeena Syed (@SyedHazeena) April 12, 2026 “>
हजीना सैयद ने कहा,
“मैंने राहुल गांधी से अपील की और सभी बड़े अधिकारियों तक पहुंचने की कोशिश की, लेकिन इसका कोई फायदा नहीं हुआ। इसलिए, आखिरकार मैंने अपना इस्तीफा दे दिया। लेकिन सच तो यह है कि इस्तीफा देने के बाद भी इन लोगों की तरफ से मुझे परेशान किया जाना जारी है। खास तौर पर अलका लांबा की तरफ से, वह मुझे खुलेआम जान से मारने की, मुझ पर गुंडे भेजने की और मुझ पर हमला करने की धमकियां दे रही हैं।”
जान से मारने की धमकी और मुस्लिम महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा
हजीना सैयद ने एक चौंकाने वाला दावा किया है कि अलका लांबा उन्हें चेन्नई में गुंडे भेजकर जान से मारने की धमकी दे रही हैं। उन्होंने सोशल मीडिया (X) पर हिंदी में पोस्ट लिखकर एक बड़ा विमर्श खड़ा करने की कोशिश की है। हजीना का कहना है कि अगर एक पूर्व महिला अध्यक्ष ही सुरक्षित नहीं है, तो तमिलनाडु में मुस्लिम महिलाओं की सुरक्षा का क्या होगा?
जानकारों का मानना है कि हजीना का यह कार्ड सीधे तौर पर मुस्लिम वोटरों को एक संदेश है। वह यह दिखाना चाहती हैं कि कांग्रेस में मेहनत करने वाली मुस्लिम महिलाओं का अपमान होता है और उन्हें डराया-धमकाया जाता है। वह खुद को एक ‘पीड़ित’ के तौर पर पेश कर रही हैं ताकि कांग्रेस के पारंपरिक मुस्लिम वोट बैंक में हलचल पैदा की जा सके।
BJP की तारीफ और 33% आरक्षण का गणित
सबसे दिलचस्प मोड़ तब आया जब हजीना ने अचानक बीजेपी की तारीफ शुरू कर दी। उन्होंने कहा- “एक भ्रम था कि बीजेपी महिलाओं का समर्थन नहीं करती, लेकिन मैंने जमीन पर देखा है कि तमिलनाडु में बीजेपी ने 27 में से 5 सीटें महिलाओं को दी हैं।” उन्होंने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी 33% आरक्षण की बात तो करते हैं, लेकिन जब टिकट देने की बारी आती है, तो एक भी महिला को मौका नहीं दिया जाता। हजीना ने सीधा आरोप लगाया कि तमिलनाडु कांग्रेस अध्यक्ष सेल्वपेरुंथगाई ने मल्लिकार्जुन खड़गे के आशीर्वाद से ‘टिकटों की सौदेबाजी’ की है।
हजीना ने कहा,
“देश में एक बहुत बड़ी गलतफहमी फैली हुई है कि BJP महिलाओं का समर्थन नहीं करती। मैं भी पहले ऐसा ही सोचती थी। मैंने BJP के खिलाफ कई विरोध प्रदर्शन किए हैं। मैंने 33% आरक्षण की मांग को लेकर एक पदयात्रा भी की थी। लेकिन अब मैं अपने शब्द वापस लेना चाहूंगी। मैं जो जमीनी हकीकत देख रही हूं, खासकर तमिलनाडु में, उसके मुताबिक BJP को 27 सीटें मिली हैं। इनमें से उन्होंने पांच सीटें महिलाओं को दी हैं… इसका मतलब है कि BJP असल में महिलाओं को सशक्त बना रही है।”
हजाना सैयद आगे कहती हैं,
“कांग्रेस पार्टी महिलाओं के लिए 33% आरक्षण का वादा तो करती है, लेकिन जब इसे लागू करने की बात आती है, तो वे महिलाओं को आरक्षण नहीं देते। न तो पार्टी संगठन में और न ही चुनावी प्रक्रिया में। खासकर तमिलनाडु में, तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सेल्वपेरुंथगाई ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के पूरे सहयोग से सभी टिकट बेच दिए हैं।”
चुनाव के वक्त हजीना का आक्रामक रुख: क्या है असली खेल?
हजीना सैयद की टाइमिंग बहुत कुछ बयां करती है। 30 साल तक पार्टी की सेवा करने वाली नेत्री का अचानक बीजेपी को टैग करना और मुस्लिम महिलाओं की सुरक्षा को मुद्दा बनाना महज ‘गुस्सा’ नहीं है। इसके पीछे कई बड़े सियासी संकेत छिपे हैं:
- मुस्लिम वोटों का ध्रुवीकरण: तमिलनाडु में मुस्लिम वोटर कांग्रेस और DMK के साथ रहे हैं। हजीना के आरोप इस भरोसे को कमजोर कर सकते हैं।
- BJP के लिए सॉफ्ट कॉर्नर: क्या हजीना सैयद बीजेपी में शामिल होने का रास्ता बना रही हैं? जिस तरह उन्होंने महिला आरक्षण बिल पर पीएम मोदी की तारीफ की है, उससे इस संभावना को बल मिलता है।
- कांग्रेस के नेतृत्व पर सवाल: खड़गे और केसी वेणुगोपाल को निशाने पर लेकर उन्होंने यह संदेश दिया है कि दिल्ली में बैठा नेतृत्व तमिलनाडु की जमीनी हकीकत से कट चुका है।
क्या मुस्लिम महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं?
हजीना सैयद का बार-बार ‘मुस्लिम महिलाओं की सुरक्षा’ और ‘न्याय’ की बात करना तमिलनाडु के आम मतदाताओं को कांग्रेस के खिलाफ खड़ा करने की कोशिश है। वह खुद को एक सशक्त महिला नेता के रूप में पेश कर रही हैं जो अपने स्वाभिमान के लिए लड़ रही है। उनका यह मैसेज तमिलनाडु के वोटरों के लिए नहीं, बल्कि उन मुस्लिम महिलाओं के लिए है जो कांग्रेस को अपना मसीहा मानती रही हैं।
तमिलनाडु कांग्रेस की यह अंदरूनी लड़ाई अब सार्वजनिक और राजनीतिक रूप ले चुकी है। हजीना सैयद के आरोप, उनका आक्रामक रुख और बीजेपी की तारीफ यह दिखाती है कि मामला सिर्फ व्यक्तिगत नहीं है। चुनाव से ठीक पहले इस तरह के बयान यह तय कर सकते हैं कि नैरेटिव किसके पक्ष में जाएगा। अब देखना होगा कि कांग्रेस इस संकट को कैसे संभालती है और हजीना सैयद आगे कौन सा राजनीतिक कदम उठाती हैं।
-

Hazeena Syed: ‘अपना ईगो अपने बॉयफ्रेंड वेणुगोपाल को दिखाओ’, कौन हैं हजीना, जिसने लगाए अलका लांबा पर गंदे आरोप?
-

‘खड़गे नहीं, राहुल गांधी अध्यक्ष!’, हजीना सैयद का बगावती इस्तीफा लेटर वायरल, कांग्रेस में क्यों मचा तूफान?
-

Shreyasi Singh: कौन हैं श्रेयसी सिंह? जो बन सकती हैं बिहार की नई CM, जाति, परिवार से संपत्ति तक हर एक डिटेल
-

16 की उम्र में आशा भोसले ने लता दीदी के सेक्रेटरी से की शादी, पति ने घर से निकाला, RD Burman ने थामा हाथ
-

Asha Bhosle: कौन होगा आशा भोसले का उत्तराधिकारी? किसको मिलने वाली है अरबों की संपत्ति, दो नाम रेस में सबसे आगे
-

Vrindavan: ‘अब बोट वापस ले चलो’, नाविक की एक गलती और छिन गईं 10 जिंदगियां, सामने आई हादसे की असली वजह
-

Iran Vs America: शांति वार्ता में ‘लात-घूंसे’, तुर्किए मीडिया का दावा, क्यों भिड़े ईरानी मंत्री- ट्रंप के दूत
-

MI vs RCB: विराट कोहली ने मुंबई में रच दिया इतिहास, दुनिया में पहली बार हुआ अनोखा कारनामा
-

Asha Bhosle Last Post: ‘मैं विलीन हो जाऊंगी’, निधन से पहले ही आशा ताई ने लिख दिया था ‘आखिरी सच’
-

MI vs RCB: वानखेड़े में पसरा सन्नाटा, रोहित शर्मा लाइव मैच से बैटिंग छोड़ गए, आखिर क्या है कारण
-

Asha Bhosle Net Worth: आशा भोसले कितनी छोड़ गईं प्रॉपर्टी? सिगिंग के अलावा कहां से करती थींं करोड़ों की कमाई
-

Bihar Next CM: इन 5 नेताओं में से ही कोई एक बनेगा बिहार का नया मुख्यमंत्री! कौन हैं ये और क्या है इनकी जाति?
-

Asha Bhosle Last Wish: अधूरी रह गई आशा भोसले की अंतिम इच्छा, पॉडकास्ट में बताया था क्या थी स्पेशल ख्वाहिश
-

‘मैं आखिरी जिंदा मुगल हूं’, मंगेशकर परिवार में जन्मीं आशा भोसले ने कब और क्यों कही थी ये बात?
-

Asha Bhosle का 92 साल की उम्र में हुआ निधन, मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में दिग्गज सिंगर ने ली आखिरी सांस



