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ऐसा देश जिसके झंडे पर बना हुआ है AK-47, क्या आप वहां जाना चाहेंगे, अनछुए पर्यटन स्थल


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AK-47 rifle in National Flag: किसी भी देश के झंडे पर आमतौर उस देश की संस्कृति, इतिहास, भूगोल, पेड़-पौधे या जानवरों से जुड़े निशान लगे होते हैं लेकिन क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि दुनिया में एक देश ऐसा भी है जिसके झंडे पर AK-47 का चिन्ह अंकित है. जी हां, दुनिया में एक ऐसा भी देश है. यह देश अफ्रीका में स्थित है और 2500 किलोमीटर लंबे समुद्रीय तट और बेहिसाब वाइल्डलाइफ इस देश के अनछुए पर्यटन स्थल को उजागर करता है.

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किस देश के राष्ट्रीय झंडे में AK-47 है.

दुनिया में जितने देशों के झंडे आपने देखे होंगे, उन सबमें चांद, सितारे, शेर, ईगल, फूल, पत्तियां आदि देखे होंगे लेकिन क्या कभी आपने किसी देश के झंडे पर AK-47 का चित्र छपा हुआ देखा है. जी हां, दुनिया में एक ऐसा देश है जहां के झंडे में AK-47 राइफल का चित्र अंकित है. इससे पहले कि आप कंफ्यूज हो हम आपको बता दें कि यह देश है दक्षिण-पूर्वी अफ्रीका का मोजांबिक. मोजांबिक दुनिया में इकलौता ऐसा देश है जहां के झंडे पर AK-47 अंकित है. मोजांबिक इस AK-47 राइफल को गर्व के रूप में देखता है. हालांकि इस कठोर प्रतीक के पीछे खास उद्येश्य छिपा हुआ है. वैसे तो मोजांबिक टूरिज्म के हिसाब से बेहद खास है लेकिन पहले यह समझिए कि मोजांबिक के झंडे में AK-47 राइफल क्यों है.

मोजांबिक के झंडे में क्या है
यह दुनिया का एकमात्र ऐसा देश है जहां के राष्ट्रीय ध्वज में आधुनिक हथियार AK-47 राइफल का चित्र बना हुआ है. मोजांबिक के झंडे में 5 रंग और 4 मुख्य प्रतीक हैं. सबका अपना-अपना खास मतलब है. मोजांबिक के झंडे का हरा रंग देश की समृद्ध कृषि और उपजाऊ भूमि का प्रतीक है. काला रंग वहां के लोगों का प्रतिनिधित्व करता है. वहीं पीला रंग देश के खनिज संसाधनों को प्रदर्शित करता है. झंडे पर सफेद पट्टियां भी है जो शांति का प्रतीक है और लाल रंग मोजांबिक के लोगों के कड़े संघर्ष और बलिदान को दर्शाता है. इसके बाद मोजांबिक के झंडे में 4 प्रतीकों का भी प्रदर्शित किया गया है. झंडे के बाईं ओर एक लाल त्रिकोण है, जिसमें इन चार चीजों को समायोजित किया गया है. पीला सितारा अंतरराष्ट्रीय एकजुटता और मार्क्सवादी विचारधारा का प्रतीक है. इसके बाद एक खुली हुई किताब है जो शिक्षा के महत्व को दर्शाती है. वहीं इसमें एक कुदाल भी है जो देश के किसानों और कृषि क्षेत्र के योगदान का प्रतीक है.

झंडे में क्यों है AK-47 राइफल
आखिर में AK-47 राइफल है जो रक्षा और सतर्कता का प्रतीक है. AK-47 झंडे पर रखने के पीछे खास उद्येश्य है. मोजांबिक ने पुर्तगाल के औपनिवेशिक शासन से आजादी पाने के लिए एक लंबा और खूनी सशस्त्र संघर्ष किया था. उस समय स्वतंत्रता सेनानियों का मुख्य हथियार AK-47 ही था.इसलिए यह राइफल इस बात का प्रतीक है कि देश अपनी स्वतंत्रता की रक्षा करने के लिए हमेशा तैयार है. यह संघर्ष की याद दिलाता है और भविष्य के खतरों के प्रति सतर्क रहने का संदेश देता है. 1983 में इस झंडे को अपनाया गया था. हालांकि, मोजांबिक में कई बार इस हथियार को झंडे से हटाने के लिए बहस और विरोध भी हुए हैं. विपक्षी दलों का तर्क है कि झंडे में शांति के प्रतीक होने चाहिए न कि हिंसा के हथियार, लेकिन अब तक यह मोजांबिक की पहचान का एक अटूट हिस्सा बना हुआ है.

अनछुए टूरिस्ट स्पॉट
मोजांबिक बड़ा देश है और यहां पर्यटन के हिसाब से कई अनछुए चीजें हैं जिनका एक्सप्लोर करना बाकी है. ऐसे में यदि आप भीड़भाड़ से दूर, नीले समंदर के किनारे और वाइल्डलाइफ का शानदार अनुभव लेना चाहते हैं, तो यह शानदार देश है. मोजांबिक अपनी 2500 किलोमीटर लंबी तटीय रेखा के लिए मशहूर है. यहां के सफेद रेत वाले बीच और कोरल रीफ दुनिया के बेहतरीन डाइविंग स्थलों में गिने जाते हैं. यहां की संस्कृति पर पुर्तगाली और अफ्रीकी प्रभाव का अनोखा मिश्रण देखने को मिलता है. भारतीयों को मोजांबिक 30 दिनों के लिए वीजा फ्री सुविधा देता है. यहां आसानी से ई-वीजा उपलब्ध हो जाता है. मोजांबिक का बाज़ारूतो द्वीपसमूह देश का सबसे खूबसूरत हिस्सा है. यहां नीले रंग के कई शेड्स वाला समंदर और ऊंचे रेत के टीले हैं. अगर आपको समंदर में व्हेल शार्क देखना है तो टोफो बीच पर आप इसका भरपूर आनंद ले सकते हैं. यहां का व्हेल शार्क और मेंटा रे पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है. मोजांबिक की राजधानी मापुतो है जहां आप पुर्तगाली वास्तुकला, पुराने रेलवे स्टेशन और जीवंत मछली बाजारों का अनुभव कर सकते हैं. मोजांबिक द्वीप यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल है. यहां की पत्थर की बनी पुरानी इमारतें और किले आपको इतिहास की याद दिलाएंगे.हालांकि मोजांबिक में क्राइम ज्यादा है, इसलिए ज्यादातर पर्यटक दक्षिण मोजांबिक ही जाते हैं, उत्तर के कुछ हिस्सों में पर्यटक नहीं जाते हैं.

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Lakshmi Narayan

18 साल से ज्यादा के लंबे करियर में लक्ष्मी नारायण ने डीडी न्यूज, आउटलुक, नई दुनिया, दैनिक जागरण, हिन्दुस्तान जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। समसामयिक विषयों के विभिन्न मुद्दों, राजनीति, समाज, …और पढ़ें



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