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Kids Travel Tips: गर्मियों की छुट्टियां आते ही मन कहीं घूमने का करने लगता है और अगर प्लान ट्रेन का हो तो बात ही अलग होती है, लेकिन जब साथ में छोटा बच्चा हो, खासकर पहली बार, तो एक्साइटमेंट के साथ थोड़ी टेंशन भी आ जाती है. मेरे साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ था जब मैं अपनी बेटी को लेकर पहली बार लंबा ट्रेन सफर करने निकली. मन में ढेर सारे सवाल थे-रोएगी तो क्या करूंगी, खाने का क्या होगा, सफाई कैसे रखूंगी? लेकिन सच कहूं तो थोड़ा सा प्लान और कुछ छोटे-छोटे उपायों ने इस सफर को इतना आसान बना दिया कि समय कब निकल गया, पता ही नहीं चला. अब जब भी हम दोनों साथ ट्रैवल करते हैं, वो सफर किसी यादगार कहानी जैसा लगता है. अगर आप भी बच्चे के साथ ट्रेन से जाने का सोच रहे हैं, तो ये अनुभव आपके काम जरूर आएगा.
जब डर से ज्यादा काम आई तैयारी पहली बार जब मैंने टिकट बुक की, तब से ही दिमाग में बस यही चल रहा था कि सब कुछ ठीक से हो जाए, लेकिन मैंने समझा कि बच्चों के साथ सफर में परफेक्शन नहीं, तैयारी काम आती है. जितनी अच्छी तैयारी, उतना आसान सफर.

1. खाने-पीने का स्मार्ट प्लान घर का खाना सबसे सेफ ट्रेन में मिलने वाला खाना हमेशा बच्चों के लिए सूटेबल नहीं होता. इसलिए मैंने पहले से ही घर का हल्का और हेल्दी खाना पैक कर लिया. जैसे भुने मखाने, बिस्कुट, केला और थोड़ी सी पूड़ी-सब्जी. साथ ही एक छोटी सी बात जो बहुत काम आई-पानी की एक्स्ट्रा बोतल और ORS. गर्मी के मौसम में बच्चों को हाइड्रेट रखना बहुत जरूरी होता है. कई बार बच्चा पानी नहीं मांगता, लेकिन शरीर को जरूरत होती है.

2. सफाई को हल्के में न लें छोटी चीजें, बड़ा फर्क ट्रेन में सफाई सबसे बड़ा कंसर्न होता है, खासकर बच्चों के साथ. मैंने अपने बैग में कुछ जरूरी चीजें रखीं-हैंड सैनिटाइजर, वेट वाइप्स और टॉयलेट सीट सैनिटाइजर स्प्रे. हर थोड़ी देर में बेटी के हाथ साफ करना, सीट को थोड़ा सा वाइप कर देना-ये छोटी आदतें सफर को काफी हद तक सेफ बना देती हैं. इससे खुद को भी सुकून मिलता है.
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3. बच्चे को बिजी रखना ही सबसे बड़ा मंत्र बोरियत से बचाना जरूरी लंबा सफर बच्चों के लिए बोरिंग हो सकता है, और फिर शुरू होती है चिड़चिड़ाहट. मैंने पहले ही कुछ चीजें बैग में डाल ली थीं-कलरिंग बुक, छोटे खिलौने और एक-दो पजल गेम. दिलचस्प बात ये रही कि इन चीजों ने न सिर्फ बेटी को बिजी रखा, बल्कि आसपास बैठे लोग भी आराम से सफर कर पाए. कभी-कभी वो खुद भी दूसरे बच्चों से दोस्ती कर लेती थी, और टाइम मजे में निकल जाता था.

4. कपड़ों का सही चुनाव मौसम और ट्रेन दोनों का ध्यान ट्रेन के अंदर का तापमान बाहर से अलग होता है. कभी ज्यादा ठंडा, कभी थोड़ा गर्म. इसलिए मैंने बेटी को लेयरिंग में कपड़े पहनाए. एक हल्का जैकेट, एक्स्ट्रा कपड़े और डायपर हमेशा बैग में रखे. एक बार जूस गिर गया था, तब एक्स्ट्रा कपड़े बहुत काम आए. ऐसी छोटी तैयारी आपको बड़ी परेशानी से बचा सकती है.

5. दवाइयां-सबसे जरूरी बैकअप सेफ्टी फर्स्ट बच्चों के साथ सफर में दवाइयां सबसे जरूरी चीज होती हैं. मैंने एक छोटा मेडिकल किट तैयार किया था जिसमें बुखार, पेट दर्द, उल्टी और दस्त की दवाइयां थीं. सफर के दौरान एक बार हल्की तबीयत खराब हुई भी, लेकिन दवाइयां साथ होने की वजह से तुरंत संभाल लिया. उस समय समझ आया कि ये तैयारी कितनी जरूरी थी.

सफर का असली मजा कब आता है? जब आप हर छोटी चीज को लेकर घबराना छोड़ देते हैं और पल को एंजॉय करने लगते हैं. मेरी बेटी खिड़की से बाहर देखती थी, नए लोगों से मिलती थी, और हर स्टेशन पर कुछ नया नोटिस करती थी. वही छोटे-छोटे पल इस सफर को खास बना गए.

बच्चों के साथ ट्रेन का सफर मुश्किल जरूर लग सकता है, लेकिन सही तैयारी और थोड़ा धैर्य इसे बेहद खूबसूरत अनुभव बना सकता है. पहली बार थोड़ा डर लगता है, लेकिन एक बार आप समझ गए कि कैसे संभालना है, फिर हर ट्रिप आसान लगने लगता है.



