जनवरी से मार्च 2026 तक भारत के स्मार्टफोन निर्यात में गिरावट दर्ज की गई है। काउंटरपॉइंट रिसर्च की रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 के पहले तीन महीनों के दौरान भारत के स्मार्टफोन शिपमेंट में सालाना आधार पर 3 फीसदी की गिरावट आई। ये पिछले छह वर्षों में सबसे कमजोर प्रदर्शन है। आपूर्ति लागत में बढ़ोतरी, कंपनियों द्वारा कीमतें बढ़ाना और कमजोर उपभोक्ता मांग इन तीनों कारकों ने बाजार पर दबाव डाला। बढ़ते दामों के कारण खुदरा बिक्री पर असर पड़ा, जबकि लॉन्च गतिविधियां अधिक होने के बावजूद बिक्री में अपेक्षित तेजी नहीं आई।
15,000 रुपये से कम वाले फोन की बिक्री में सबसे अधिक कमी आई है। काउंटरपॉइंट रिसर्च के निदेशक तरुण पाठक ने कहा कि लगातार तीन तिमाहियों में स्मार्टफोन महंगे हुए हैं और उपभोक्ता अपने फोन बदलने का समय टाल रहे हैं। ऐसे में निकट भविष्य में भी बाजार पर दबाव बना रह सकता है। इस साल दूसरी तिमाही में शिपमेंट दहाई अंक तक गिर सकता है, क्योंकि कीमतों में तेज वृद्धि और सस्ते स्मार्टफोन की मांग कमजोर बनी हुई है। वर्ष 2026 के लिए लगभग 10 फीसदी गिरावट का अनुमान है।
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जानिए किसका कैसा रहा प्रदर्शन?
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वीवो 21% मार्केट शेयर के साथ पहले स्थान पर।
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सैमसंग दूसरे स्थान पर, सीरीज-ए और गैलेक्सी S26 की मजबूत मांग।
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ओप्पो 14% हिस्सेदारी के साथ तीसरे स्थान पर, टॉप-5 में सबसे तेज बढ़त।
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शाओमी चौथे स्थान पर, 10,000–20,000 रुपये सेगमेंट में सबसे मजबूत।
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एप्पल ने 9% बाजार हिस्सेदारी हासिल की।
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नथिंग 47% वृद्धि के साथ सबसे तेजी से बढ़ने वाला ब्रांड।
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45,000 रुपये से अधिक के प्रीमियम सेगमेंट में गूगल 39% वृद्धि के साथ आगे।
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अमेरिकी स्मार्टफोन की 40% आपूर्ति भारत से
भारत ने अमेरिका की स्मार्टफोन आपूर्ति शृंखला में महत्वपूर्ण जगह बना ली है। मैकेंजी एंड कंपनी के मुताबिक, भारत अब अमेरिका की लगभग 40 फीसदी मांग पूरी कर रहा है। पहले इस पर चीन का कब्जा था। यह उछाल भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण और आपूर्ति शृंखला में बढ़ती ताकत का प्रतीक है।