राजेंद्र गुप्ता को बेटी की उच्च शिक्षा के लिए कुछ पैसों की जरूरत थी। उनके पास पीपीएफ खाता तो था, लेकिन मैच्योरिटी में अभी वक्त था। तभी उन्हें पता चला, वे अपने ही जमा पैसे पर सस्ता लोन ले सकते हैं। पीपीएफ सिर्फ टैक्स बचाने की मशीन नहीं, बल्कि जरूरत पर आपकी आपातकालीन तिजोरी भी है।
क्या है पीपीएफ पर लोन का गणित
सार्वजनिक भविष्य निधि (PPF) को हम आमतौर पर लंबी अवधि के निवेश और धारा 80C के तहत टैक्स छूट के लिए जानते हैं। लेकिन, इसकी एक बड़ी खासियत यह है कि जब आप समय से पहले पैसा निकालने के पात्र नहीं होते, तब आप इस पर कर्ज ले सकते हैं।
कब और किसे मिलेगा कर्ज?
आप पीपीएफ खाता खोलने के दूसरे साल के बाद और पांचवें साल के खत्म होने से पहले ही लोन ले सकते हैं। यह सुविधा सिर्फ तीसरे, चौथे, पांचवें और छठे साल के दौरान ही मिलती है।
कितना पैसा मिलेगा
आप अपनी मर्जी से कितना भी पैसा नहीं निकाल सकते। इसका एक फिक्स फॉर्मूला है:
■ जिस साल आप लोन मांग रहे हैं, उससे दो साल पीछे जाइए।
■ उस साल के अंत में आपके खाते में जितना पैसा था, उसका 25% ही आपको लोन के रूप में मिल सकता है।
■ उदाहरण: मान लीजिए वित्त वर्ष 2026-27 चल रहा है और आप आज लोन लेना चाहते हैं।
अब दो साल पीछे जाइए, यानी वित्त वर्ष 2024-25
■ 31 मार्च, 2025 को आपके पीपीएफ खाते में जितना बैलेंस था, बैंक उसका 25% पैसा आपको लोन के तौर पर देगा।
कम ब्याज दर का फायदा
लोन पर ब्याज दर आपके पीपीएफ पर मिलने वाले ब्याज से जुड़ी होती है।
■ सामान्य दर: फिलहाल पीपीएफ पर 7.1% ब्याज मिल रहा है। लोन की दर इससे 1% ज्यादा होती है। यानी आपको प्रभावी रूप से 8.1% सालाना ब्याज देना होगा।
■ पेनाल्टी दर: अगर आप 36 महीनों के भीतर लोन नहीं चुका पाते हैं, तो ब्याज दर पीपीएफ दर से 6% ज्यादा हो जाएगी (यानी कुल 13.1%)। यह पेनाल्टी रेट लोन लेने के पहले दिन से ही लागू होगा।
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लोन चुकाने के नियम
■ समय सीमा: अधिकतम 36 महीनों के भीतर चुकाना अनिवार्य है।
■ भुगतान का क्रम: आपको पहले मूलधन चुकाना होता है और उसके बाद ब्याज। मूलधन आप एकमुश्त या किस्तों में दे सकते हैं।
■ मूलधन खत्म होने के बाद अधिकतम दो किस्तों में ब्याज भरना होता है।
■ अगर नहीं चुकाया तो: यदि आप लोन नहीं चुकाते हैं, तो मैच्योरिटी या पैसा निकालने के समय बकाया राशि (पेनाल्टी ब्याज सहित) आपके पीपीएफ बैलेंस से काट ली जाएगी।
स्मार्ट विकल्प : पर्सनल लोन की 12-15% वाली भारी ब्याज दरों के चक्रव्यूह में फंसने के बजाय पीपीएफ लोन एक स्मार्ट विकल्प है।
तारीख पता है?
कंपनियों के तिमाही नतीजे
20 अप्रैल: PNB Housing, SML Isuzu, Ugro Capital
21 अप्रैल: HCL Tech, Nestle India, Persistent Sys
22 अप्रैल: SBI Life, Tech Mahindra, Havells India, L&T Tech
23 अप्रैल: Reliance Ind, Axis Bank, Trent, Motilal Oswal
24 अप्रैल: Adani Green, SBI Card, Atul
25 अप्रैल: IDFC First, India Cement
27 अप्रैल: Ultratech, Coal India



