अमेरिका के शेयर बाजार में बुधवार को जबरदस्त तेजी देखने को मिली और प्रमुख इंडेक्स नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए। एसएंडपी 500 करीब 1% चढ़कर अपने पिछले ऑल-टाइम हाई को पार कर गया। वहीं डाउ जोन्स औद्योगिक औसत में 340 अंकों की बढ़त रही और नैस्डैक कंपोजिट ने भी 1.6% उछलकर नया रिकॉर्ड बना लिया। बड़ी कंपनियों के उम्मीद से बेहतर नतीजों ने बाजार को मजबूती दी।
जीई वर्नोवा के शेयर करीब 13.7% चढ़े
इस तेजी में जीई वर्नोवा का बड़ा योगदान रहा, जिसके शेयर करीब 13.7% चढ़ गए। कंपनी ने उम्मीद से ज्यादा मुनाफा कमाया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से जुड़े डेटा सेंटरों के लिए भारी ऑर्डर मिले। इसी तरह बोस्टन साइंटिफिक, बोइंग और फिलिप मॉरिस इंटरनेशनल के शेयर भी मजबूत तिमाही नतीजों के बाद तेजी से बढ़े। दूसरी ओर, गांजा (कैनाबिस) सेक्टर की कंपनियों में तेजी आई। रिपोर्ट्स के अनुसार ट्रंप प्रशासन मारिजुआना को कम खतरनाक श्रेणी में डालने की तैयारी कर रहा है, जिससे इस इंडस्ट्री पर टैक्स का बोझ कम हो सकता है। इससे टिलरे ब्रांड्स और कैनोपी ग्रोथ के शेयरों में जोरदार उछाल आया।
तेल की कीमतों ने चिंता की लकीरें बढ़ाई
हालांकि इस उत्साह के बीच एक बड़ी चिंता भी बनी रही- तेल की कीमतें। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट कच्चा तेल की कीमत 3.5% बढ़कर 101 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई। इसकी बड़ी वजह ईरान के साथ जारी युद्ध है, जिससे वैश्विक तेल सप्लाई को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है। तेल की कीमतें युद्ध से पहले करीब 70 डॉलर प्रति बैरल थीं, जो अब 100 डॉलर के पार पहुंच चुकी हैं। हालांकि पहले के मुकाबले अब बाजार में उतार-चढ़ाव थोड़ा कम हुआ है। इसी बीच कुछ कंपनियों के शेयर गिरे भी। बेस्ट बाय के शेयर लगभग 4.6% नीचे आ गए क्योंकि कंपनी की सीईओ कोरी बैरी के पद छोड़ने की घोषणा हुई।
होर्मुज संकट और गहराने की आशंका
ईरान के पास स्थित होर्मुज जलडमरूमध्य, जो दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक है, वहां तनाव बढ़ गया है। खबरों के मुताबिक ईरान ने कुछ जहाजों पर कार्रवाई की और कुछ को कब्जे में भी लिया। इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्धविराम बढ़ाने की बात तो कही, लेकिन ईरान के बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकेबंदी भी जारी रखी है। इससे संकट और गहराता दिख रहा है।



