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सांसद भज्जी-गुप्ता के घर, LPU गेट पर लिखा ‘गद्दार’: पंजाब CM ने राष्ट्रपति से मिलने का टाइम मांगा; 7 सांसदों के AAP छोड़ने की वजहें सामने आईं – Punjab News


भज्जी के घर में गद्दार लिखते हुआ आप का वर्कर।

आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़ने वाले 7 में से 3 राज्यसभा सांसदों हरभजन सिंह भज्जी, राजिंदर गुप्ता और LPU के संस्थापक अशोक मित्तल के खिलाफ AAP के वर्करों ने प्रदर्शन किया। उन्होंने जालंधर में भज्जी और लुधियाना में ट्राइडेंट ग्रुप के मालिक राजिंदर गुप्ता के

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इस दौरान पुलिस वहां मौजूद रही लेकिन उन्होंने प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोई खास कोशिश नहीं की। इससे पहले पंजाब के CM भगवंत मान ने 7 AAP सांसदों के पार्टी छोड़ने को लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात का टाइम मांगा है। पंजाब सीएम ऑफिस से जुड़े सोर्सेज के मुताबिक सीएम मान पंजाब के सभी विधायकों को लेकर दिल्ली जाकर राष्ट्रपति से मिलना चाहते हैं। वह पार्टी बदलने वाले 7 सांसदों के राइट टू रिकॉल की मांग करेंगे और इस पर अपना पक्ष रखेंगे।

एक रैली के दौरान बोलते CM भगवंत मान की फाइल फोटो। और 3 सांसदों को पार्टी जॉइन कराते भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन।

इसके अलावा AAP के राज्यसभा सांसद संजय सिंह उपराष्ट्रपति से मिलेंगे। जहां वे पार्टी छोड़ने वाले सांसदों की सदस्यता रद्द करने की मांग करेंगे। संजय सिंह और पंजाब के वित्तमंत्री हरपाल चीमा ने कहा कि सिर्फ 3 ही सांसद भाजपा में शामिल हुए हैं। बाकी 4 अभी उनकी ही पार्टी में हैं।

राघव चड्‌ढा ने कल दावा किया था कि उनकी पार्टी के राज्यसभा में 10 सांसद हैं। इनमें से दो तिहाई यानी 7 सांसद हमारे साथ हैं। ऐसे में हमारे ऊपर दलबदल कानून लागू नहीं होता। इसे खारिज करते हुए वित्तमंत्री चीमा ने कहा कि सिर्फ 3 ही सांसद भाजपा में गए हैं। 2 सांसदों स्वाति मालीवाल और राजिंदर गुप्ता के फर्जी साइन किए गए हैं।

दरअसल, कल पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी (AAP) के 10 राज्यसभा सांसदों में से 7 सांसदों ने कल (24 अप्रैल) पार्टी छोड़ दी। इनमें से 6 पंजाब से हैं। पार्टी छोड़ने के बाद पंजाब से राज्यसभा सांसद राघव चड्‌ढा ने शुक्रवार शाम को ही सांसद अशोक मित्तल और संदीप पाठक के साथ BJP जॉइन कर ली। राघव चड्‌ढा के मुताबिक हरभजन सिंह, विक्रमजीत सिंह साहनी, स्वाति मालीवाल, राजेंदर गुप्ता भी हमारे साथ हैं।

इसी बीच शनिवार को पंजाब के CM भगवंत मान ने सोशल मीडिया (X) पर AAP छोड़ने वाले सांसदों पर तंज कसा। मान ने लिखा-

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अदरक, लहसुन, जीरा, मेथी पाउडर, लाल मिर्च, काली मिर्च और धनिया, ये 7 चीजें मिलकर सब्जियां स्वादिष्ट बनाती हैं, लेकिन इनकी सब्जी नहीं बन सकती

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इसी बीच AAP में भी हलचल बढ़ गई है। AAP के पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया कल ही गुजरात से लौटे थे, जिसके बाद दिल्ली एयरपोर्ट से सीधे वह AAP सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल से मिलने पहुंचे थे। इसके बाद शनिवार सुबह ही पंजाब की AAP सरकार में सेहत मंत्री डॉ. बलवीर सिंह ने दिल्ली में सिसोदिया से मुलाकात की।

यहां मीडिया से बात करते हुए मंत्री डॉ. सिंह ने कहा- पंजाब में बीजेपी ऑपरेशन लोटस चला रही है। सांसदों ने पंजाब से विश्वासघात किया। रिजाइन करके क्यों नहीं किए। अशोक मित्तल के ठिकानों पर 4 दिन रेड चली, लेटर साइन होने के बाद ही ये बंद हुईं। सिसोदिया से मुलाकात पर मंत्री ने कहा- अपने नेताओं को मिलते रहते हैं ओर मिलना भी चाहिए।

भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल को शुक्रवार शाम को भाजपा कार्यालय में पार्टी की सदस्यता दिलाई।

भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल को शुक्रवार शाम को भाजपा कार्यालय में पार्टी की सदस्यता दिलाई।

वित्तमंत्री बोले- हरभजन की कमेंट्री बंद हो जाती, मित्तल रेड से डरे वित्तमंत्री हरपाल चीमा ने कहा कि अब सबसे बड़ा टेस्ट उपराष्टपति का है। AAP के सिर्फ 3 सांसद भाजपा में गए हैं, इसलिए दलबदल कानून लागू होता है। राघव चड्‌ढा का 7 सांसदों के साइन का दावा है लेकिन स्वाति मालीवाल ने अपने ट्वीट में कहीं पर भी नहीं कहा गया है कि उन्होंने साइन किए हैं।

चीमा ने कहा- रजिंदर गुप्ता विदेश में अपनी बाइपास सर्जरी करवाने गए हैं। इन दोनों के फर्जी हस्ताक्षर हैं। इनके हस्ताक्षर सिर्फ सात मेंबर दिखाने के लिए किया गया है। 7 मेंबर एक साथ जाने चाहिए थे, तब कानून से बच सकते थे। इनके पास 18 महीने का ही टाइम बचा है।

चीमा ने कहा कि हरभजन सिंह को इसलिए आगे लेकर आए थे कि वो युवाओं को रास्ता दिखाएगा लेकिन वो गद्दार बनकर भाग गया। उसे डर है कि बीजेपी उसकी कमेंट्री बंद करवा देगी। BCCI पर उनका कब्जा हे। अशोक मित्तल पर रेड की, उसे कहा गया कि या तो पार्टी जॉइन कर या तेरा कारोबार बंद करवा दिया जाएगा। 3 करोड़ पंजाबी इन गद्दारों को सबक सिखाएंगे।

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AAP छोड़ने से पहले 3 सांसद केजरीवाल से मिले इसी बीच एक न्यूज चैनल ने सोर्सेज के हवाले से दावा किया कि पार्टी छोड़ने से पहले 3 सांसद AAP सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल से मिले थे। इनमें अशोक मित्तल 19 अप्रैल, विक्रमजीत साहनी 22 अप्रैल और संदीप पाठक ने 23 अप्रैल को ही केजरीवाल से मुलाकात की थी। मित्तल ने तो 23 अप्रैल को केजरीवाल से बात भी की थी।

कल 3 ही सांसदों के कॉन्फ्रेंस में आने को लेकर सोर्सेज से बताया जा रहा है कि वहीं राजिंदर गुप्ता अभी विदेश में हैं। स्वाति मालीवाल कल ईटा नगर में थीं और हरभजन सिंह आईपीएल कॉन्ट्रैक्ट के कारण नहीं आ पाए। सांसद साहनी स्वास्थ्य कारणों की वजह से मीडिया के सामने नहीं आए।

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जानिए, 7 सांसदों के AAP छोड़ने की क्या वजहें रहीं

  • राघव चड्‌ढा: राघव चड्‌ढा ने अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के वक्त चुप्पी साधे रखी और इलाज की बात कहकर विदेश में रहे। तब से केजरीवाल व शीर्ष नेतृत्व उनसे नाराज चल रहा था। राघव चड्‌ढा संसद में लगातार अपना काम करते रहे। हाल ही में जब पार्टी ने उन्हें डिप्टी लीडर के पद से हटाया और उनको बोलने का समय न देने की बात की। उसके बाद पार्टी के हर नेता ने उनके खिलाफ मोर्चा खोला। इसी बात से वो नाराज चल रहे थे और उन्होंने पार्टी को झटका देने की योजना बनानी शुरू की।
  • डॉ. संदीप पाठक: संदीप पाठक को पार्टी में अहम जिम्मेदारी दी गई थी। पंजाब, गोवा और गुजरात में पार्टी के विस्तार के लिए काम करते रहे। केजरीवाल को नेशनल लीडर के तौर पर प्रेजेंट करने के पीछे भी संदीप पाठक की स्ट्रेटेजी थी। संदीप पाठक पंजाब का काम देख रहे थे। दिल्ली में हार के बाद उनकी जगह मनीष सिसोदिया को पंजाब की जिम्मेदारी दे दी गई। संदीप पाठक को छत्तीसगढ़ का चार्ज दिया गया। केजरीवाल ने कुछ समय से डॉ. संदीप पाठक को पार्टी की अहम बैठकों व निर्णयों से दूर रखना शुरू कर दिया था।
  • स्वाति मालीवाल: स्वाति मालीवाल और अरविंद केजरीवाल में सीधे लड़ाई थी। स्वाति मालीवाल ने अरविंद केजरीवाल के नजदीकी वैभव कुमार पर मारपीट के आरोप लगाए। मालीवाल ने कहा था कि यह सब केजरीवाल के सामने हुआ। केजरीवाल ने उसका साथ देने के बजाय वैभव कुमार का साथ दिया। वो उसी समय से पार्टी से नाराज चल रही थी। राज्यसभा में भी आम आदमी पार्टी के खिलाफ लगातार बोलती रही।
  • अशोक मित्तल: अशोक मित्तल को पार्टी ने राज्यसभा में डिप्टी लीडर बनाया और उसके बाद उनके ठिकानों पर ईडी की रेड हुई। ईडी की रेड के दौरान आम आदमी पार्टी के नेताओं ने उनका साथ नहीं दिया और न ही उनके लिए कोई स्टैंड लिया। पार्टी नेताओं के इस रवैये से वो भी नाराज थे।
  • हरभजन सिंह: हरभजन सिंह को आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सदस्य तो बनाया लेकिन उन्हें कभी पार्टी फोरम में कोई तवज्जो नहीं दी। हरभजन सिंह पार्टी की गतिविधियों में कभी शामिल नहीं हुए। यह भी चर्चा है कि अहम पदों पर नियुक्तियों में उनकी राय नहीं ली जाती थी और न ही उन्हें कुछ पूछा जाता था।
  • राजिंदर गुप्ता: राजिंदर गुप्ता पंजाब के बड़े उद्योगपति हैं। पंजाब में किसी की भी सरकार होती है तो वो हमेशा महत्वपूर्ण पदों पर रहे हैं। सरकारें उन्हें इंडस्ट्री से जुड़े उपक्रमों में जरूर रखती हैं। आम आदमी पार्टी ने जब राज्यसभा सदस्य संजीव अरोड़ा को लुधियाना पश्चिमी से उपचुनाव लड़वाया तो उनकी ही सिफारिश पर राजिंदर गुप्ता को राज्यसभा सदस्य बनाया गया। राज्यसभा में होने के बावजूद वो भी पार्टी की गतिविधियों से दूर ही रहे।
  • विक्रमजीत सिंह साहनी: विक्रमजीत सिंह साहनी बड़े उद्योगपति, समाज सेवी हैं। पार्टी फोरम में उन्हें भी कोई तव्वजो नहीं दी गई। यही वजह उनके पार्टी छोड़ने की रही।

(नोट: AAP सोर्सेज और पार्टी छोड़ने वाले सांसदों के करीबियों से ये वजहें निकलकर सामने आईं )

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AAP छोड़ने के बाद राघव ने कहा- मैं राइट मैन इन रॉन्ग पार्टी राघव ने कहा कि पिछले कुछ सालों से मुझे महसूस हो रहा था कि मैं गलत पार्टी में सही व्यक्ति हूं। इसलिए आज मैं घोषणा करता हूं कि मैं AAP से दूरी बना रहा हूं और जनता के करीब जा रहा हूं। राजनीति में आने से पहले, मैं एक प्रैक्टिसिंग चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) था। इस मंच पर मेरे साथ अलग-अलग क्षेत्रों के लोग थे।

कुछ वैज्ञानिक थे, तो कुछ शिक्षाविद। आज, AAP छोड़ने वालों में एक विश्वस्तरीय क्रिकेटर, एक पद्मश्री विजेता और कई सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हैं। इन सभी लोगों ने अपना सब कुछ त्यागकर, एक भ्रष्टाचार-मुक्त भारत बनाने के संकल्प के साथ एकजुट होकर इस पार्टी की स्थापना की थी।

राघव ने कहा- अभी और भी हैं जो साथ आएंगे। भारत का संविधान यह प्रोवीजन देता है, कि अगर 2/3 से ज्यादा सांसद किसी दूसरी पार्टी में जाना चाहें तो वे ऐसा कर सकते हैं। यह अधिकार हमें भारत के संविधान ने ही दिया है।

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CM मान ने कल सांसदों को लेकर क्या कहा था सीएम भगवंत मान ने कहा था कि मैं पहले भी कहता रहा हूं कि BJP की पंजाबियों से बनती नहीं है, जिससे पंजाबी खुश होते हैं, उसे यह खराब करने की कोशिश करती है। जब हमारी सरकार बनी तो हमारा आरडीएफ का पैसा रोका गया। उन्होंने कहा कि पार्टी बड़ी होती है, संगठन बड़ा होता है, व्यक्ति नहीं।

ये छह-सात लोग जो गए हैं, वे पंजाबियों के साथ गद्दारी करके गए है। यहां बैठे-बैठे इन्हें पद मिल गए , इन्हें किसी से वोट मांगने की जरूरत नहीं पड़ी। अब ये अपनी राजनीति नहीं, जान बचाने के लिए वहां गए हैं, लेकिन वहां भी इनका कुछ नहीं होना है। सीएम ने कहा कि मैं ईडी वालों से कहता हूं कि भगवंत मान के घर पर छापा मारो। संजय सिंह के घर पर रेड की थी। क्या मिला है। आओ दम है तो भगवंत मान को खरीद कर दिखाओ।

वह करेंसी अभी बनी नहीं, जिससे मान को खरीदा जा सके। उन्होंने कहा कि राघव चड्‌ढा का यहां दम घुटने लग गया। जब 50 नंबर कोठी में थे, तो वहां पर बड़ी खुली हवा आती थी। साइकिल का भी स्टैंड होता है। कहीं तो खडे हो जाओ। वैसे तो यह सरपंच बनने लायक नहीं थे।

राघव के साथ पार्टी छोड़ने वाले 7 सांसदों के बारे में जानिए…

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पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले AAP के 7 सांसदों ने पार्टी छोड़ दी। इसमें 6 सांसद पंजाब के हैं। AAP के ‘चाणक्य’ डॉ संदीप पाठक व ‘सुपर CM’ कहे जाने वाले राघव चड्‌ढा अब BJP में शामिल हो गए। उनकी यहां की राजनीति में गहरी पैठ मानी जाती है। 2022 विधानसभा चुनाव में इसी ‘जोड़ी’ ने पंजाब में AAP का 92 सीटों का ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया था, अब वही जोड़ी AAP के किले में सेंध लगाने की तैयारी में है। राघव चड्ढा के करीबियों का दावा है कि पार्टी के 30 से 35 विधायक से उनकी काफी नजदीकियां हैं। (पढ़ें पूरी खबर)

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राज्यसभा सांसद राघव चड्‌ढा आम आदमी पार्टी (AAP) को छोड़ने वाले पहले नेता नहीं हैं। AAP की स्थापना से लेकर अब तक 35 बड़े नेता इस पार्टी से किनारा कर चुके हैं। इनमें सबसे ज्यादा 20 नेता पंजाब से ताल्लुक रखते हैं। AAP छोड़ने वाले प्रमुख चेहरों में कुमार विश्वास, योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण शामिल हैं। पूरी खबर पढ़ें…



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