वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार में शानदार रिकवरी देखने को मिली है। शुरुआती कारोबार में भारी उछाल के बाद, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के दबाव के बावजूद दोनों प्रमुख बेंचमार्क सूचकांक बढ़त के साथ बंद होने में सफल रहे। इस रिकवरी से निवेशकों को बड़ा फायदा हुआ है और बीएसई पर सूचीबद्ध सभी कंपनियों के कुल बाजार पूंजीकरण में लगभग 2 लाख करोड़ रुपये की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे यह आंकड़ा बढ़कर 469 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है।
कारोबारी सत्र की शुरुआत काफी आक्रामक रही, जब सेंसेक्स 1,000 से अधिक अंक उछला और निफ्टी ने 24,300 का अहम स्तर पार कर लिया था, जिससे शुरुआती दौर में बाजार पूंजीकरण करीब 5 लाख करोड़ रुपये बढ़ गया था। हालांकि, दोपहर तक ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों के 115 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक पहुंचने के कारण बाजार ने अपनी लगभग आधी शुरुआती बढ़त गंवा दी। तमाम उतार-चढ़ाव के बाद कारोबारी दिन के अंत में सेंसेक्स 609.45 अंक (0.79%) की तेजी के साथ 77,496.36 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 181.95 अंक (0.76%) मजबूत होकर 24,177.65 के स्तर पर पहुंच गया।
बीएसई सेंसेक्स के 30 शेयरों का हाल
भारतीय बाजार की इस तेजी को वैश्विक इक्विटी बाजारों के सकारात्मक रुझान का भी भरपूर समर्थन मिला। एशियाई बाजारों में हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक 1.5% और शंघाई कंपोजिट 0.6% की मजबूती के साथ कारोबार करता दिखा, हालांकि ऑस्ट्रेलिया के एसएंडपी/एएसएक्स 200 सूचकांक में 0.4% की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा, पश्चिमी और यूरोपीय बाजारों में भी खरीदारी का रुख रहा; नैस्डैक 100 फ्यूचर्स में 0.5%, एसएंडपी 500 फ्यूचर्स में 0.2% और यूरो स्टॉक्स 50 वायदा में 0.2% की वृद्धि दर्ज की गई।



