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Alwar top 5 tourist palace: अलवर अपने ऐतिहासिक किलों, रहस्यमयी स्थलों और खूबसूरत झीलों के लिए मशहूर है. यहां मूसी महारानी की छतरी, भानगढ़ किला, बाला किला और सिलीसेढ़ झील जैसे पर्यटन स्थल पर्यटकों को आकर्षित करते हैं. प्राकृतिक सुंदरता और विरासत का अनोखा संगम अलवर को वीकेंड ट्रिप के लिए खास बनाता है.
मूसी महारानी की छतरी: अलवर शहर के बीचों-बीच स्थित महारानी की छतरी भी करने के लिए अच्छी जगह है. यह छतरी राजस्थानी विरासत और इतिहास का एक महत्वपूर्ण प्रतीक है. अरावली पहाड़ियों की पृष्ठभूमि में स्थित यह ऐतिहासिक स्मारक अपनी सुंदर वास्तुकला के साथ आज भी पर्यटकों को आकर्षित करती है. यहां पर बड़ी संख्या में पर्यटक घूमने आते हैं. मूसी महारानी की छतरी अपनी उत्कृष्ट वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है, जो राजपूताना संस्कृति की भव्यता को दर्शाती है.

भानगढ़ किला: अलवर जिले का एक प्रसिद्ध और रहस्यमयी पर्यटन स्थल भानगढ़ किला है, जहां बड़ी संख्या में पर्यटक घूमने आते हैं. दिल्ली के नजदीक होने के कारण वीकेंड पर यहां भीड़ रहती है. अरावली पहाड़ियों के बीच स्थित इस किले में सोमेश्वर, गोपीनाथ, मंगला देवी और केशव राय जैसे प्राचीन मंदिर मौजूद हैं, जिनकी नक्काशी आकर्षक है. दिन में यहां चहल-पहल रहती है, लेकिन सूर्यास्त के बाद सन्नाटा छा जाता है. भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने शाम के बाद प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया हुआ है. भानगढ़ की राजकुमारी रत्नावती और तांत्रिक सिंधु सेवड़ा की कहानी इसे और रहस्यमयी बनाती है. मान्यता है कि तांत्रिक के श्राप के कारण यह किला उजड़ गया. आज भी पर्यटक इसे “भूतिया किला” मानते हैं, हालांकि दिन में यह एक सुंदर ऐतिहासिक स्थल के रूप में नजर आता है.

बाला किला: अलवर शहर के पास स्थित बाला किला एक प्रमुख ऐतिहासिक पर्यटन स्थल है, जो अरावली पर्वतमाला की गोद में बसा हुआ है. किले की भव्यता और प्राकृतिक सुंदरता पर्यटकों को खासा आकर्षित करती है. यहां स्थित वेपन म्यूजियम प्रदेश में अपनी तरह का अनोखा संग्रहालय है, जो इसे और भी खास बनाता है. यह क्षेत्र सरिस्का टाइगर रिजर्व के बफर जोन में आता है, जहां पर्यटकों को सफारी का आनंद लेने का अवसर मिलता है. हालांकि, अलवर शहर से बाला किला को जोड़ने वाली सड़क का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त होने के कारण पर्यटकों की आवाजाही प्रभावित हुई है.
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धरोहर सागर जलाशय: अलवर शहर में स्थित ऐतिहासिक धरोहर सागर जलाशय घूमने के लिए अच्छी जगह है. बाला किला की अरावली की पहाड़ियों के नीचे बने बना यह देखने में काफी खूबसूरत लगता है. यह जलाशय कलात्मकता का बेजोड नमूना है. जिसमें आकर्षक ढंग से सुंदर-सुंदर विभिन्न छतरियां बनाई गई है. सागर जलाशय को अलवर में आने वाले पर्यटक इसे देखे बिना नहीं जाते हैं. सागर की छतरियों का एक हिस्सा पानी में डूबा रहता है. सागर की आकर्षक सुंदरता के चलते अनेक बार यहां पर नाटक व फिल्मों की शूटिंग भी होने के साथ यहां की खूबसूरती की वजह से प्री वेडिंग शूटिंग के लिए भी लोग आते हैं. सागर व आसपास की छतरी पर बनी नक्काशी का आकर्षण व प्रकृति को सौंदर्य तो आज भी पर्यटकों को खींच लाता है.

सिलीसेढ पैलेस: अलवर शहर से लगभग 18 किलोमीटर दूर स्थित सिलीसेढ़ झील पर्यटकों की खास पसंद बनी हुई है. यहां दिनभर चहल-पहल और रौनक देखने को मिलती है. पहाड़ों की वादियों के बीच स्थित यह झील अपनी खूबसूरती के लिए जान जाती है. दिल्ली से करीब 200 किलोमीटर दूर स्थित अलवर की यह झील वीकेंड पर दिल्ली-एनसीआर और आसपास के इलाकों से आने वाले सैलानियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी रहती है. यहां बोटिंग का आनंद लिया जा सकता है. मोटर बोट का किराया 1,200 रुपये है, जिसमें 8 लोग बैठ सकते हैं. स्पीड बोट, जिसमें 7 लोग बैठ सकते हैं, इसका किराया 2,000 रुपये है. पंटून लग्जरी बोट में 7-8 लोग बैठ सकते हैं और इसका किराया 2,500 रुपये है. इसके अलावा, वाटर स्कूटर बोट की सुविधा भी है, जिसमें एक व्यक्ति बैठकर झील में लंबा राउंड लगा सकता है, इसका किराया 800 रुपये है.



