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Kothwalguda Eco Park Hyderabad : हैदराबाद का कोथवाल गुडा इको पार्क प्रकृति प्रेमियों के लिए खास आकर्षण बन रहा है. 85 एकड़ में फैला यह पार्क एलिवेटेड बोर्डवॉक, हिमायत सागर झील का नजारा और हरियाली से भरपूर माहौल देता है. यहां बटरफ्लाई गार्डन, एवियरी और बच्चों के लिए प्ले जोन जैसी सुविधाएं इसे परफेक्ट पिकनिक स्पॉट बनाती हैं.
एलिवेटेड बोर्डवॉक का रोमांच-
इस पार्क का सबसे बड़ा आकर्षण इसका 1.5 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड बोर्डवॉक है. यह जमीन से ऊपर पेड़ों की ऊंचाई पर बनाया गया है, जिससे आपको पूरे पार्क और पास ही स्थित हिमायत सागर झील का 360-डिग्री व्यू मिलता है. इस पर चलना ऐसा महसूस कराता है जैसे आप बादलों और पेड़ों के ऊपर टहल रहे हों. यह ट्रैक न केवल सैर के लिए है बल्कि फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए एक बेहतरीन स्पॉट भी है.

हैदराबाद के बाहरी रिंग रोड के पास स्थित कोथवाल गुडा इको पार्क शहर के शोर और कंक्रीट के जंगलों से एक ताज़ा राहत के रूप में उभरा है. 85 एकड़ से अधिक भूमि पर फैला यह पार्क तेलंगाना सरकार और HMDA की एक महत्वाकांक्षी परियोजना है. इसका मुख्य द्वार ही आपको यह संकेत दे देता है कि आप प्रकृति के एक बेहद व्यवस्थित और संरक्षित हिस्से में प्रवेश कर रहे हैं. यहां का शांत वातावरण और चारों तरफ फैली हरियाली किसी का भी मन मोहने के लिए काफी है.

कैसे पहुंचें
यह पार्क आउटर रिंग रोड के बिल्कुल पास स्थित है. हिमायत सागर की ओर जाने वाले रास्ते पर Exit No. 17 से यहाँ आसानी से पहुंचा जा सकता है यह सभी दिन 9:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक खुला रहता है टिकट वयस्क के लिए 100 रुपए वही बच्चों के 50 रुपए है वही रविवार को टिकट अलग होता है.
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हिमायत सागर का किनारा और सनसेट व्यू
पार्क का एक हिस्सा हिमायत सागर झील की सीमा से मिलता है. शाम के समय यहाँ से सूर्यास्त का नज़ारा देखना एक यादगार अनुभव होता है. झील से आने वाली ठंडी हवाएं और डूबते सूरज की लालिमा पूरे पार्क को एक सुनहरी चादर से ढक देती हैं. यहां किनारे पर बैठने के लिए कई जगह बनाई गई हैं जहां परिवार के साथ बैठकर सुकून के पल बिताए जा सकते हैं.

भविष्य का ईको-टूरिज्म हब
कोथवाल गुडा इको पार्क सिर्फ एक पिकनिक स्पॉट नहीं है, बल्कि यह भविष्य के सतत पर्यटन का एक मॉडल है. यहां 10 लाख से अधिक पौधे लगाए गए हैं जो हैदराबाद की हवा को शुद्ध करने में मदद कर रहे हैं. आने वाले समय में यहाँ रिजॉर्ट्स और फूड कोर्ट जैसी और भी सुविधाएं जुड़ने वाली हैं. यह पार्क हमें याद दिलाता है कि विकास और प्रकृति का संतुलन कैसे बनाया जा सकता है.

बटरफ्लाई और जैपनीज़ गार्डन
कोथवाल गुडा इको पार्क में अलग-अलग थीम वाले गार्डन बनाए गए हैं. बटरफ्लाई गार्डन में विशेष प्रकार के पौधे लगाए गए हैं जो तितलियों को आकर्षित करते हैं. वहीं जैपनीज़ गार्डन अपनी शांति और व्यवस्थित सजावट के लिए जाना जाता है. यहां के ज़ेन वातावरण में बैठकर आप मानसिक शांति का अनुभव कर सकते हैं. ये बगीचे जैव विविधता को बढ़ावा देने के साथ-साथ पर्यटकों को प्रकृति के अलग-अलग रूपों से परिचित कराते हैं.

बच्चों का ज़ोन और मनोरंजन
बच्चों के मनोरंजन के लिए यहां एक विशेष नेचुरल प्ले ज़ोन बनाया गया है जहां लकड़ी के झूले और मिट्टी के खेल के मैदान हैं. इसके अलावा पार्क में एक ओपन-एयर थिएटर भी है जहां सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा सकते हैं. पूरा पार्क ईको-फ्रेंडली है इसलिए यहां प्रदूषण फैलाने वाली चीज़ों पर सख्त पाबंदी है. घूमने के लिए बैटरी से चलने वाली गोल्फ कार्ट भी उपलब्ध हैं.

भारत का सबसे बड़ा वॉक-थ्रू एवियरी
पार्क के अंदर दक्कन बर्ड्स एवियरी स्थित है जो लगभग 4.8 एकड़ में फैला है. यह भारत के सबसे बड़े वॉक-थ्रू एवियरी में से एक माना जाता है. यहां आप पक्षियों को पिंजरों में नहीं, बल्कि उनके प्राकृतिक परिवेश के करीब स्वतंत्र रूप से उड़ते हुए देख सकते हैं. यहां दुनिया भर से लाए गए लगभग 6,500 पक्षी हैं जिनमें मकाऊ, कॉकटू और कई दुर्लभ प्रजातियां शामिल हैं. बच्चों के लिए यह किसी जादुई दुनिया से कम नहीं है.



