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ऐसी हवेली जिसकी 1 दीवार उखाड़ लें तो बन जाएंगे करोड़पति, घर में पेंट नहीं सोने की परत


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राजस्थान के शेखावाटी इलाके की हवेलियां सिर्फ खूबसूरती की मिसाल नहीं हैं, बल्कि इतिहास और दौलत का ऐसा संगम हैं, जिसकी चर्चा आज भी होती है. इन हवेलियों की दीवारों पर बनी पेंटिंग्स और चमकदार सजावट को देखकर लोग कहते हैं कि यहां की एक दीवार भी करोड़ों की हो सकती है.

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शेखावाटी की ये भव्य हवेलियां

राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र को ‘ओपन आर्ट गैलरी’ कहा जाता है, जहां की हवेलियां अपनी भव्यता और अनोखी पेंटिंग्स के लिए दुनियाभर में मशहूर हैं. झुंझुनूं, सीकर और चूरू में फैली इन हवेलियों की दीवारों पर सोने जैसी चमक देने वाले रंगों और महीन कारीगरी का इस्तेमाल किया गया था. उस समय के अमीर व्यापारियों ने इन हवेलियों को बनवाने में पानी की तरह पैसा बहाया, जिससे आज भी ये इमारतें किसी खजाने से कम नहीं लगतीं.

इन हवेलियों में नवलगढ़, मंडावा, फतेहपुर और रामगढ़ जैसी जगहें खास तौर पर जानी जाती हैं. दीवारों पर बेहद महीन कारीगरी की गई है. यहां की दीवारों पर बनी पेंटिंग्स में सोने और महंगे प्राकृतिक रंगों का इस्तेमाल होता था, जिससे ये आज भी चमकदार दिखाई देती हैं. समय के साथ इन हवेलियों की हालत खराब होती चली गई. दशकों तक देखरेख न होने और मालिकों के दूसरे शहरों में बस जाने के कारण ये इमारतें धीरे-धीरे जर्जर हो गईं. कई हवेलियां अब खंडहर में बदल चुकी हैं, जबकि कुछ अपनी आखिरी सांसें गिन रही हैं.

इन हवेलियों को बचाने की तैयारी
इसी को देखते हुए राजस्थान सरकार ने इन हवेलियों को बचाने के लिए बड़ा कदम उठाया है. पर्यटन विभाग एक खास योजना के तहत इन ऐतिहासिक इमारतों को फिर से संवारने की कोशिश कर रहा है. इस योजना में लक्ष्मणगढ़, डूंडलोड, खेत्री और महेन्सर जैसे शहरों को जोड़कर एक टूरिज्म सर्किट बनाने की तैयारी है.

हेरिटेज होटल बनेंगी ये हवेलियां
सरकार ने 600 से ज्यादा ऐसी निजी हवेलियों की पहचान की है, जिनमें विरासत की झलक मिलती है. इन्हें हेरिटेज प्रॉपर्टी घोषित करने और हेरिटेज होटल में बदलने के लिए प्रोत्साहन दिया जा रहा है. खास बात यह है कि ऐसी प्रॉपर्टीज को लाइसेंस और अन्य सुविधाओं में भी छूट दी जा रही है, ताकि मालिक इन्हें दोबारा जीवित कर सकें. इस पहल से न सिर्फ इन हवेलियों को नया जीवन मिलेगा, बल्कि पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे.

खराब हो रही हवेलियों की 
समय के साथ इन हवेलियों की हालत खराब होती चली गई. शेखावाटी की ये हवेलियां सिर्फ इमारतें नहीं, बल्कि उस दौर की कहानी हैं जब कला, दौलत और शान-ओ-शौकत का अनोखा मेल देखने को मिलता था. अगर इन्हें सही तरीके से संजोया जाए, तो ये भारत की सबसे बड़ी पर्यटन धरोहर बन सकती हैं.

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Vividha SinghSub Editor

विविधा सिंह इस समय News18 हिंदी के डिजिटल मीडिया में सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. वह लाइफस्टाइल बीट में हेल्थ, फूड, ट्रैवल, फैशन और टिप्स एंड ट्रिक्स जैसी स्टोरीज कवर करती हैं. कंटेंट लिखने और उसे आसान व …और पढ़ें



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