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Biz Updates: कच्चे तेल की कीमतों में उछाल, सोने-चांदी की कीमतें गिरी; भारत का नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन बढ़ा


भारत का नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 5.12 प्रतिशत बढ़ा

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) द्वारा सोमवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान भारत में शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह यानी नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में स्थिर बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 5.12 प्रतिशत बढ़कर 23,40,406 करोड़ रुपए हो गया। वहीं, इस वित्त वर्ष में सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह यानी ग्रॉस डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 28,11,936 करोड़ रुपए रहा, जो पिछले वित्त वर्ष 2024-25 के 27,03,107 करोड़ रुपए के मुकाबले 4.03 प्रतिशत ज्यादा है।

यह बढ़ोतरी कॉरपोरेट और नॉन-कॉरपोरेट टैक्स सेगमेंट दोनों से आए बेहतर कलेक्शन के कारण संभव हुई है, जो अर्थव्यवस्था में स्थिर गतिविधियों और बेहतर टैक्स अनुपालन को दर्शाता है। कॉरपोरेट टैक्स कलेक्शन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखी गई, जो बढ़कर 13,81,606 करोड़ रुपए हो गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह 12,72,542 करोड़ रुपए था। नॉन-कॉरपोरेट टैक्स कलेक्शन, जिसमें व्यक्तिगत करदाता, हिंदू अविभाजित परिवार (एचयूएफ), फर्म और अन्य संस्थाएं शामिल हैं, 13,72,474 करोड़ रुपए रहा, जो वित्त वर्ष 2024-25 के 13,73,905 करोड़ रुपए के मुकाबले थोड़ा कम है।

इस दौरान सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (एसटीटी) से कलेक्शन बढ़कर 57,522 करोड़ रुपए हो गया। वित्त वर्ष के दौरान जारी किए गए टैक्स रिफंड में भी मामूली गिरावट दर्ज की गई, जो 1.09 प्रतिशत घटकर 4,71,531 करोड़ रुपए रह गया, जबकि पिछले साल यह 4,76,732 करोड़ रुपए था। रिफंड में कमी आने से नेट टैक्स कलेक्शन की ग्रोथ को बढ़ावा मिला है, क्योंकि कुल कलेक्शन का बड़ा हिस्सा सरकार के पास बना रहा। यह आंकड़े एक संतुलित टैक्स संरचना की ओर इशारा करते हैं, जहां कॉरपोरेट और व्यक्तिगत करदाता दोनों ही राजस्व में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

विश्लेषकों के अनुसार, नेट टैक्स कलेक्शन में यह स्थिर बढ़ोतरी बेहतर टैक्स संग्रह क्षमता और कुशल प्रशासन को दर्शाती है, खासकर वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच। हालांकि, नॉन-कॉरपोरेट टैक्स कलेक्शन में हल्की गिरावट व्यक्तिगत आय में उतार-चढ़ाव या टैक्स प्लानिंग के रुझानों को दर्शा सकती है, जबकि कॉरपोरेट टैक्स में बढ़ोतरी विभिन्न क्षेत्रों में स्थिर मुनाफे की ओर संकेत करती है। इस बीच, आयकर विभाग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आंकड़े जारी करते हुए कहा कि ’31 मार्च 2026 तक वित्त वर्ष 2025-26 के ग्रॉस डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन, रिफंड और नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन के आंकड़े जारी कर दिए गए हैं।’



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