भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म ब्लिंकिट को घटिया गुणवत्ता वाले अंडे बेचने की शिकायतों पर नोटिस भेजा है। सूत्रों के अनुसार, सोशल मीडिया पर कई ग्राहकों ने ब्लिंकिट से मिले अंडों की गुणवत्ता पर सवाल उठाए थे। शिकायतों में कहा गया कि ये अंडे बदबूदार और रबर जैसी बनावट वाले हैं, जो इंसानी उपभोग के लिए असुरक्षित हैं। एफएसएसएआई ने ब्लिंकिट को इस मामले में स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है। कंपनी को सात दिनों के भीतर एक व्यापक कार्रवाई रिपोर्ट (एटीआर) सौंपनी होगी। इसमें ई-कॉमर्स फूड बिजनेस ऑपरेटरों की जिम्मेदारियों के पालन का विवरण भी देना होगा। सूत्रों का कहना है कि अनुपालन न करने पर एफएसएस एक्ट 2006 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल ब्लिंकिट की ओर से इस पर कोई टिप्पणी नहीं आई है।
जेईई, नीट में चयन के भ्रामक दावे, दो कोचिंग पर जुर्माना
उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने जेईई और नीट परीक्षा परिणामों से जुड़े भ्रामक विज्ञापन प्रकाशित करने के मामले में मोशन एजुकेशन प्रालि. पर 10 लाख रुपये और सीकर स्थित करियर लाइन कोचिंग (सीएलसी) पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। सीसीपीए की मुख्य आयुक्त निधि खरे और आयुक्त अनुपम मिश्रा के आदेश में भ्रामक विज्ञापन को उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के तहत अनुचित व्यापार व्यवहार और उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन माना गया। मोशन एजुकेशन ने अपने विज्ञापनों में मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट में 91.2 प्रतिशत और आईआईटी-जेईई एडवांस्ड परीक्षा में 51.02 प्रतिशत सफलता दर का दावा किया था। जबकि ऐसा नहीं था।



