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विधायक रविंद्र भाटी ने खुद पर पेट्रोल छिड़का: बैग में रखकर साथ लाए थे बोतल; 5 घंटे प्रशासन से चली वार्ता नहीं बनी सहमति – Barmer News




बाड़मेर में विरोध प्रदर्शन के दौरान शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने अपने ऊपर पेट्रोल छिड़क लिया। समर्थकों ने कपड़े से तुरंत पेट्रोल को पोंछ दिया। इसी दौरान वहां मौजूद पुलिसकर्मी विधायक भाटी और उनके समर्थकों को धक्के मारते हुए ले गए। भाटी एक बैग में अपने साथ पेट्रोल भरी बोतल लेकर आए थे। उन्होंने बैग से बोतल निकाली और खुद पर छिड़क ली। पुलिस उन्हें पकड़कर कलेक्ट्रेट के अंदर ले गई है। यहां कलेक्टर चिन्मयी गोपाल और एसपी चुनाराम जाट ने उनसे करीब 5 घंटे तक वार्ता की। भाटी ने मीडिया से बातचीत में कहा- लिग्नाइट माइंस के मजदूर लोगों के हक और अधिकार के लिए यह आंदोलन जारी रहेगा। आज प्रशासन के साथ वार्ता हुई है, जिसमें कई बातों पर सहमति बनी, लेकिन कुछ बातों पर अभी तक सहमति नहीं बनी है। कल बुधवार को फिर वार्ता का दौर शुरू होगा। उन्होंने कहा कि जब तक मजदूरों की मांगे नहीं मानी जाती है, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। जनप्रतिनिधियों को एसी के कमरों से बाहर निकलकर जनता के हक के लिए लड़ाई लड़नी चाहिए। 4 पॉइंट्स में समझ लीजिए पूरा मामला 1. दरअसल, मजदूरों की मांगों को लेकर विधायक रविंद्र सिंह भाटी 500 गाड़ियों के काफिले के साथ मंगलवार दोपहर गिरल गांव से कलेक्ट्रेट की तरफ कूच किया। कलेक्ट्रेट से 1 किमी पहले पुलिस ने बसें लगा कर भाटी का काफिला रोक लिया। 2. काफिला रोकने के बाद विधायक भाटी पैदल ही अपने समर्थकों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे। समर्थकों को पुलिस ने पकड़ा तो विधायक भाटी ने खुद पर पेट्रोल छिड़क लिया। 3. भाटी ने सोमवार को घोषणा की थी कि अगर मजदूरों की मांगें नहीं मानी जाती हैं तो वे मंगलवार को मजदूर आंदोलन करेंगे। 4. इससे एक दिन पहले हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए गिरल माइंस से लिग्नाइट परिवहन (ट्रांसपोर्टेशन) शुरू करने और वाहनों को सुरक्षा देने के निर्देश दिए थे। साथ ही एसपी और शिव थानाधिकारी से बाधा उत्पन्न करने वालों को गिरफ्तार करने के आदेश दिए थे। पहले पढ़िए मांगें देखें भाटी के कूच की तस्वीरें… क्यों हो रहा विरोध राजस्थान स्टेट माइंस एंड मिनरल्स लिमिटेड (RSMML) की गिरल में लिग्नाइट माइंस की ओर से थुंबली समेत आसपास के इलाकों में जमीन अधिग्रहण कर कोयला खनन किया जा रहा है। आरोप है कि कंपनी ने स्थानीय लोगों को रोजगार देने का वादा किया था, लेकिन अब युवाओं को नौकरी से निकाला जा रहा है। इसी से प्रभावित किसान और गांव के युवा 9 अप्रैल से गिरल गांव में धरने पर बैठे हैं। बाड़मेर जिले के गिरल लिग्नाइट माइंस में स्थानीय श्रमिकों, ड्राइवरों और ग्रामीणों का आंदोलन पिछले 39 दिन से जारी है। उनकी मांग है कि 8 घंटे की ड्यूटी लागू की जाए और नौकरी के लिए स्थानीय लोगों को प्राथमिकता दी जाए। राजस्थान सरकार का PSU है RSMML RSMML राजस्थान सरकार का एक सार्वजनिक उपक्रम (PSU) है, जो रॉक फॉस्फेट, लिग्नाइट, जिप्सम और लाइमस्टोन का खनन करती है। गिरल लिग्नाइट माइंस, बाड़मेर जिले के थुम्बली और गिरल गांव में स्थित है। इसे राजस्थान की पहली आधुनिक ओपनकास्ट (खुली) लिग्नाइट खदान भी माना जाता है। 1994 में RSMML द्वारा इस खदान की शुरुआत की गई थी। यह मुख्य रूप से लिग्नाइट का उत्पादन करती है, जो गिरल लिग्नाइट पावर प्लांट को ईंधन की सप्लाई करती है।



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