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देश के बड़े शहरों में 25-60% तक की पानी बर्बादी: मुंबई में भोपाल-इंदौर की जरूरत से ज्यादा पानी बर्बाद; इंदौर में 65% पानी लीकेज




देश के लगभग सभी बड़े शहरों में 25-60% तक पानी बर्बाद हो रहा है। या तो पेयजल लाइनों में बड़े लीकेज हैं या फिर पाइपलाइन में अवैध कनेक्शन जोड़ लिए गए हैं। हालात ये हैं कि मुंबई को रोज लगभग 3,850 एमएलडी (मिलियन लीटर रोज) पानी सप्लाई होता है। इसमें से करीब 30% लीकेज माना जाता है। रोज लगभग 1000 एमलडी पानी पाइपलाइन लीकेज व अन्य तरह से बेकार जा रहा है। ये बर्बाद पानी इंदौर-भोपाल की कुल रोजाना जरूरत से भी ज्यादा है। इन दोनों शहरों को रोज 900 एमएलडी ही पानी चाहिए। स्मार्ट सिटी और अमृत 2.0 जैसी परियोजनाओं के तहत 2016 में शहरी निकायों ने सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डेटा एक्विजिशन (एससीएडीए) प्रोजेक्ट शुरू किया था। इसके तहत लीकेज और चोरी वाले नॉन रिवेन्यू वाटर (एनआरडब्ल्यू) को घटाकर 20% पर लाने का लक्ष्य था। इस प्रोजेक्ट के तहत पिछले 10 साल में करीब 1.5 लाख करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं, फिर भी हालात नहीं बदले। भोपाल-इंदौर जैसे शहरों में पानी का लीकेज 35%-65% तक है। भोपाल ने तो 2021 तक ही पेयजल लीकेज 16% करने का दावा किया था। लेकिन कैग रिपोर्ट 2019 के मुताबिक भोपाल में वाटर लीकेज 48% है। इंदौर में 65% तक है। इंदौर में सबसे ज्यादा लीकेज सोर्स : अमृत 2.0 सिटी वॉटर प्लान, कैग, यूएन हेबिटेट अर्बन वाटर रिपोर्ट, सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट रिपोर्ट ऑन वॉटर। पानी पर कहां-कितना खर्च? इंदौर में जलूद से नर्मदा जल 70 किमी दूर शहर तक लाने और इसे 600 मीटर की ऊंचाई तक पंप करने पर प्रति हजार लीटर 29 रु. खर्च आता है। इसमें हर माह बिजली बिल ही 25 करोड़ का है। 65% पानी की बर्बादी के हिसाब से 15 करोड़ का नुकसान हो रहा है। मुंबई में 16,092 करोड़ खर्च करके जो पानी पहुंचाया जा रहा है, उसमें से करीब 4,500 करोड़ लीकेज और चोरी के कारण बर्बाद हो रहा है। बेंगलुरु में पानी सप्लाई का सालाना खर्च 10 हजार करोड़ रु. है। लीकेज 35% है। मतलब 3,500 करोड़ की बर्बादी। देश के 166 बड़े जलाशयों में 33% पानी बचा देश के प्रमुख 166 जलाशयों में 33% ही पानी है। पर शहर में रोजाना पेयजल की जरूरत 48% बढ़ चुकी है। सामान्य दिनों में शहरों में हर व्यक्ति को 135 लीटर पानी की जरूरत होती है। गर्मी में यह 200 लीटर तक जा रही है। 60 करोड़ शहरी पानी की कमी से जूझ रहे हैं। शहरों में पानी की बर्बादी के 5 बड़े कारण वाटर प्रोग्राम सीएसई की डॉयरेक्टर सुब्रता चक्रवर्ती के मुताबिक देश में लगभग पांच हजार शहरी निकाय हैं, जहां लीकेज रोकने के लिए इस तरह के उपाय करना बेहद जरूरी है। ———————————————- ये खबर भी पढ़ें… UP के बांदा में पारा 47°C, MP-राजस्थान समेत 11 राज्यों में 40° से 47° देश का अधिकांश हिस्सा तेज गर्मी और लू की चपेट में है। तेलंगाना में अब तक गर्मी और हीटवेव की वजह से 16 मौतें हो चुकी हैं। राज्य के राजस्व मंत्री श्रीनिवास रेड्डी ने यह जानकारी दी। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान समेत उत्तर, पश्चिम और मध्य भारत के 11 राज्यों में तापमान 40°C से 47°C के बीच रहा। पूरी खबर पढ़ें…



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