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बहाना होता था आईपीएल का मैच, निशाने पर होता था कुछ खास, फिर… नेपाल से मलेशिया तक फैला था नेटवर्क


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बहाना होता था IPL मैच, निशाने पर होता था कुछ खास, मलेशिया तक फैला था नेटवर्क

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दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने आईपीएल मैचों के दौरान महंगे मोबाइल फोन चोरी करने वाले एक बड़े इंटरनेशनल गैंग का पर्दाफाश किया है. पुलिस ने 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर 15 महंगे मोबाइल बरामद किए हैं, जिनमें 9 आईफोन शामिल हैं. जांच में खुलासा हुआ कि गैंग देशभर में होने वाले आईपीएल मैचों में पहुंचकर दर्शकों के मोबाइल चुराता था.

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आईपीएल मैच के दौरान मोबाइल पर हाथ साफ करने वाले गिरोह को दिल्‍ली पुलिस ने अरेस्‍ट किया है.

Delhi News: आईपीएल का मैच देखने के लिए हजारों लोग स्टेडियम पहुंचते हैं. इस भीड़ के बीच एक ऐसा गैंग भी एक्टिव रहता था, जिसका असली मकसद क्रिकेट नहीं, बल्कि महंगे मोबाइल फोन चुराना था. दिल्ली पुलिस ने अब ऐसे ही एक इंटरनेशनल गैंग का भंडाफोड़ किया है, जिसका नेटवर्क नेपाल से लेकर मलेशिया तक फैला हुआ था. दिल्ली क्राइम ब्रांच ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इनके पास से 15 महंगे मोबाइल फोन बरामद हुए हैं, जिनमें 9 आईफोन भी शामिल हैं.

पुलिस के मुताबिक यह गैंग जहां-जहां आईपीएल के मैच होते थे, वहां-वहां पहुंच जाता था. धर्मशाला, मोहाली, चंडीगढ़ समेत कई शहर इनके निशाने पर थे. पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी आम दर्शकों की तरह स्टेडियम में पहुंचते थे. मैच शुरू होते ही उनकी नजर लोगों के महंगे मोबाइल फोन पर रहती थी. जैसे ही मौका मिलता, वे भीड़ का फायदा उठाकर मोबाइल गायब कर देते थे. मैच खत्म होने के बाद आरोपी तुरंत दिल्ली लौट आते थे.

कैसे हुई आरोपियों की गिरफ्तारी
क्राइम ब्रांच को सूचना मिली थी कि धर्मशाला और मोहाली में हुए आईपीएल मैचों के दौरान मोबाइल चोरी करने वाले कुछ लोग दिल्ली वापस आ रहे हैं. इसके बाद 27-28 मई की रात सिंघु बॉर्डर के पास एमसीडी टोल पर जाल बिछाया गया. यहां एक किआ कैरेंस कार को रोककर तलाशी ली गई, जिसमें से चोरी के 15 मोबाइल फोन बरामद हुए. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अरबाज, नवीन कुमार उर्फ निक्कू, हेमराज उर्फ पुची और अब्दुल मुगनी उर्फ शैज के रूप में हुई है.

मोबाइलों को भेजा जाता था विदेश
पूछताछ में आरोपियों ने कई अहम खुलासे किए. सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि चोरी के मोबाइल सिर्फ दिल्ली में नहीं बेचे जाते थे. जांच के मुताबिक ये मोबाइल पहले दिल्ली के मल्‍कागंज इलाके में कामिल और आदिल नाम के लोगों तक पहुंचाए जाते थे. इसके बाद इन मोबाइलों को विदेशों तक भेजने का काम शुरू होता था. पुलिस के अनुसार नेपाल में मोबाइल भेजने के लिए बसों का इस्तेमाल किया जाता था. वहीं श्रीलंका, बांग्लादेश और मलेशिया जैसे देशों में कुरियर के जरिए मोबाइल पहुंचाए जाते थे.

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Anoop Kumar MishraAssistant Editor

Anoop Kumar Mishra is currently serving as Assistant Editor at News18 Hindi Digital, where he leads coverage of strategic domains including aviation, defence, paramilitary forces, international security affairs…और पढ़ें



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