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डिजिटल पेमेंट में भारत का नया रिकॉर्ड: UPI में 24 फीसदी की वृद्धि, मई में ₹30 लाख करोड़ का लेनदेन हुआ


भारत के डिजिटल भुगतान तंत्र में लगतार बढ़ोतरी देखी गई है। यह जानकारी नेशनल पेमेंट्स कॉर्पेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) की ओर से जारी आंकड़ो के अनुसार है। यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) लेनदेन की मात्रा में साल-दर-साल 24 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यह 23.20 बिलियन तक पहुंच गई है। वहीं, लेनदेन का मूल्य मई में 30 लाख करोड़ रुपये के करीब पहुंच गया है।

सालाना कितने प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई?


एनपीसीआई के अनुसार, इस महीने यूपीआई लेनदेन का मूल्य 29.90 लाख करोड़ रुपये रहा। वार्षिक आधार पर लेनदेन मूल्य में 19 प्रतिशत की वृद्धि हुई। औसतन, यूपीआई ने मई में प्रतिदिन लगभग 748 मिलियन लेनदेन संसाधित किए, जिसमें औसत दैनिक लेनदेन मूल्य लगभग 96,465 करोड़ रुपये रहा।

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हालांकि, महीने-दर-महीने के आधार पर, अप्रैल से यूपीआई लेनदेन की मात्रा में लगभग 3.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई। वहीं, लेनदेन मूल्य में लगभग 3 प्रतिशत की वृद्धि हुई। इसके अलावा, मई में तत्काल भुगतान सेवा (आईएमपीएस) के तहत 358 मिलियन लेनदेन हुए। वहीं, आधार-आधारित भुगतान प्रणाली (एईपीएस) के तहत मई में 88 मिलियन लेनदेन दर्ज किए गए।

अप्रैल में, डिजिटल भुगतान लेनदेन में पिछले वर्ष की तुलना में 25 प्रतिशत की वृद्धि हुई। यह आंकड़ा 22.35 अरब तक पहुंच गया। इन लेनदेनों का कुल मूल्य 29.03 लाख करोड़ रुपये था, जो वार्षिक आधार पर 21 प्रतिशत की वृद्धि को दिखाता  है। दैनिक आधार पर, लेनदेनों की औसत संख्या में भी वृद्धि हुई और अप्रैल में यह 745 मिलियन तक पहुंच गई (मार्च में यह 730 मिलियन थी)।

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एक दशक में कितनी वृद्धि हुई?


गौरतलब है कि यूपीआई अब यूएई, सिंगापुर, भूटान, नेपाल, श्रीलंका, फ्रांस, मॉरीशस और कतर सहित आठ से अधिक देशों में लाइव है, जो भारत को डिजिटल भुगतान में वैश्विक नेता के रूप में स्थापित करता है। सरकार के अनुसार, भारत के प्रमुख डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म ने पिछले एक दशक में लेनदेन की मात्रा में असाधारण रूप से 12,000 गुना वृद्धि दर्ज की है।

इसमें आगे कहा गया है कि वित्त वर्ष 2016-17 में मात्र 2 करोड़ लेनदेन के मामूली आधार से हुई है। वहीं, प्लेटफॉर्म ने वित्त वर्ष 2025-26 में 24,162 करोड़ से अधिक लेनदेन संसाधित किए। एनपीसीआई की ओर से संचालित यूपीआई, भारत की प्रमुख रीयल-टाइम भुगतान प्रणाली के रूप में उभरी है, जो मोबाइल-आधारित प्लेटफार्मों के माध्यम से बैंकों के बीच तत्काल धन हस्तांतरण को सक्षम बनाती है।

 



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