Homeअपराधकमीशन के लालच में चाचा बना साइबर ठग भतीजे का साथी, बैंक...

कमीशन के लालच में चाचा बना साइबर ठग भतीजे का साथी, बैंक खाता देकर पहुंचाता रहा रकम, ऐसे हुआ खुलासा


होमताजा खबरक्राइम

चाचा बना साइबर ठग भतीजे का साथी, बैंक खाता देकर पहुंचाता रहा रकम, ऐसे खुला राज

Last Updated:

Alwar Cyber ​​Fraud Network: अलवर जिले के गोविंदगढ़ थाना क्षेत्र में पुलिस ने साइबर ठगी के एक ऐसे मामले का खुलासा किया है, जिसमें एक चाचा अपने ही भतीजे की साइबर अपराध गतिविधियों में सहयोग करता मिला. पुलिस ने छतरपुर निवासी मौसम खान को गिरफ्तार किया है, जो अपने भतीजे फैजान को बैंक खाता और गूगल पे अकाउंट उपलब्ध कराकर ठगी की रकम को ठिकाने लगाने में मदद करता था. जांच में सामने आया कि फैजान ऑनलाइन साइबर ठगी करता था और लोगों से ठगी गई रकम मौसम खान के बैंक खाते में जमा करवाई जाती थी. इसके बाद राशि को विभिन्न माध्यमों से आगे ट्रांसफर किया जाता था. आरोपी चाचा को इसके बदले जमा राशि का लगभग 10 प्रतिशत कमीशन मिलता था. पुलिस ने बैंक लेनदेन और संदिग्ध खातों की जांच के दौरान इस नेटवर्क का खुलासा किया. फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है और पुलिस पूरे गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है.

ख़बरें फटाफट

Zoom

अलवर में कमीशन के लालच में चाचा बना साइबर ठग भतीजे का साथी

अलवर. राजस्थान के अलवर जिले के गोविंदगढ़ थाना क्षेत्र में पुलिस ने साइबर ठगी के एक ऐसे नेटवर्क का खुलासा किया है, जिसमें एक चाचा ने अपने ही भतीजे को साइबर अपराध से दूर रखने के बजाय लालच में उसका सहयोगी बनना स्वीकार कर लिया. आरोपी भतीजा ऑनलाइन साइबर ठगी करता था, जबकि चाचा अपना बैंक खाता और डिजिटल भुगतान सुविधाएं उपलब्ध कराकर ठगी की रकम को ठिकाने लगाने में मदद करता था. पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है.

गोविंदगढ़ थानाधिकारी धर्म सिंह ने बताया कि पुलिस ने मौसम खान निवासी अखैसिंह का वास, छतरपुर को गिरफ्तार किया है. प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि मौसम खान अपने भतीजे फैजान निवासी छतरपुर के साथ साइबर फ्रॉड से जुड़े कार्यों में सहयोग करता था. जांच में पता चला कि फैजान ऑनलाइन ठगी की वारदातों को अंजाम देता था और ठगी से प्राप्त रकम को विभिन्न खातों में ट्रांसफर कराता था.

लालच में मौसम खान ने प्रस्ताव को कर लिया स्वीकार

पुलिस के अनुसार, फैजान ने अपने चाचा मौसम खान से संपर्क कर कहा था कि साइबर ठगी से प्राप्त रकम को जमा कराने के लिए उसे एक बैंक खाते की जरूरत है. उसने अपने चाचा को भरोसा दिलाया कि यदि वह अपना बैंक खाता उपलब्ध करा देगा तो बदले में उसे कमीशन दिया जाएगा. अतिरिक्त आय के लालच में मौसम खान इस प्रस्ताव के लिए तैयार हो गया. इसके बाद आरोपी ने अपना मोबाइल फोन और उससे संचालित पंजाब नेशनल बैंक खाते से जुड़ा गूगल पे अकाउंट भतीजे को सौंप दिया. भतीजा साइबर ठगी के जरिए लोगों से ठगी गई रकम इस खाते में जमा कराता रहा. खाते में आने वाली रकम को बाद में विभिन्न माध्यमों से निकालकर आगे भेजा जाता था, जिससे ठगी के पैसों का स्रोत छिपाया जा सके.

जमा राशि का 10 प्रतिशत हिस्सा कमीशन के रूप में मिलता था

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि खाते के उपयोग के बदले मौसम खान को जमा राशि का लगभग 10 प्रतिशत हिस्सा कमीशन के रूप में मिलता था. इसी लालच में वह लंबे समय तक अपने भतीजे की गतिविधियों में सहयोग करता रहा. साइबर ठगी के मामलों की जांच के दौरान जब संदिग्ध बैंक खातों और लेनदेन की पड़ताल की गई तो पुलिस की नजर इस खाते पर पड़ी और पूरे नेटवर्क का खुलासा हो गया.

पुलिस आरोपी से कर रही है पूछताछ

फिलहाल पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि साइबर ठगी के इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं. साथ ही ठगी की कुल रकम और पीड़ितों की संख्या का भी आकलन किया जा रहा है. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी लालच में आकर अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, मोबाइल नंबर या डिजिटल भुगतान अकाउंट किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग के लिए न दें, क्योंकि ऐसा करना भी अपराध की श्रेणी में आ सकता है.

About the Author

authorimg

deep ranjan

दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से News18 हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें



Source link

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img

Most Popular

Recent Comments