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Best Tourist Places Agra : आगरा की पहचान ताजमहल से है, लेकिन यहां कई ऐसी इमारतें भी हैं, जो शाहजहां और मुमताज की प्रेम निशानी से कम नहीं. इन इमारतों की कारीगरी देखते ही बनती है. अगर आप आगरा आ रहे हैं, तो ताजमहल के साथ-साथ यहां भी जाना न भूलें. इन दिनों जब भीषण गर्मी में ताजमहल तप रहा है, इन इमारतों में आपको सुकून मिलेगा. यहां पहुंचने के बाद लौटने का मन नहीं करेगा. जो एक बार आ गया, बार-बार आएगा. लोकल 18 ने ऐसी ही आठ जगहों के बारे में आगरा के गाइड शमसुद्दीन खान से बात की. इन जगहों में आगरा का लाल ताजमहल, मरियम मकबरा, जसवंत सिंह की छतरी, सादिक खां और सालाबत खां का मकबरा, अकबर का मकबरा, मौनी बाबा का आश्रम और ढाकरी का महल शामिल हैं.
अगर आप भी गर्मियों की छुट्टियों में आगरा घूमने का प्लान बना रहे हैं तो आज हम आपको आगरा की ऐसी टॉप जगहों के बारे में बताएंगे, जहां आप गर्मियों के बीच भी भरपूर इंजॉय कर सकते हैं. ऐसी ही जगहों में शामिल है, आगरा का लाल ताजमहल. इसे आगरा का दूसरा ताजमहल भी कहा जाता है. यह आगरा के दीवानी कोर्ट के ठीक सामने बना हुआ है. यहां बड़े-बड़े पेड़ पौधे होने के कारण ठंडक का अहसास होता है. आप यहां जाकर इस इमारत का दीदार कर इसका इतिहास भी जान सकते हैं.

इस समय जब गर्मी चरम पर है, लोग घूमने के लिए घर से कम ही निकलते हैं, लेकिन इसकी फिक्र छोड़िए. गर्मियों के समय आप आगरा के सिकंदरा स्थित मरियम के मकबरे में भी घूम सकते है. यह इमारत बेहद शांत और स्वच्छ होने के साथ बेहद ठंडी रहती है. यहां अंदर ठंडी हवाओं का अहसास होता है. गर्मियों में स्थानीय लोग यहां आकर बैठेते हैं.

आगरा गाइड शमसुद्दीन खान लोकल 18 से बताते हैं कि आगरा के ब्लकेश्वर क्षेत्र में स्थित जसवंत सिंह की छतरी एक शांत और शानदार स्थान है. यमुना किनारे और विशाल वृक्ष होने के कारण यह स्थान गर्मियों में ठंडक देता है. इस इमारत के अंदर एक मंदिर बना हुआ है, जहां लोग पूजा करते हैं. मुगलों के गढ़ में इस हिंदू इमारत की अलग ही छाप देखने को मिलती है.
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आगरा के अशोका हॉस्पिटल के पास स्थित सादिक खां और सालाबत खां का मकबरा है. इस मकबरे को 64 खम्बा इमारत भी कहा जाता है. मकबरे के पास ही एक खम्बे की इमारत बनी हुई है. चारों ओर से खुला होने के कारण यहां ठंडी हवाओं का अहसास होता है. दोपहर के समय आसपास के लोग इसी इमारत में आकर गर्मी से राहत पाते हैं.

गाइड शमसुद्दीन खान बताते हैं कि आगरा के सिकंदरा चौराहे पर स्थित अकबर के मकबरे को देखने लोग दूर-दूर से आते हैं. अकबर की कब्र के स्थान पर ऐसे रोशनदान बने हुए हैं, जहां से आज भी ठंडी हवाएं अंदर आती हैं. लोग इसे देखकर हैरान होते हैं कि इतने साल पुरानी इमारत में ऐसी वैज्ञानिक कारीगरी कैसे की गई होगी.

गाइड शमसुद्दीन खान के मुताबिक, आगरा के कैलाश गांव के पास मौनी बाबा का आश्रम है. जहां कई बड़े-बड़े पेड़ लगे हैं. आश्रम के बगल से यमुना नदी बहती है. यहां प्राचीन शिव मंदिर भी है. बड़े-बड़े पेड़ होने के कारण यहां गर्मियों में भी ठंडक रहती है. मिट्टी की खुश्बू से लोगों को अपने गांव की याद आती है. जो एक बार यहां आ गया, दोबारा खिंचा चला आता है.

गाइड शमसुद्दीन खान बताते हैं कि आगरा के बाहरी क्षेत्र में यमुना किनारे पेड़ के नीचे बैठना लोगों को काफी पसंद है. यहां आकर्षित नजारे देखते ही बनते हैं. ऊंचे-ऊंचे चंबल के पहाड़ और यमुना का किनारा, गर्मियों में वरदान की तरह है. फुर्सत के समय में यहां लोग दौड़े चले आते हैं. ज्यादा भीड़भाड़ न होना, इस जगह को और आरामदायक बनाता है.

आगरा के गढ़ी भदौरिया क्षेत्र में बना ढाकरी का महल भी काफी आकर्षक है. गाइड शमसुद्दीन खान के मुताबिक, यह इमारत बादशाह अकबर की पत्नी की बताई जाती है. इस इमारत के अंदर ऐसी कुशल कारीगरी की गई है कि तेज धूप होने के बाद भी अंदर ठंडी हवाएं आती हैं. ऐसे-ऐसे रोशनदान हैं कि बिना बिजली के भी यहां उजाला हमेशा झांकता रहता है.



