ऑफिस जा रहे आशीष ने जैसे ही मोबाइल पर आए मैसेज को देखा, पसीना छूट गया। काम की व्यस्तता और समय की कमी के चलते आशीष अपनी जीवन बीमा पॉलिसी का प्रीमियम भरना ही भूल गए, जिससे पॉलिसी लैप्स होने वाली थी। आशीष अकेले नहीं हैं। आज हर किसी के पास जीवन, स्वास्थ्य, मोटर मिलाकर दो से ज्यादा बीमा पॉलिसियां हैं। ऐसे में अलग-अलग पॉलिसियों का रिकॉर्ड रखना, प्रमियम की तारीख याद रखना और समय पर रिन्यूअल कराना बड़ी सिरददी बन जाता है। अब इसी समस्या का स्थायी इलाज करने के लिए बीमा जगत में एक नई और आधुनिक अवधारणा तेजी से उभर रही है, जिसे एकीकृत बीमा समाधान कहा जाता है।
क्या है एकीकृत बीमा समाधान ?
एकीकृत बीमा पॉलिसी का अर्थ है, ग्राहक की विभिन्न बीमा जरूरतों को एक ही पॉलिसी स्ट्रक्चर के अंतर्गत प्रबंधित करना। इसमें जीवन बीमा, स्वास्थ्य बीमा, मोटर बीमा, व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा, घर का बीमा और अन्य सामान्य बीमा कवर को एक साथ जोड़ा जा सकता है। हालांकि भारत में अभी ऐसी एकल पॉलिसी का चलन बहुत सीमित है। मौजूदा समय में एचडीएफसी लाइफ, एचडीएफसी इर्गों जनरल इंश्योरेंस, आईसीआईसीआई – पूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस, आईसीआईसीआई लोम्बार्ड, बजाज आलियांज जनरल इंश्योरेंस, टाटा एआईए लाइफ और एसबीआई लाइफ जैसी कुछ ही बीमा कंपनियां बंडल्ड या एकीकृत बीमा समाधान प्रदान कर रही हैं। यहां ग्राहक अपनी विभिन्न पॉलिसियों को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म या एक ही रिलेशनशिप के अंतर्गत संचालित कर सकते हैं।



