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Baba Barfani Darshan: राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में स्थित एक अनोखा मंदिर अपनी विशेष धार्मिक परंपरा और आकर्षक सजावट के कारण श्रद्धालुओं के बीच खास पहचान रखता है. वर्ष में एक बार यह मंदिर यमुना नदी के स्वरूप में सजाया जाता है, जिससे यहां आने वाले भक्तों को एक अद्भुत आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त होता है. इस विशेष आयोजन के दौरान मंदिर परिसर में नौका विहार की व्यवस्था की जाती है, जो श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण का केंद्र बनती है. इसके साथ ही बाबा बर्फानी की भव्य झांकी और विशेष दर्शन लोगों की आस्था को और मजबूत करते हैं. रंग-बिरंगी सजावट, धार्मिक कार्यक्रम और भक्ति से सराबोर माहौल इस आयोजन को यादगार बना देते हैं. दूर-दूर से श्रद्धालु इस अनूठे दृश्य को देखने और पूजा-अर्चना करने पहुंचते हैं.
भीलवाड़ा: भीलवाड़ा शहर के बालाजी मार्केट स्थित प्रसिद्ध पेच के बालाजी मंदिर में पुरुषोत्तम मास के अवसर पर एक अनूठी धार्मिक परंपरा का आयोजन किया गया. इस विशेष आयोजन में मंदिर परिसर को यमुना नदी का स्वरूप दिया गया, जहां भगवान ठाकुरजी का भव्य नौका विहार कराया गया. साल में एक बार होने वाले इस आयोजन को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे और धार्मिक माहौल में भक्ति रस का आनंद लिया. मंदिर में श्रीराम दरबार के सामने 21 हजार लीटर क्षमता का कृत्रिम कुंड तैयार किया गया. इस कुंड को यमुना नदी का भाव देकर उसमें पवित्र नदियों का जल भरा गया.
इसके बाद सुंदर फूलों से सजी नौका में लड्डू गोपाल को विराजित कर उनका पूजन किया गया और नौका विहार कराया गया. शाम को शुरू हुआ यह धार्मिक आयोजन देर रात तक चलता रहा. श्रद्धालुओं ने भगवान के नौका विहार के दर्शन कर पुण्य लाभ प्राप्त किया.
नाव मनोरथ का आयोजन किया जा रहा
मंदिर के पुजारी आशुतोष शर्मा ने बताया कि जेठ माह की भीषण गर्मी में भगवान को शीतलता प्रदान करने और वृंदावन की परंपराओं को जीवंत रखने के उद्देश्य से हर वर्ष यह आयोजन किया जाता है. वल्लभ संप्रदाय की प्रधान पीठ श्रीनाथजी मंदिर की तर्ज पर यहां पिछले कई वर्षों से नाव मनोरथ का आयोजन किया जा रहा है, जिसे लेकर भक्तों में विशेष उत्साह रहता है.
भगवान हनुमान का भी विशेष श्रृंगार किया
इस अवसर पर मंदिर में भगवान हनुमान का भी विशेष श्रृंगार किया गया. हनुमानजी को बाबा अमरनाथ के स्वरूप में सजाते हुए 51 बर्फ की सिल्लियों के बीच विराजित किया गया. विशेष चोला धारण कराए गए बालाजी महाराज के बाबा बर्फानी स्वरूप के दर्शन श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बने रहे. गर्मी से राहत देने और भगवान को शीतलता प्रदान करने के भाव से यह अनूठा श्रृंगार किया गया. आयोजन को भव्य बनाने के लिए जयपुर से 25 किलो मोगरे के फूल और एकलिंगजी से 1008 कमल के फूल मंगवाए गए. इन फूलों से नौका, कुंड और मंदिर का आकर्षक श्रृंगार किया गया. वहीं श्रद्धालुओं के लिए 2100 किलो आम से आमरस तैयार किया गया, जिसका वितरण आरती के बाद प्रसाद के रूप में किया गया. पूरे दिन मंदिर परिसर में भक्तों की भारी भीड़ रही और भक्ति, श्रद्धा तथा उत्साह का माहौल देखने को मिला.
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