Australia Woman India Trip: भारत को विविधताओं का देश कहा जाता है. यहां की संस्कृति, खानपान, परंपराएं और लोगों का व्यवहार दुनिया भर के पर्यटकों को आकर्षित करता है. अक्सर विदेशी यात्री भारत की यात्रा के बाद यहां के अनुभवों को सोशल मीडिया पर साझा करते हैं. हाल ही में एक ऑस्ट्रेलियाई युवती ने भी ऐसा ही किया और उसकी बातों ने लाखों लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया. एक महीने तक भारत में अकेले यात्रा करने वाली इस युवती ने कहा कि उसने दुनिया के कई देशों का दौरा किया है, लेकिन भारत में लोगों से जो अपनापन और मदद मिली, उसने उसे इस देश का प्रशंसक बना दिया. युवती का कहना है कि यहां अजनबी लोग भी बिना किसी स्वार्थ के मदद के लिए आगे आते हैं और यही बात भारत को खास बनाती है.
सोलो ट्रिप पर आई थी भारत
ऑस्ट्रेलिया की रहने वाली पेज नाम की युवती सोशल मीडिया पर अपने ट्रैवल वीडियो साझा करती हैं. उन्होंने हाल ही में एक वीडियो पोस्ट किया जिसमें भारत यात्रा के दौरान हुए कुछ ऐसे अनुभव बताए, जिन्हें वह कभी नहीं भूल पाएंगी. पेज ने बताया कि वह एक महीने तक भारत के अलग-अलग हिस्सों में अकेले घूमीं. शुरुआत में उन्हें थोड़ी घबराहट थी क्योंकि वह एक सोलो महिला यात्री थीं, लेकिन यहां आने के बाद उनकी सोच पूरी तरह बदल गई.
दिल्ली में उबर ड्राइवर ने की मदद
पेज ने अपने वीडियो में बताया कि जब वह दिल्ली पहुंचीं तो रात काफी हो चुकी थी. जिस इलाके में उनका होटल था, वहां कुछ रास्ते पैदल चलने वालों के लिए बंद थे. ऐसे में उनके उबर ड्राइवर ने केवल उन्हें उतारकर जाने के बजाय खुद उनके साथ होटल तक पैदल चलकर पहुंचाया. ड्राइवर यह सुनिश्चित करना चाहता था कि वह सुरक्षित तरीके से अपने होटल पहुंच जाएं. पेज ने कहा कि यह छोटा सा कदम उनके लिए बहुत मायने रखता था क्योंकि वह उस समय शहर में अकेली थीं.
मेडिकल स्टोर पर मिला अलग अनुभव
भारत यात्रा के दौरान एक और घटना ने उनका दिल जीत लिया. पेज ने बताया कि वह एक मेडिकल स्टोर पर कुछ सामान खरीदने गई थीं. जब भुगतान करने का समय आया तो दुकानदार के पास बाकी पैसे लौटाने के लिए छुट्टे नहीं थे. आमतौर पर लोग ऐसी स्थिति में ग्राहक को बाद में आने के लिए कह सकते हैं, लेकिन वहां मौजूद दुकानदार ने उन्हें एक हैंड सैनिटाइजर की बोतल दे दी ताकि पैसे की कमी पूरी हो सके. यह व्यवहार उन्हें बेहद खास लगा.
रास्ता भटकने पर मिली मदद
पेज ने बताया कि एक बार वह रास्ता भटक गई थीं और उन्हें बस स्टेशन ढूंढने में परेशानी हो रही थी. तभी एक स्थानीय महिला ने न केवल उन्हें सही रास्ता बताया बल्कि खुद उनके साथ बस स्टेशन तक चलकर गई. इस घटना ने उन्हें महसूस कराया कि भारत में लोग दूसरों की मदद करने में खुशी महसूस करते हैं.
बारिश में फंसी तो मिला स्कूटर का सहारा
यात्रा के दौरान एक और यादगार अनुभव तब हुआ जब वह बारिश में फंस गईं. पेज के अनुसार, एक रेस्टोरेंट मालिक ने उनकी परेशानी देखी और उन्हें अपने स्कूटर पर बैठाकर उनकी मंजिल तक छोड़ने की पेशकश की. उन्होंने कहा कि ऐसे अनुभव विदेश में बहुत कम देखने को मिलते हैं.
बुजुर्ग महिला ने खिलाए पकौड़े
भारत के खाने का स्वाद दुनिया भर में मशहूर है. पेज ने बताया कि एक बुजुर्ग महिला ने उन्हें पकौड़े खाने के लिए दिए और कहा कि भारत आकर यह स्वाद जरूर चखना चाहिए. यह घटना उनके लिए केवल खाने तक सीमित नहीं थी बल्कि उसमें छिपा अपनापन और स्नेह उन्हें लंबे समय तक याद रहेगा.
सोशल मीडिया पर लोगों ने की तारीफ
पेज का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. हजारों लोगों ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी. कई लोगों ने भारतीय संस्कृति के प्रसिद्ध वाक्य “अतिथि देवो भव” का जिक्र किया. लोगों का कहना था कि भारत में मेहमानों को भगवान के समान माना जाता है और यही भावना आज भी समाज में कहीं न कहीं जीवित है.
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